रियाद एयरपोर्ट हमले के बाद हूतियों की नई चेतावनी: सऊदी हवाई क्षेत्र को बताया 'सैन्य अभियान क्षेत्र'
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती समूह ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के विरुद्ध एयरलाइंस, विमानन कर्मचारियों और यात्रियों को एक बार फिर कड़ी चेतावनी जारी की। यह चेतावनी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले के ठीक एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार 12 लोगों की मौत हो गई और 309 अन्य घायल हो गए।
हूती प्रवक्ता की चेतावनी का सार
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि मक्का और मदीना के हवाई अड्डों को छोड़कर सऊदी अरब के अन्य सभी हवाई अड्डे और उसका संपूर्ण हवाई क्षेत्र उनके बलों के 'सैन्य अभियान क्षेत्र' का हिस्सा माने जाएँगे।
सरी ने घोषित किया कि हूती समूह अपने सिद्धांत — 'हवाई अड्डे के बदले हवाई अड्डा, नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी और बढ़ते तनाव के बदले बढ़ता तनाव' — पर तब तक कायम रहेगा, जब तक उसके घोषित उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते। उन्होंने एयरलाइंस और यात्रियों से इन चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की।
रियाद हमले की पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में तनाव तेज़ी से बढ़ने के कारण किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को कई बार निशाना बनाया जा चुका है। हूती समूह ने सऊदी अरब के भीतर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज़ कर दिए हैं, जबकि सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में हूती-नियंत्रित इलाकों पर अपने हवाई हमले बढ़ा दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की संभावनाएँ पहले से ही संकट में थीं।
बाब-अल-मंदेब पर बढ़ती लड़ाई
दक्षिण-पश्चिमी यमन में भी सशस्त्र संघर्ष तेज़ हो गया है, विशेष रूप से रणनीतिक महत्व वाले बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के निकटवर्ती क्षेत्रों में। यहाँ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से यमन की सरकारी सेना हूती लड़ाकों के खिलाफ अभियान चला रही है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
संयुक्त राष्ट्र की निंदा और अपील
यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हूती हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'ये हमले बेहद गंभीर स्तर की बढ़ोतरी को दर्शाते हैं। ऐसे कदम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं, हिंसा के चक्र को जारी रखते हैं और यमन में शांति स्थापित करने के प्रयासों को और मुश्किल बना देते हैं।'
ग्रुंडबर्ग ने हूतियों से हमले तत्काल बंद करने की माँग की और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों और नागरिक संपत्तियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह संघर्ष अब केवल यमन के भीतर सीमित नहीं रहा — इसने सऊदी अरब की नागरिक उड्डयन सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार हूतियों की यह नई चेतावनी एयरलाइंस के लिए बीमा और परिचालन जोखिम दोनों बढ़ा सकती है। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता प्रयासों का भविष्य अब और अधिक अनिश्चित दिखता है।