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ट्रंप का दावा: ईरान 60 दिनों में करेगा अंतिम परमाणु समझौता, विफलता पर कड़े कदमों की चेतावनी

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ट्रंप का दावा: ईरान 60 दिनों में करेगा अंतिम परमाणु समझौता, विफलता पर कड़े कदमों की चेतावनी

सारांश

ट्रंप ने 60 दिनों की समयसीमा तय की है — और विफलता पर कड़े कदमों की चेतावनी दी है। लेकिन स्विट्जरलैंड वार्ता पहले ही टल चुकी है, वेंस की यात्रा भी स्थगित है, और लेबनान में इजरायल के हमले ईरान को वार्ता से दूर खींच रहे हैं। घड़ी चल रही है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जून 2025 को कहा कि ईरान एमओयू पर हस्ताक्षर के 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर सहमत होगा।
समयसीमा चूकने पर ट्रंप ने ऐसे कदमों की चेतावनी दी जो ईरान को 'पसंद नहीं आएंगे'।
स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान-कतर-पाकिस्तान वार्ता बिना आधिकारिक कारण बताए स्थगित की गई।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ईरान तकनीकी वार्ता के लिए प्रस्तावित यात्रा भी टाली गई।
कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान वार्ता से पीछे हटा।
ट्रंप ने इजरायली नेताओं से हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम का आग्रह किया; अगले सप्ताह वॉशिंगटन डीसी में इजरायल-लेबनान वार्ता का नया दौर।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जून 2025 को उम्मीद जताई कि ईरान, हाल ही में हस्ताक्षरित मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर सहमति दे देगा। मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि समयसीमा चूकने पर अमेरिका ऐसे कदम उठाएगा जो ईरान को पसंद नहीं आएंगे।

ट्रंप की चेतावनी और भरोसा

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, "अगर गुरुवार से शुरू होने वाले 60 दिनों के अंदर कोई समझौता नहीं होता, तो हम ऐसे कदम उठाएंगे जिनसे उन्हें खुशी नहीं होगी। लेकिन मुझे नहीं लगता कि नौबत वहाँ तक पहुँचेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि एमओयू के तहत दोनों पक्ष अधिकतम 60 दिनों में बातचीत करके अंतिम समझौते तक पहुँचने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और आपसी सहमति से इस समयसीमा को बढ़ाया भी जा सकता है।

स्विट्जरलैंड वार्ता स्थगित, कारण अस्पष्ट

स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान वार्ता टाल दी गई है और किसी भी पक्ष ने इसके लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया। कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि लेबनान में इजरायल के हालिया हमलों के जवाब में ईरान बातचीत से पीछे हट गया, हालाँकि यह आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। स्विट्जरलैंड के संघीय विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, "अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के बीच होने वाली बातचीत टाल दी गई है। बर्गेनस्टॉक में इससे जुड़ी तैयारी का काम जारी है। अभी और कोई जानकारी नहीं दी जा सकती।"

जेडी वेंस की यात्रा भी स्थगित

गुरुवार रात व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि ईरान के साथ तकनीकी बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की प्रस्तावित यात्रा भी टाल दी गई है। व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा, "आगामी तकनीकी बातचीत की योजनाएँ अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई हैं और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले उपलब्ध अवसर पर रवाना होने के लिए तैयार है।" दोनों पक्ष हाल ही में हस्ताक्षरित एमओयू को लागू करने के उद्देश्य से चर्चा के अगले चरण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

इजरायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष की छाया

इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को बताया कि उन्होंने इजरायली नेताओं से बात की थी और उनसे हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम के लिए सहमत होने का आग्रह किया था। ट्रंप ने इसे "सोने पर सुहागा" बताया। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि अगले सप्ताह वॉशिंगटन डीसी में इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत का एक नया दौर होगा। गौरतलब है कि लेबनान में जारी संघर्ष ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता पर सीधा असर डाल रहा है।

आगे क्या होगा

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को राजनीतिक रूपरेखा समझौते से आगे बढ़ाकर उसे लागू करने, उसकी पुष्टि करने और नियमों के पालन से जुड़ी विस्तृत चर्चा की ओर ले जाने की योजना थी। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या दोनों पक्ष 60 दिनों की निर्धारित समयसीमा के भीतर वार्ता की मेज पर वापस लौट पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वेंस की यात्रा स्थगित है, और लेबनान संकट एक नया अवरोध बन गया है। गौरतलब है कि 2015 के ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) से खुद ट्रंप ने 2018 में अमेरिका को बाहर निकाला था, और अब वही 60 दिनों में नई डील की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बिना किसी सत्यापन-योग्य ढाँचे और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच, यह समयसीमा महत्वाकांक्षी कम, दबाव-रणनीति ज़्यादा लगती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान को लेकर 60 दिनों की समयसीमा क्यों दी है?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित एमओयू में दोनों पक्षों ने अधिकतम 60 दिनों में अंतिम समझौते तक पहुँचने की प्रतिबद्धता जताई है। यह समयसीमा गुरुवार से शुरू हुई मानी जा रही है और आपसी सहमति से बढ़ाई भी जा सकती है।
स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता क्यों टाली गई?
किसी भी पक्ष ने वार्ता स्थगित होने का आधिकारिक कारण नहीं बताया है। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में इजरायल के हालिया हमलों के जवाब में ईरान ने वार्ता से पीछे हटने का निर्णय लिया, हालाँकि यह आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है।
जेडी वेंस की ईरान यात्रा क्यों स्थगित हुई?
व्हाइट हाउस ने गुरुवार देर रात घोषणा की कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की तकनीकी वार्ता के लिए प्रस्तावित यात्रा की योजनाएँ अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पहले उपलब्ध अवसर पर रवाना होने के लिए तैयार है।
इजरायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष का ईरान-अमेरिका वार्ता पर क्या असर है?
रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में इजरायल के हमलों ने ईरान को वार्ता से दूर किया है, क्योंकि ईरान हिज़्बुल्लाह का समर्थक है। इसी बीच ट्रंप ने इजरायली नेताओं से हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम का आग्रह किया है और अगले सप्ताह वॉशिंगटन डीसी में इजरायल-लेबनान वार्ता का नया दौर प्रस्तावित है।
अमेरिका-ईरान एमओयू में क्या तय हुआ है?
एमओयू में दोनों पक्षों ने अधिकतम 60 दिनों में बातचीत करके अंतिम समझौता करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके बाद वार्ता को राजनीतिक रूपरेखा से आगे बढ़ाकर समझौते को लागू करने, उसकी पुष्टि करने और नियमों के पालन से जुड़ी विस्तृत चर्चा की ओर ले जाने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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