रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत, जयशंकर ने जताया दुख
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि 10 अक्टूबर को हुए इस हमले में घायल एक भारतीय नागरिक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि कम से कम 10 अन्य भारतीय नागरिक घायल हैं।
मृतक की पहचान और परिवार की स्थिति
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर जानकारी दी कि मृतक का नाम मोहम्मद यूसुफ अली है। ओवैसी के अनुसार, हमले में मोहम्मद यूसुफ अली की पत्नी और दो बच्चे भी घायल हुए हैं। उन्होंने रियाद स्थित भारतीय दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया।
ओवैसी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी इस मामले में तत्काल कदम उठाने की अपील की।
जयशंकर और दूतावास की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की खबर से गहरा दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। भारतीय दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।'
भारतीय दूतावास ने कहा कि वह मृतक के परिजनों के संपर्क में है और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं अस्पतालों के साथ समन्वय कर रहा है। दूतावास ने यह भी बताया कि वह घायल सभी भारतीयों की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है।
हमले का व्यापक संदर्भ
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए इस हमले में कुल 12 लोगों की मौत हुई — जिनमें चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल थे — जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच पहले से ही तनाव व्याप्त है। हमले के बाद हूती समूह ने बयान जारी कर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी, जबकि सऊदी अरब ने यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में नए हवाई और मिसाइल हमले किए। इस हमले ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।
भारतीयों पर असर और दूतावास की सक्रियता
गौरतलब है कि सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार और पेशेवर निवास करते हैं, जिनमें से अनेक रियाद और आसपास के क्षेत्रों में हैं। इस हमले ने वहाँ रह रहे भारतीयों और उनके परिजनों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। भारतीय दूतावास ने प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए एक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था सक्रिय की है।
आने वाले दिनों में पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी और घायल भारतीयों की चिकित्सीय सहायता दूतावास की प्राथमिकता होगी। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति स्थिर न होने तक भारत सरकार सतर्क रुख बनाए रखेगी।