7 अगस्त 2026
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यूएई ने नज्रान पर हूती हमले की निंदा की, सऊदी अरब के साथ एकजुटता का ऐलान

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यूएई ने नज्रान पर हूती हमले की निंदा की, सऊदी अरब के साथ एकजुटता का ऐलान

सारांश

यूएई ने नज्रान हमले की निंदा कर सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई, लेकिन असली तस्वीर ज़्यादा गंभीर है — हूती समूह ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों और नजरान हवाई अड्डे पर हमले किए हैं। 20 जुलाई की समुद्री नाकेबंदी घोषणा के बाद से यह संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

यूएई ने 7 अगस्त को सऊदी अरब के नज्रान क्षेत्र पर हूती हमले की कड़ी निंदा की।
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने एक 'विशेष सैन्य अभियान' की घोषणा का संकेत दिया।
हूती समूह ने अदन की खाड़ी में ' डेजी ' और यानबू के निकट ' वफा ' नामक सऊदी तेल टैंकरों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का दावा किया।
नजरान हवाई अड्डे पर मंगलवार को ड्रोन हमले की जिम्मेदारी भी हूती समूह ने ली।
हूती समूह ने 20 जुलाई को लाल सागर में सऊदी जहाज़ों पर समुद्री प्रतिबंध की घोषणा की थी; तब से हमलों का सिलसिला जारी है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले फिर से शुरू किए हैं।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 7 अगस्त को सऊदी अरब के नज्रान क्षेत्र पर हूती समूह द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की और रियाद के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार के हमले सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।

यूएई का आधिकारिक रुख

यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए गए सभी कदमों का पूरा समर्थन करता है। मंत्रालय ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ऐसे हमले किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और इनका मुकाबला करने में खाड़ी देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

हूती समूह के हमलों का विवरण

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने 7 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की कि यमनी सशस्त्र बल शीघ्र ही एक 'विशेष सैन्य अभियान' की घोषणा करेंगे। इससे पहले हूती समूह ने बुधवार को दावा किया था कि उसने अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया।

सरी के अनुसार, 'डेजी' नामक टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया, जिसके बाद उसे मार्ग बदलने पर मजबूर होना पड़ा। इसी क्रम में 'वफा' नामक एक अन्य टैंकर को सऊदी अरब के प्रमुख लाल सागर बंदरगाह शहर यानबू के तट के निकट बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया गया।

मंगलवार को हूती समूह ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के नजरान हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी भी ली। समूह का कहना था कि यह हमला यमन के हवाई क्षेत्र में कथित सऊदी ड्रोन घुसपैठ के जवाब में किया गया।

बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूती समूह और सऊदी अरब के बीच तनाव तेज़ी से बढ़ रहा है। 20 जुलाई को हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाज़ों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। समूह का आरोप है कि सऊदी अरब ने हूती-नियंत्रित क्षेत्रों की नाकेबंदी कर रखी है और यह हमले उसी के जवाब में 'नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी' की नीति के तहत किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि 20 जुलाई की घोषणा के बाद से हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाज़ों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर कई मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती समूह के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

लाल सागर में बढ़ती अस्थिरता वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है, क्योंकि यह मार्ग एशिया और यूरोप के बीच माल परिवहन का एक प्रमुख गलियारा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह तनाव और गहराया तो इसका असर तेल आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय राजनयिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

आने वाले दिनों में हूती समूह के 'विशेष सैन्य अभियान' की घोषणा और सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि खाड़ी देशों की यह एकजुटता ज़मीन पर कितना फर्क डालती है — जबकि हूती समूह लगातार अपने हमलों का दायरा बढ़ाता जा रहा है। 20 जुलाई की समुद्री नाकेबंदी घोषणा के बाद से हूतियों ने कम-से-कम दो तेल टैंकरों और एक हवाई अड्डे को निशाना बनाया है, जो दर्शाता है कि यह संघर्ष अब सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहा। लाल सागर वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण गलियारा है और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका असर अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन सकता है। बिना किसी ठोस राजनयिक या सैन्य समाधान के, बयानबाज़ी और प्रतिशोधी हमलों का यह चक्र क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दीर्घकालिक खतरा बना रहेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएई ने हूती हमले की निंदा क्यों की?
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब के नज्रान क्षेत्र पर हूती हमला उसकी संप्रभुता का खुला उल्लंघन है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। यूएई ने सऊदी अरब की सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाए गए सभी कदमों के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की।
हूती समूह ने सऊदी अरब पर कौन-कौन से हमले किए हैं?
हूती समूह ने अदन की खाड़ी में 'डेजी' और यानबू के निकट 'वफा' नामक सऊदी तेल टैंकरों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का दावा किया है। इसके अलावा, मंगलवार को नजरान हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी भी ली गई।
हूती समूह की 'नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी' नीति क्या है?
हूती समूह का आरोप है कि सऊदी अरब ने उनके नियंत्रित क्षेत्रों की नाकेबंदी कर रखी है। इसके जवाब में 20 जुलाई को हूतियों ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाज़ों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की और तब से मिसाइल व ड्रोन हमले जारी हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की क्या प्रतिक्रिया रही है?
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती समूह के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं। यह जवाबी कार्रवाई हूती हमलों के बढ़ते सिलसिले के बाद तेज़ हुई है।
लाल सागर में बढ़ते तनाव का वैश्विक व्यापार पर क्या असर हो सकता है?
लाल सागर एशिया और यूरोप के बीच माल परिवहन का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता तेल आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
राष्ट्र प्रेस
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