रियाद हवाई अड्डे पर हूती हमला: नेतन्याहू की कड़ी निंदा, 12 की मौत, 309 घायल
सारांश
मुख्य बातें
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। 12 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद का मकसद डर फैलाना और स्थिरता को कमज़ोर करना है, और इसका मज़बूती तथा दृढ़ता के साथ मुकाबला किया जाना चाहिए। ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह द्वारा अंजाम दिए गए इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 309 से अधिक लोग घायल हो गए।
हमले का विवरण और हताहतों की संख्या
शनिवार दोपहर को हुए इस हमले की आधिकारिक जानकारी सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने रविवार को दी। प्राधिकरण के अनुसार, मृतकों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल हैं। मारे गए विदेशी नागरिकों में दो बांग्लादेशी और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं। 309 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
नेतन्याहू का बयान और इज़रायल की स्थिति
नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, 'मैं सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए इस भयावह आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। इस हमले में 12 निर्दोष लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इज़रायल की जनता की ओर से मैं पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।' उन्होंने आगे कहा कि इज़रायल एक ऐसे मज़बूत मध्य पूर्व की उम्मीद करता है जो खतरों के सामने एकजुट होकर खड़ा हो और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, सहयोग और समृद्धि का भविष्य बनाए।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इस हमले को 'बेहद दुखद घटना' करार दिया और कहा कि वह सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से इस विषय पर बात करेंगे। हालांकि, रविवार शाम तक दोनों नेताओं के बीच हुई किसी बातचीत का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया था।
हूती हमलों की पृष्ठभूमि
उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखने वाला ईरान समर्थित हूती समूह इस महीने सऊदी नेतृत्व वाला सैन्य अभियान फिर शुरू होने के बाद से सऊदी हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल सुविधाओं पर हमले तेज़ कर चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही चरम पर है और कई मोर्चों पर संघर्ष जारी है। गौरतलब है कि हूती समूह इससे पहले भी सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और नागरिक ठिकानों को निशाना बना चुका है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
रियाद के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस हमले ने न केवल सऊदी अरब की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की नागरिक विमानन सुरक्षा को लेकर भी चिंताएँ बढ़ा दी हैं। विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के हमले क्षेत्र में किसी भी संभावित शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की क्षमता रखते हैं। आने वाले दिनों में सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकजुटता इस संघर्ष की दिशा तय करेगी।