ट्रंप की सख्त चेतावनी: हूती हमले जारी रहे तो ईरान पर होगी कड़ी सैन्य कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जुलाई 2026 को लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि यदि हूती विद्रोही समुद्री जहाजों पर हमले जारी रखते हैं, तो अमेरिका इसके लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा और दोनों के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
ट्रंप का सीधा संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लगभग एक वर्ष पूर्व अमेरिका ने समुद्री व्यापार में बाधा डालने के कारण हूती विद्रोहियों के खिलाफ जोरदार सैन्य अभियान चलाया था। उन्होंने कहा, 'उसके बाद से और ईरान के साथ हमारे संघर्ष के दौरान भी उन्होंने काफी जिम्मेदारी से व्यवहार किया, लेकिन अब वे फिर से वही सब शुरू कर रहे हैं।'
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया, 'इस संदेश को मेरी साफ चेतावनी समझा जाए — अगर हूती फिर ऐसा करते हैं, तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार मानेगा, क्योंकि हूती ईरान के समर्थन से काम करने वाला एक प्रतिनिधि (प्रॉक्सी) समूह है। ऐसी स्थिति में ईरान पर कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी और हूती विद्रोहियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।'
बुधवार की रात क्या हुआ
यमन के हूती समूह ने बुधवार की रात लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों — 'एन्सेलिया' और 'लैला' — को निशाना बनाते हुए एक सैन्य अभियान चलाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरेआ ने समूह के अल-मसीरा टेलीविजन पर दिए बयान में दावा किया कि इन जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया।
सरेआ के अनुसार, इन जहाजों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने सऊदी बंदरगाहों पर आने वाले जहाजों के लिए हूती सेना द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमलों के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई।
ईरान की भूमिका और अमेरिका का रुख
ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को ईरान-समर्थित प्रॉक्सी समूह करार देते हुए कहा कि किसी भी नए हमले की स्थिति में ईरान और हूती, दोनों के खिलाफ कठोर सैन्य कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस स्थिति से निराशा है क्योंकि हाल के महीनों में हूतियों का व्यवहार अपेक्षाकृत जिम्मेदाराना रहा था।
यह ऐसे समय में आया है जब लाल सागर में समुद्री व्यापार मार्ग पहले से ही तनाव में है और वैश्विक शिपिंग कंपनियाँ वैकल्पिक मार्गों की तलाश में हैं। गौरतलब है कि लाल सागर दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक जलमार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।
आगे क्या होगा
ट्रंप की इस चेतावनी के बाद अब सभी की नजरें ईरान और हूती समूह की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि हूती हमले जारी रखते हैं, तो अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जो क्षेत्रीय तनाव को और गहरा कर सकती है। वैश्विक तेल बाजार और शिपिंग उद्योग पर इसके व्यापक असर की आशंका जताई जा रही है।