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स्विट्जरलैंड में जेडी वेंस का बयान: लेबनान शांति के लिए ट्रंप प्रशासन सबसे आगे, शहबाज ने भी की तारीफ

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स्विट्जरलैंड में जेडी वेंस का बयान: लेबनान शांति के लिए ट्रंप प्रशासन सबसे आगे, शहबाज ने भी की तारीफ

सारांश

स्विट्जरलैंड में ईरान परमाणु वार्ता से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि लेबनान में शांति के लिए ट्रंप प्रशासन ने दुनिया में सबसे ज़्यादा प्रयास किए हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की। यह तकनीकी वार्ता इतिहास में पहली बार दोनों पक्षों को एक मेज पर लाई है।

मुख्य बातें

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 21 जून 2025 को स्विट्जरलैंड में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने लेबनान में शांति के लिए किसी भी अन्य देश से अधिक प्रयास किए हैं।
वेंस ने इस बैठक को इतिहास में पहली बार दोनों पक्षों की टीमों की संयुक्त तकनीकी वार्ता बताया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति ट्रंप के 'दूरदर्शी और प्रभावशाली नेतृत्व' की सराहना की।
वेंस ने कहा कि ट्रंप का लक्ष्य है कि दस साल बाद मध्य-पूर्व की स्थिति आज से कहीं बेहतर हो।
यह बैठक ईरान परमाणु समझौते पर तकनीकी वार्ता और लेबनान युद्धविराम को स्थायी बनाने के संदर्भ में हुई।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 21 जून 2025 को स्विट्जरलैंड में ईरान परमाणु समझौते पर तकनीकी वार्ता से पहले अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों में लेबनान में संघर्ष रोकने के लिए किसी भी अन्य देश से अधिक प्रयास किए हैं। इसी अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की और इस बैठक को ऐतिहासिक बताया।

वेंस का संबोधन: अमेरिका की शांति प्रतिबद्धता

वेंस ने कहा, 'मेरा मानना है कि पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका ने लेबनान में संघर्ष को रोकने के लिए दुनिया की किसी भी दूसरी सरकार से ज़्यादा प्रयास किए हैं। हम इस दिशा में आगे भी लगातार काम करते रहेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में लेबनान में युद्धविराम बनाए रखने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है।

वेंस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी टीम को पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में एक व्यापक युद्धविराम की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध किया है।

ऐतिहासिक तकनीकी वार्ता की शुरुआत

उपराष्ट्रपति वेंस ने इस बैठक को इतिहास में पहली बार बताया जब दोनों पक्षों की टीमें एक साथ बैठकर अपने-अपने प्रमुख मुद्दों को साझा करेंगी। उन्होंने कहा, 'आज का दिन एक तकनीकी बातचीत की शुरुआत का प्रतीक है — इतिहास में पहली बार दोनों पक्षों की टीमों को एक साथ बैठकर यह समझने का मौका मिलेगा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे क्या हैं।'

वेंस ने इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया का श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप को देते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि दस साल बाद मध्य-पूर्व की स्थिति आज से कहीं बेहतर हो।

शहबाज शरीफ की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'इस समय मैं पूरी ईमानदारी के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके दूरदर्शी और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसकी वजह से आज यहां यह बैठक संभव हो पाई है।'

शरीफ ने आशा जताई कि स्विट्जरलैंड में होने वाली इस वार्ता से आने वाले समय में 'बेहद सकारात्मक और उपयोगी नतीजे' सामने आएंगे। उन्होंने उपराष्ट्रपति वेंस को भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए धन्यवाद दिया।

व्यापक संदर्भ: मध्य-पूर्व में अमेरिकी कूटनीति

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब मध्य-पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है। लेबनान में युद्धविराम की स्थिति अभी भी नाज़ुक बनी हुई है और ईरान के साथ परमाणु समझौते की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। अमेरिकी सरकार के आधिकारिक डिजिटल मीडिया अकाउंट 'रैपिड रिस्पांस' के एक्स पोस्ट के अनुसार, वेंस मध्य-पूर्व के नेताओं से मुलाकात के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे थे।

गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने अपने दूसरे कार्यकाल में मध्य-पूर्व में सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभाने पर ज़ोर दिया है।

आगे क्या होगा

तकनीकी वार्ता के पहले दौर के बाद दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा अपेक्षित है। वेंस के अनुसार, इन मुद्दों के समाधान के बाद ही 'एक बेहतर कल की ओर' बढ़ा जा सकेगा। मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में यह वार्ता एक अहम कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कूटनीतिक दावे के रूप में सत्यापन की माँग करता है — क्योंकि फ्रांस, कतर और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रही है। शहबाज शरीफ की ट्रंप-प्रशंसा भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद पाकिस्तान की अमेरिका पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाती है। यह तकनीकी वार्ता ऐतिहासिक हो सकती है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या यह वार्ता किसी बाध्यकारी समझौते की नींव रखती है, या महज कूटनीतिक सक्रियता का प्रदर्शन बनकर रह जाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्विट्जरलैंड में जेडी वेंस की बैठक किसलिए हुई?
यह बैठक ईरान परमाणु समझौते पर तकनीकी वार्ता के लिए हुई, जिसमें मध्य-पूर्व के नेता भी शामिल थे। वेंस ने इसे इतिहास में पहली बार दोनों पक्षों की टीमों की संयुक्त तकनीकी चर्चा बताया।
जेडी वेंस ने लेबनान के बारे में क्या कहा?
वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में लेबनान में संघर्ष रोकने के लिए दुनिया की किसी भी अन्य सरकार से अधिक प्रयास किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्धविराम की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति ट्रंप को उनके 'दूरदर्शी और प्रभावशाली नेतृत्व' के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इसी नेतृत्व की वजह से यह बैठक संभव हो पाई। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वार्ता से सकारात्मक नतीजे आएंगे।
यह तकनीकी वार्ता ऐतिहासिक क्यों मानी जा रही है?
वेंस के अनुसार यह पहली बार है जब दोनों पक्षों की टीमें एक साथ बैठकर अपने प्रमुख मुद्दों को साझा करेंगी और समाधान की दिशा में काम करेंगी। इससे पहले इस स्तर की सीधी तकनीकी बातचीत नहीं हुई थी।
ट्रंप का मध्य-पूर्व के लिए क्या लक्ष्य है?
वेंस के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छा है कि दस साल बाद मध्य-पूर्व की स्थिति आज से बहुत अलग और बेहतर हो। इसके लिए अमेरिका लेबनान युद्धविराम को स्थायी बनाने और ईरान के साथ समझौते की दिशा में काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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