रियाद एयरपोर्ट हमले में 12 की मौत, 300 घायल; दुनिया भर में निंदा, सऊदी ने कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया
सारांश
मुख्य बातें
किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रियाद पर शनिवार, 11 अक्टूबर 2026 को हुए भीषण हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए — सऊदी अधिकारियों के अनुसार मृतकों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी नागरिक शामिल हैं। इस हमले की दुनिया भर के देशों ने कड़ी भर्त्सना की है और सऊदी अरब ने जवाबी सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया है।
हमले का विवरण और हताहत
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में उपचार दिया जा रहा है। हमले से हवाई अड्डे की संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है। मारे गए विदेशी नागरिकों में बांग्लादेश, अमेरिका, जॉर्डन, फलस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के नागरिक शामिल हैं। हमले के तत्काल बाद हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया और कुवैत एयरवेज ने सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपनी उड़ानें रद्द कर दीं।
कई देशों के दूतावासों ने अपने नागरिकों को हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह जारी की। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। गठबंधन के प्रवक्ता ने इसे युद्ध अपराध करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुरूप जवाब देने की चेतावनी दी है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को 'भयानक' बताया और कहा कि वे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से शीघ्र बात करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसमें एक अमेरिकी नागरिक की जान गई है और अमेरिका सऊदी अरब तथा उसके लोगों के साथ दृढ़ता से खड़ा है।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा की अनदेखी करती है। कतर ने इसे सऊदी अरब की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताते हुए सऊदी अरब के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
फिलीस्तीन के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता जताई और देश की सुरक्षा व संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन किया। जापान के दूतावास ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में नागरिकों पर हमले स्वीकार्य नहीं हैं।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की और सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए उसके साथ एकजुटता व्यक्त की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और हिंसा को तत्काल रोका जाना चाहिए।
क्षेत्रीय संदर्भ और हूती कनेक्शन
यह हमला ऐसे नाज़ुक समय में हुआ है जब यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान और तेज कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में यमन मामलों के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने सऊदी नागरिक हवाई अड्डों पर इस प्रकार के हमलों को गंभीर तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, हिंसा का चक्र बढ़ाते हैं और यमन में शांति प्रयासों को और कठिन बनाते हैं।
गौरतलब है कि हूती समूह पहले भी सऊदी अरब के तेल ठिकानों और बुनियादी ढाँचे पर हमले कर चुका है, लेकिन किंग खालिद जैसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इतने बड़े पैमाने पर हुआ हमला क्षेत्रीय संघर्ष के एक नए और खतरनाक मोड़ का संकेत देता है। आने वाले दिनों में सऊदी अरब की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय दबाव यमन संघर्ष की दिशा तय करेंगे।