रियाद एयरपोर्ट हमले में 12 मौतें, 309 घायल; भारत ने की कड़ी निंदा, सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 11 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 309 से अधिक लोग घायल हो गए। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि नागरिकों और नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने वाले ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं, और सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के प्रति अपनी एकजुटता भी जताई।
हमले का घटनाक्रम
सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के अनुसार, यह हमला शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को दोपहर के समय किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ। हमले के तत्काल बाद हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया, और नुकसान के आकलन व सुरक्षा जाँच पूरी होने तक यही स्थिति बनी रही। मृतकों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल हैं — इनमें दो बांग्लादेशी नागरिक तथा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। प्राधिकरण ने बताया कि घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'हम पिछले कुछ दिनों से रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हो रहे लगातार हमलों और विशेष रूप से 10 अक्टूबर को हुए कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हैं। इन हमलों में लोगों की जान गई है, कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को नुकसान पहुँचा है।' मंत्रालय ने आगे कहा, 'नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर बार-बार किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद होना चाहिए।' MEA ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
हूती संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन के हूती समूह की ओर से सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का सिलसिला जारी है। गौरतलब है कि शनिवार के हमले के बाद हूती समूह ने एक बयान जारी कर कहा कि वह सऊदी अरब के साथ ऐसे कदम उठाने को तैयार है जिससे हवाई अड्डों, बंदरगाहों और मानवीय सहायता से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ते सैन्य टकराव से दूर रखा जा सके। वहीं, हूती समर्थित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, सऊदी अरब ने यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों में हवाई और मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू की है, जिसमें हूती-नियंत्रित राजधानी सना का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रणनीतिक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के क्षेत्र और कई उत्तरी प्रांत निशाने पर रहे।
भारत-सऊदी संबंधों का संदर्भ
भारत और सऊदी अरब के बीच गहरे आर्थिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध हैं। सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं, और यह क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में रियाद जैसे केंद्रीय शहर में हो रही हिंसा नई दिल्ली के लिए सीधी चिंता का विषय है। यह भी उल्लेखनीय है कि यह भारत की ओर से इस तरह के क्षेत्रीय संघर्षों में दी गई स्पष्ट एवं सीधी प्रतिक्रिया है, जो इस क्षेत्र के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती है।
आगे की स्थिति
सऊदी विमानन प्राधिकरण ने हवाई अड्डे की संचालन बहाली की कोई निश्चित समयसीमा अभी तक नहीं बताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यमन संघर्ष में दोनों पक्षों के बीच जारी तनाव के बीच क्षेत्र में स्थायी शांति की संभावनाएँ फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं।