स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता रातभर जारी, परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज और लेबनान पर बनी सहमति की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
बर्गेनस्टॉक (स्विट्जरलैंड) में 22 जून 2025 को अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता देर रात तक चलती रही, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान में नाज़ुक युद्धविराम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल वार्ता स्थल पर मौजूद हैं और बातचीत आगे बढ़ रही है।
वार्ता का घटनाक्रम
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार सुबह 6 बजे बर्गेनस्टॉक पहुँचे और उसके बाद से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल लगातार बैठकों में संलग्न रहा। एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक ने बताया, "उपराष्ट्रपति रविवार सुबह 6 बजे यहाँ पहुँचे और तब से हमारा प्रतिनिधिमंडल लगातार बैठक और बातचीत में लगा हुआ है।" वेंस ने बैठक में प्रवेश करने से पूर्व कहा, "पिछले कुछ घंटों में हमने पहले ही काफी प्रगति की है और मुझे उम्मीद है कि हम आने वाले घंटों में और भी आगे बढ़ेंगे।"
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के जाने की अफवाहें खारिज
उन रिपोर्टों को अमेरिकी अधिकारियों ने सिरे से नकार दिया जिनमें दावा किया गया था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल वार्ता छोड़कर चला गया है। एक अधिकारी ने स्पष्ट किया, "यह बिल्कुल गलत खबर है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल अब भी यहाँ है और बातचीत जारी है। हमें उम्मीद है कि हम रातभर काम करते रहेंगे।" यह खंडन उस समय आया जब सोशल मीडिया पर वार्ता के टूटने की अटकलें फैल रही थीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान पर चर्चा
एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक के अनुसार, वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के कुछ 'भ्रामक संदेशों' को स्पष्ट करने और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पूरी तरह खुला रखने के लिए एक तंत्र विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा, "चर्चा में स्ट्रेट को लेकर ईरान के कुछ भ्रामक संदेशों को साफ करना और उसे पूरी तरह खुला रखने के लिए विवाद समाप्त करने का तंत्र तैयार करना शामिल है।"
इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में इज़रायल और हिज़बुल्लाह के बीच फिर से भड़की हिंसा के मद्देनज़र युद्धविराम को प्रभावी बनाने के तंत्र पर भी बातचीत हुई। अमेरिकी राजनयिक ने बताया कि "दक्षिणी लेबनान में विवाद समाप्त करने के तंत्र और युद्धविराम लागू करने पर भी काम किया गया है।" वेंस ने कहा कि वह लेबनान को स्थिर करने की कोशिशों को लेकर आशावादी हैं, यह स्वीकार करते हुए कि "कभी-कभी इस बात पर असहमति होगी कि वहाँ कैसे पहुँचा जाए, लेकिन हम काम करते रहेंगे।"
परमाणु कार्यक्रम पर प्रगति
वार्ता का केंद्रीय मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा। वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक के अनुसार, "हमने परमाणु समझौते के सभी पहलुओं पर अच्छी बातचीत की है।" यह वार्ता इस सप्ताह की शुरुआत में हुए अमेरिका-ईरान समझौते के बाद उभरे तकनीकी मुद्दों को सुलझाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। गौरतलब है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों और तेहरान के बीच तनाव वर्षों से बना हुआ है, और यह वार्ता उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम मानी जा रही है।
आगे की राह
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने संकेत दिया कि रविवार की वार्ता को भविष्य की तकनीकी बातचीत के लिए 'शुरुआती बिंदु' के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। बयान में कहा गया, "हम इन सभी मुद्दों पर काम करना जारी रखने और आज के काम को आगे की तकनीकी बातचीत के लिए शुरुआती बिंदु के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं।" यह वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।