रियाद हवाई अड्डा हमला: हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली की मौत, 3 भारतीय आईसीयू में, दूतावास सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में हैदराबाद निवासी मोहम्मद यूसुफ अली की रियाद के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 3 भारतीय नागरिक अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं — हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने 12 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि दूतावास के अधिकारियों ने उन सभी अस्पतालों का दौरा किया है जहाँ घायल भारतीय नागरिकों का उपचार चल रहा है। इस हमले में कुल 11 भारतीय नागरिक घायल हुए थे, और अब एक की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है।
हमले का विवरण और भारतीयों पर असर
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए इस हमले में कुल 12 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में सऊदी अरब के 4, बांग्लादेश के 2, और फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल थे। सऊदी अरब ने इस हमले की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों पर डाली है।
भारतीय पीड़ितों में मोहम्मद यूसुफ अली का पूरा परिवार था। यूसुफ अली हमले में घायल हुए और बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनके परिवार के तीन अन्य सदस्य भी हमले में घायल हुए।
परिवार की स्थिति — ओवैसी की जानकारी
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूसुफ अली की मृत्यु की पुष्टि की। ओवैसी के अनुसार, यूसुफ अली के एक बेटे की घुटने की सर्जरी की जरूरत पड़ी, जबकि दूसरे बेटे के पैर की तीन उंगलियाँ काटनी पड़ीं। यूसुफ अली की पत्नी और बेटी सुरक्षित हैं। उनके साथ मौजूद चाची के सिर में चोट आई थी, किंतु अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
ओवैसी ने बताया कि वे रियाद में यूसुफ अली के साले के संपर्क में हैं और भारतीय दूतावास के उप प्रमुख ने परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से परिवार की सहायता का आग्रह भी किया।
दूतावास और सरकार की प्रतिक्रिया
भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा कि 'हमारे अधिकारियों ने उन सभी अस्पतालों का दौरा किया है जहाँ घायल भारतीय नागरिकों को भर्ती कराया गया है। दुर्भाग्यवश आज एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई; 3 आईसीयू में हैं लेकिन हालत स्थिर है; 2 सामान्य वार्ड में भर्ती हैं, जबकि अन्य को छुट्टी दे दी गई है।' दूतावास ने सऊदी अधिकारियों को चिकित्सा सहायता के लिए धन्यवाद दिया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
दूतावास ने यह भी कहा कि वह पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय दूतावास परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा।
व्यापक संदर्भ
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव पहले से ऊँचा है और हूती विद्रोहियों की गतिविधियाँ बढ़ी हैं। गौरतलब है कि सऊदी अरब में लाखों भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं, और इस क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना का सीधा असर भारतीय समुदाय पर पड़ता है। यह घटना प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर फिर से चर्चा का केंद्र बन गई है।
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह स्थानीय प्रशासन और अस्पताल अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। आने वाले दिनों में शेष घायलों की स्थिति और पार्थिव शरीर की वापसी पर नज़र बनी रहेगी।