हूती हमलों पर EU की कड़ी निंदा, उर्सुला वॉन डेर लेयेन बोलीं — हम सऊदी अरब और GCC के साथ
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय संघ (EU) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 6 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब की रिफाइनरियों और हवाई अड्डों सहित बुनियादी ढाँचे पर हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़ी निंदा की और स्पष्ट किया कि EU, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के देशों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपना बयान जारी कर इन हमलों को क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया।
EU अध्यक्ष का बयान
वॉन डेर लेयेन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'एक बार फिर, ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब में रिफाइनरी और हवाई अड्डों समेत बुनियादी ढाँचों को निशाना बनाया है।' उन्होंने इन हमलों को क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने की सुनियोजित कोशिश बताया।
EU अध्यक्ष ने कहा कि 'इन हमलों से इलाके में अस्थिरता बनी रहती है, हिंसा बढ़ती है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा कमज़ोर होती है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस महीने के आखिर में होने वाली EU-GCC वार्ता में क्षेत्रीय सुरक्षा मुख्य एजेंडा होगी।
सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
सऊदी विदेश मंत्रालय ने भी हूती मिलिशिया पर नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय के बयान के अनुसार, हूतियों ने रियाद, अबहा, खमिस मुशैत, जजान, नजरान, ताइफ और यानबू जैसे शहरों को निशाना बनाया। इसके अलावा, मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों के निकट हमलों को 'अत्यंत गंभीर चिंता का विषय' बताया गया।
मंत्रालय ने दक्षिणी लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों पर हमलों का भी उल्लेख किया। सऊदी अरब ने अपने क्षेत्र, संसाधनों और संप्रभुता की रक्षा को 'स्वाभाविक अधिकार' बताते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
यमन संकट की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 2014 में यमन की वैध सरकार के खिलाफ हूती विद्रोहियों के सत्ता पर कब्जे के बाद से यह संघर्ष जारी है। सऊदी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रियाद ने राजनीतिक समाधान का समर्थन किया, लेकिन हूती मिलिशिया ने शांति के बजाय सैन्य तनाव बढ़ाने का रास्ता चुना — जिससे यमन की जनता को भारी मानवीय और आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
बयान में हूतियों पर बाहरी एजेंडों को आगे बढ़ाने के लिए यमन को संघर्ष में धकेलने का आरोप भी लगाया गया। सऊदी अरब ने यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद और यमनी सरकार को अपना पूर्ण राजनीतिक और सैन्य समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
हूतियों का दावा
सोमवार को हूती विद्रोहियों ने स्वयं दावा किया था कि उन्होंने रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अरामको रिफाइनरी और सऊदी अरब में कई अन्य स्थानों पर हमला किया। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव पहले से ऊँचे स्तर पर है और वैश्विक तेल आपूर्ति शृंखला पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आगे क्या होगा
EU-GCC की आगामी बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता पर केंद्रित चर्चा होने की संभावना है। आलोचकों का कहना है कि बिना किसी ठोस कूटनीतिक पहल के केवल निंदा-बयानों से इस संकट का समाधान नहीं होगा। वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इन हमलों का दीर्घकालिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अगले कुछ सप्ताहों में कूटनीतिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।