11 अक्टूबर 2026
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रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत, जयशंकर ने जताया दुख

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रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत, जयशंकर ने जताया दुख

सारांश

रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई, उनकी पत्नी और दो बच्चे घायल हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने दुख जताया और दूतावास ने पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी में मदद का वादा किया। हूती-सऊदी तनाव के बीच 300 से अधिक घायलों में 11 भारतीय शामिल हैं।

मुख्य बातें

किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रियाद पर 10 अक्टूबर 2026 को हुए हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की उपचार के दौरान मौत हो गई।
हमले में कुल 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल; इनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल।
जयशंकर ने एक्स पर दुख जताया, भारतीय दूतावास ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
हमले के बाद यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ा; दोनों पक्षों ने जवाबी कार्रवाई की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि 10 अक्टूबर को हुए इस हमले में घायल एक भारतीय नागरिक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि कम से कम 10 अन्य भारतीय नागरिक घायल हैं।

मृतक की पहचान और परिवार की स्थिति

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर जानकारी दी कि मृतक का नाम मोहम्मद यूसुफ अली है। ओवैसी के अनुसार, हमले में मोहम्मद यूसुफ अली की पत्नी और दो बच्चे भी घायल हुए हैं। उन्होंने रियाद स्थित भारतीय दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया।

ओवैसी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी इस मामले में तत्काल कदम उठाने की अपील की।

जयशंकर और दूतावास की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की खबर से गहरा दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। भारतीय दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।'

भारतीय दूतावास ने कहा कि वह मृतक के परिजनों के संपर्क में है और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं अस्पतालों के साथ समन्वय कर रहा है। दूतावास ने यह भी बताया कि वह घायल सभी भारतीयों की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है।

हमले का व्यापक संदर्भ

सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए इस हमले में कुल 12 लोगों की मौत हुई — जिनमें चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल थे — जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच पहले से ही तनाव व्याप्त है। हमले के बाद हूती समूह ने बयान जारी कर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी, जबकि सऊदी अरब ने यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में नए हवाई और मिसाइल हमले किए। इस हमले ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।

भारतीयों पर असर और दूतावास की सक्रियता

गौरतलब है कि सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार और पेशेवर निवास करते हैं, जिनमें से अनेक रियाद और आसपास के क्षेत्रों में हैं। इस हमले ने वहाँ रह रहे भारतीयों और उनके परिजनों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। भारतीय दूतावास ने प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए एक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था सक्रिय की है।

आने वाले दिनों में पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी और घायल भारतीयों की चिकित्सीय सहायता दूतावास की प्राथमिकता होगी। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति स्थिर न होने तक भारत सरकार सतर्क रुख बनाए रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे संघर्ष-प्रवण क्षेत्रों में भारतीय कामगारों की सुरक्षा के लिए कोई दीर्घकालिक रणनीति है या नहीं। हूती-सऊदी तनाव के एक नए दौर में प्रवेश के साथ, भारत सरकार को केवल प्रतिक्रियात्मक कूटनीति से आगे बढ़कर निवारक और सलाहकारी तंत्र को मज़बूत करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियाद एयरपोर्ट हमले में मारे गए भारतीय नागरिक कौन थे?
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी के अनुसार, मृतक का नाम मोहम्मद यूसुफ अली था। वे 10 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में घायल हुए थे और बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी और दो बच्चे भी इस हमले में घायल हुए हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने रियाद हमले पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की खबर से उन्हें गहरा दुख हुआ है और शोक संतप्त परिवार के प्रति उनकी हार्दिक संवेदनाएं हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारतीय दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।
रियाद एयरपोर्ट हमले में कुल कितने लोग मारे गए और घायल हुए?
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई — जिनमें चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल थे। 300 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक हैं।
भारतीय दूतावास घायल और मृत भारतीयों की कैसे मदद कर रहा है?
भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों के संपर्क में है और घायल भारतीयों की स्थिति पर नज़र रख रहा है। दूतावास ने मृतक के परिवार से संपर्क किया है और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए हरसंभव कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
रियाद एयरपोर्ट हमले के पीछे कौन ज़िम्मेदार है?
हमले के बाद यमन के हूती विद्रोही समूह ने बयान जारी कर सऊदी अरब के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की बात कही। सऊदी अरब ने भी यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों में हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। इस घटना ने हूती-सऊदी तनाव को और बढ़ा दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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