हूती की चेतावनी: मक्का-मदीना छोड़ सऊदी अरब के सभी एयरपोर्ट निशाने पर, रियाद हमले में 12 मरे
सारांश
मुख्य बातें
हूती सशस्त्र बलों के प्रवक्ता याह्या सरी ने 11 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए ऐलान किया कि मक्का अल-मुकर्रमा और मदीना अल-मुनव्वरा के हवाई अड्डों को छोड़कर सऊदी अरब के समस्त हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र अब उनके हमलों के दायरे में हैं। यह चेतावनी 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए उस भीषण धमाके के एक दिन बाद आई है, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए।
हूती प्रवक्ता की सटीक चेतावनी
सरी ने अपने बयान में कहा, 'यमन की सेना सभी एविएशन और नेविगेशन कंपनियों, विशेषज्ञों, कर्मचारियों, वर्करों और यात्रियों को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दोहराती है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों पवित्र नगरों — मक्का और मदीना — के हवाई अड्डे इस चेतावनी के दायरे से बाहर हैं।
सरी ने आगे कहा, 'सशस्त्र बल अपने मकसद हासिल करने तक तय नियमों पर कायम रहेगा। हम हवाई अड्डे के बदले हवाई अड्डा, घेराबंदी के बदले घेराबंदी और तनाव बढ़ाने के बदले तनाव बढ़ाने की नीति पर अड़े रहेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी हमले को रोक पाने में विफलता की ज़िम्मेदारी सऊदी अरब की होगी।
रियाद एयरपोर्ट हमले का विवरण
शनिवार, 10 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए धमाके में 12 लोगों की जान गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। धमाके के तुरंत बाद एयरपोर्ट को खाली करा लिया गया और उड़ान संचालन बंद कर दिया गया। बीते 24 घंटों में करीब 225 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे हज़ारों यात्री प्रभावित हुए।
गौरतलब है कि यह हमला अकेला नहीं है — पिछले कुछ दिनों से रियाद के इसी एयरपोर्ट पर लगातार हमलों की खबरें आ रही हैं, जो यह संकेत देती हैं कि हूती रणनीति में सऊदी नागरिक और परिवहन ढाँचे को निशाना बनाना एक सुनियोजित कदम है।
एविएशन उद्योग और यात्रियों पर असर
हूती चेतावनी ने सऊदी एयरस्पेस से गुज़रने वाली अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के बीच सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 225 उड़ानों का रद्द होना और एयरपोर्ट खाली कराना इस बात का प्रमाण है कि संकट का असर महज़ कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं है — सामान्य नागरिक यात्रा भी सीधे प्रभावित हो रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में हवाई मार्गों पर पहले से दबाव है और कई एयरलाइंस संघर्ष-क्षेत्रों के आसपास के रास्तों से बच रही हैं।
क्षेत्रीय तनाव और आगे की राह
हूती बलों और सऊदी अरब के बीच यह टकराव यमन संघर्ष की व्यापक पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए, जो वर्षों से जारी है। कथित तौर पर हूतियों की 'तनाव के बदले तनाव' की नीति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई चुनौती खड़ी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सऊदी एयरस्पेस पर खतरा बना रहा, तो इसका असर वैश्विक हवाई यातायात और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला दोनों पर पड़ सकता है।
फ़िलहाल सऊदी अरब या अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।