वेंस स्विट्जरलैंड रवाना: ईरान परमाणु वार्ता और लेबनान युद्धविराम पर होगी अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 21 जून को स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हुए, जहाँ ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम पर अगले चरण की बातचीत होने की उम्मीद है। यह वार्ता लेबनान में हाल ही में लागू हुए नाजुक युद्धविराम को बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, हालांकि क्षेत्र में फिर से भड़की हिंसा इन राजनयिक प्रयासों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
रवानगी और तैयारी
उपराष्ट्रपति वेंस और सेकंड लेडी उषा वेंस जॉइंट बेस एंड्रयूज से ईस्टर्न टाइम शाम 4:19 बजे एक गल्फस्ट्रीम सी-37 विमान से रवाना हुए। एक प्रवक्ता के अनुसार, उपराष्ट्रपति के सामान्य विमान की जगह यह छोटा विमान इसलिए चुना गया क्योंकि यह जल्द उपलब्ध था। रवानगी से पहले वेंस ने मीडिया को बताया कि ईरानी वार्ताकार पहले ही स्विट्जरलैंड पहुँच चुके हैं।
वार्ता का एजेंडा
वेंस ने स्पष्ट किया कि बातचीत के दो प्रमुख मुद्दे हैं — ईरान का परमाणु कार्यक्रम और लेबनान युद्धविराम की स्थिरता। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हम उम्मीद है कि न्यूक्लियर मुद्दे पर प्रोग्रेस करेंगे, लेबनान सीजफायर मुद्दे पर आगे बढ़ेंगे। ये दो बड़ी बातें हैं जिन पर मुझे लगता है कि हमें फोकस करना है। मुझे यकीन है कि ईरानियों के भी कुछ मुद्दे होंगे जिन पर वे चर्चा करना चाहेंगे।" वेंस ने यह भी बताया कि उनका एक प्रमुख उद्देश्य भविष्य की वार्ता के लिए एक ढाँचा तैयार करना है।
बातचीत की पृष्ठभूमि
स्विट्जरलैंड में यह वार्ता ल्यूसर्न के निकट होने की संभावना है और यह राजनयिक प्रक्रिया में विलंब के बाद हो रही है। वेंस के अनुसार, बैठक से पहले ही कई पक्षों के तकनीकी वार्ताकार आपसी संपर्क में थे। उन्होंने संकेत दिया कि वे वहाँ एक या दो दिन ही रह सकते हैं।
लेबनान युद्धविराम की चुनौती
इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच हाल के हफ्तों में बार-बार भड़की हिंसा ने कूटनीतिक प्रयासों में बाधा डाली है। वेंस ने कहा, "हेडलाइंस के बावजूद, असल में वहाँ हालात बेहतर हो रहे हैं।" उन्होंने युद्धविराम बनाए रखने की जिम्मेदारी को "चिकन-एंड-एग" की समस्या बताते हुए कहा कि गोलीबारी को पर्याप्त समय तक रोकना ही इसकी कुंजी है। उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो और व्यापक राजनयिक दल को स्थिति को संभालने का श्रेय दिया।
आगे की राह
वेंस ने स्पष्ट किया कि इस बैठक का लक्ष्य तत्काल समझौता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक वार्ता की नींव रखना है। अमेरिका का व्यापक उद्देश्य पूरे क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करना है — जिसमें इज़रायल और लेबनान दोनों की सुरक्षा शामिल है। स्विट्जरलैंड वार्ता के नतीजे अमेरिका-ईरान राजनयिक संबंधों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।