10 अगस्त 2026
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स्विट्जरलैंड वार्ता के बीच ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी, लेबनानी समूहों पर रोक न लगाई तो होगा 'और जोरदार हमला'

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स्विट्जरलैंड वार्ता के बीच ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी, लेबनानी समूहों पर रोक न लगाई तो होगा 'और जोरदार हमला'

सारांश

एक तरफ स्विट्जरलैंड में कूटनीति की मेज सजी है, दूसरी तरफ ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को 'पिछले हमले से भी जोरदार' कार्रवाई की चेतावनी दी। यह दोहरा रवैया — बातचीत और दबाव एक साथ — अमेरिकी रणनीति की जटिलता को उजागर करता है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति ट्रंप ने 21 जून को ट्रुथ सोशल पर ईरान को चेतावनी दी — लेबनानी समूहों की फंडिंग रोकें, वरना 'पिछले हफ्ते से भी जोरदार हमला' होगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार को वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुँचे।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर मध्यस्थ के रूप में स्विट्जरलैंड में मौजूद।
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत किया।
शरीफ ने ट्रंप के 'दूरदर्शी नेतृत्व' को वार्ता के लिए ज़िम्मेदार बताया और सकारात्मक नतीजों की उम्मीद जताई।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार, 21 जून को एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दोहराई — ठीक उस समय जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच अगले चरण की परमाणु समझौता वार्ता शुरू होने वाली थी। ट्रंप ने ईरान पर लेबनान में सशस्त्र समूहों को वित्तीय सहायता देने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल रोकने की माँग की।

ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर सीधा संदेश

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'ईरान को तुरंत लेबनान में अपने उन समूहों को रोकना चाहिए, जिन्हें वह पैसे देकर समर्थन देता है। वे परेशानी पैदा कर रहे हैं। अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया, तो हम ईरान पर फिर से बहुत कड़ा हमला करेंगे, जैसा हमने पिछले हफ्ते किया था, लेकिन इस बार उससे भी ज्यादा जोरदार तरीके से।' यह बयान तब आया जब कूटनीतिक प्रयास अपने नाजुक दौर में थे।

स्विट्जरलैंड में जुटे प्रमुख प्रतिनिधिमंडल

अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले चरण के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुँचा। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी रविवार को वार्ता में भाग लेने स्विट्जरलैंड पहुँचे। यह बातचीत रविवार शाम को होनी निर्धारित थी।

पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका

इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ स्विट्जरलैंड पहुँचे। उनके साथ फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी मौजूद रहे। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत किया।

शहबाज शरीफ ने ट्रंप और वेंस को दिया धन्यवाद

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, 'इस समय मैं पूरी ईमानदारी के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके दूरदर्शी और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ, जिसकी वजह से आज यह बैठक संभव हो पाई है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस वार्ता से 'बेहद सकारात्मक और उपयोगी नतीजे' आने की उम्मीद है और अमेरिकी टीम का नेतृत्व करने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी धन्यवाद दिया।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का यह द्विस्तरीय खेल — एक तरफ बातचीत, दूसरी तरफ धमकी — कूटनीतिक हलकों में गहरी अनिश्चितता पैदा कर रहा है। गौरतलब है कि ट्रंप के अनुसार अमेरिका पिछले हफ्ते ईरान पर हमला कर चुका है, जिससे इस वार्ता की पृष्ठभूमि और भी संवेदनशील हो जाती है। आने वाले घंटों में स्विट्जरलैंड वार्ता के नतीजे यह तय करेंगे कि यह कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ेगा या ठहर जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सीमाएँ भी स्पष्ट हैं — दबाव में की गई कूटनीति अक्सर टिकाऊ समझौते नहीं दे पाती। पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका उल्लेखनीय है, क्योंकि इस्लामाबाद खुद आर्थिक संकट में है और अमेरिकी समर्थन की दरकार रखता है — ऐसे में उसकी 'निष्पक्षता' पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मुख्यधारा की कवरेज ट्रंप की बयानबाजी पर केंद्रित रहती है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या ईरान इस दबाव में कोई ठोस रियायत देगा या केवल वार्ता की प्रक्रिया को लंबा खींचेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान ने लेबनान में अपने वित्त-पोषित समूहों को नहीं रोका, तो अमेरिका 'पिछले हफ्ते किए हमले से भी जोरदार' कार्रवाई करेगा। यह चेतावनी स्विट्जरलैंड में जारी वार्ता के बीच आई है।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता क्यों हो रही है?
दोनों देश परमाणु और क्षेत्रीय तनाव से जुड़े मुद्दों पर अगले चरण की समझौता बातचीत कर रहे हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुँचा और रविवार शाम बातचीत होनी निर्धारित थी।
पाकिस्तान इस वार्ता में क्या भूमिका निभा रहा है?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर मध्यस्थ के रूप में स्विट्जरलैंड पहुँचे हैं। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
जेडी वेंस स्विट्जरलैंड क्यों गए?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी टीम का नेतृत्व करते हुए रविवार को ईरान के साथ वार्ता में भाग लेने स्विट्जरलैंड पहुँचे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ ने उनके नेतृत्व की सराहना की।
ट्रंप ने ईरान पर 'पिछले हफ्ते हमले' का क्या संदर्भ दिया?
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिका पिछले हफ्ते ईरान पर हमला कर चुका है और अगर लेबनानी समूहों पर रोक नहीं लगाई गई तो अगली कार्रवाई 'उससे भी जोरदार' होगी। इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन स्रोत में उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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