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रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हमला: 12 की मौत, 309 घायल; हूती-सऊदी संघर्ष तेज

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रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हमला: 12 की मौत, 309 घायल; हूती-सऊदी संघर्ष तेज

सारांश

रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हमला महज एक घटना नहीं — यह 2022 के युद्धविराम के बाद सबसे बड़ी सैन्य बढ़ोतरी का संकेत है। 12 मौतें, 309 घायल और बाब-अल-मंदेब पर बढ़ता तनाव बताता है कि यमन संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ गया है।

मुख्य बातें

रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार दोपहर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोग घायल हुए।
मृतकों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल हैं — जिनमें दो बांग्लादेशी तथा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन व सूडान के नागरिक हैं।
हूती समूह ने हमले के बाद पारस्परिक संयम का प्रस्ताव रखा, लेकिन साथ ही सना हवाई अड्डे और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र पर सऊदी हमलों की सूचना दी।
यमनी सरकारी सेना के दावे के अनुसार 24 घंटों में 1,900 से अधिक हमलों में 1,150 से ज़्यादा हूती लड़ाके हताहत हुए — हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
यह संघर्ष 2022 के संयुक्त राष्ट्र-मध्यस्थ युद्धविराम के बाद की सबसे बड़ी सैन्य बढ़ोतरी मानी जा रही है।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार दोपहर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 309 लोग घायल हो गए। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने रविवार तड़के जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच प्रमुख हवाई अड्डों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर हमलों का दौर लगातार जारी है।

हमले में हताहतों का विवरण

विमानन प्राधिकरण के अनुसार, 12 मृतकों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल हैं। विदेशी मृतकों में दो बांग्लादेशी नागरिक तथा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। 309 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राधिकरण ने बताया कि नुकसान के आकलन और सुरक्षा जाँच पूरी होने तक हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।

हूती समूह का रुख और जवाबी हमले

हमले के बाद हूती समूह ने एक बयान जारी कर कहा कि वह सऊदी अरब के साथ 'पारस्परिक कदम' उठाने को तैयार है, ताकि हवाई अड्डे, बंदरगाह और मानवीय सहायता से जुड़ी सुविधाएँ बढ़ते सैन्य टकराव की जद से बाहर रह सकें। हूती समर्थित अल-मसीरा टीवी ने बताया कि सऊदी अरब ने हूती नियंत्रित इलाकों में हवाई और मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू की है।

इन हमलों में हूती नियंत्रण वाली राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के निकटवर्ती क्षेत्रों और यमन के कई उत्तरी प्रांतों को निशाना बनाया गया।

यमन के मोर्चों पर भीषण लड़ाई

यमनी सरकारी सेना ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में देश के कई मोर्चों पर किए गए 1,900 से अधिक हमलों में 1,150 से ज़्यादा हूती लड़ाके मारे गए या लड़ाई से बाहर हो गए, जबकि 180 से अधिक सैन्य और रसद वाहन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए। हालाँकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

सरकारी सैन्य सूत्रों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज़ के आसपास भी लड़ाई तेज हो गई है। हूती लड़ाकों की बढ़त से शहर की रक्षा कर रही सरकारी सेना पर दबाव बढ़ रहा है और दक्षिणी यमन के सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों से जुड़ी अहम सड़कों पर भी असर पड़ा है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन 2014 के अंत से संघर्ष की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और देश के उत्तरी हिस्से के बड़े भाग पर कब्जा कर लिया था। 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया। यह सरकार फिलहाल दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से काम कर रही है।

गौरतलब है कि 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा काफी हद तक थम गई थी। ताज़ा लड़ाई को उस युद्धविराम के बाद की सबसे बड़ी बढ़ोतरी माना जा रहा है।

आगे क्या

सऊदी हवाई हमलों के समर्थन से यमनी सरकार ने सोमवार को बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसका मकसद हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों को वापस अपने कब्जे में लेना है। सबसे तीखी लड़ाई बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास देखी जा रही है — यह जलमार्ग वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बंदरगाह — सैन्य दबाव का औज़ार बन चुका है। हूती समूह का 'पारस्परिक संयम' का प्रस्ताव कूटनीतिक संकेत है या रणनीतिक विराम, यह स्पष्ट नहीं। असली चिंता बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट है — अगर यह जलमार्ग अस्थिर होता है तो वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा। 2022 का युद्धविराम जिस नाजुक आधार पर टिका था, वह अब दरक रहा है — और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की अनुपस्थिति इस संकट को और गहरा कर सकती है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हमले में कितने लोग मारे गए?
सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के अनुसार, शनिवार दोपहर हुए इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। मृतकों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल हैं।
रियाद हवाई अड्डे पर हमले की जिम्मेदारी किसने ली?
हमले के बाद यमन के हूती समूह ने बयान जारी किया और सऊदी अरब के साथ पारस्परिक संयम का प्रस्ताव रखा। हालाँकि, हूती समूह और सऊदी अरब दोनों एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।
यमन में हूती और सऊदी अरब के बीच संघर्ष कब से चल रहा है?
यमन 2014 के अंत से संघर्ष की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा किया था। 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमनी सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया, और 2022 में संयुक्त राष्ट्र-मध्यस्थ युद्धविराम के बाद ताज़ा बढ़ोतरी सबसे बड़ी मानी जा रही है।
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट इस संघर्ष में क्यों महत्वपूर्ण है?
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। इस क्षेत्र में सबसे तीखी लड़ाई देखी जा रही है और इसके अस्थिर होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा असर पड़ सकता है।
रियाद हवाई अड्डे के हमले में मारे गए विदेशी नागरिक किन देशों के थे?
आठ विदेशी मृतकों में दो बांग्लादेशी नागरिक तथा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। यह जानकारी सऊदी विमानन प्राधिकरण ने दी।
राष्ट्र प्रेस
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