7 अगस्त 2026
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ईरान-अमेरिका वार्ता: जेडी वेंस ने बर्गेनस्टॉक में 'काफी अच्छी प्रगति' का दावा किया

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ईरान-अमेरिका वार्ता: जेडी वेंस ने बर्गेनस्टॉक में 'काफी अच्छी प्रगति' का दावा किया

सारांश

स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में ईरान और अमेरिका आमने-सामने बैठे — परमाणु कार्यक्रम और लेबनान संघर्ष विराम दोनों दांव पर। जेडी वेंस ने 'काफी अच्छी प्रगति' का दावा किया, कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ बने। नतीजे पर पूरे मध्य पूर्व की नजर है।

मुख्य बातें

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 21 जून 2026 को बर्गेनस्टॉक, स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका वार्ता में 'काफी अच्छी प्रगति' का दावा किया।
बातचीत स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 3:09 बजे बंद कमरे में शुरू हुई; कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में शामिल।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
वार्ता का मुख्य एजेंडा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और लेबनान में संघर्ष विराम को बनाए रखना है।
वेंस ने कहा कि अमेरिका ने लेबनान में संघर्ष रोकने के लिए दुनिया की किसी भी सरकार से ज्यादा काम किया है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में ईरान के साथ चल रही उच्चस्तरीय वार्ता को लेकर आशावादी रुख अपनाया और कहा कि बैठक में 'काफी अच्छी प्रगति' हो चुकी है। लेक ल्यूसर्न समिट के नाम से आयोजित इस बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व की क्षेत्रीय सुरक्षा है।

वार्ता का घटनाक्रम

अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 3:09 बजे बंद कमरे में बातचीत शुरू हुई। कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधि मध्यस्थ की भूमिका में इस बैठक में शामिल हुए। पत्रकारों को ईरानी प्रतिनिधिमंडल के औपचारिक रूप से पहुँचने से पहले बैठक स्थल से बाहर भेज दिया गया।

बाद में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को बैठक कक्ष की ओर जाते देखा गया। बैठक स्थल पर लगे बैकड्रॉप पर बार-बार 'लेक ल्यूसर्न समिट' लिखा दिख रहा था।

वेंस का बयान

बातचीत शुरू होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए वेंस ने कहा, "पिछले कुछ घंटों में ही हमने काफी अच्छी प्रगति की है और मुझे उम्मीद है कि आने वाले घंटों में हम और आगे बढ़ेंगे।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है और लेबनान में दोबारा शुरू हुई लड़ाई ने कूटनीतिक प्रयासों पर दबाव बढ़ा दिया है।

लेबनान पर अमेरिका का रुख

जब वेंस से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेबनान में सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में कोई संदेश देने को कहा गया, तो उन्होंने कहा, "बेशक, इस लक्ष्य तक पहुँचने के तरीके को लेकर कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लेबनान की स्थिति को लेकर मुझे अच्छा महसूस हो रहा है। अभी कुछ और काम बाकी है, लेकिन हम लगातार कोशिश करते रहेंगे।"

लेबनान में नरसंहार के आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में वेंस ने अमेरिका की भूमिका का बचाव करते हुए कहा, "अमेरिका के राष्ट्रपति और अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों में लेबनान में संघर्ष रोकने के लिए दुनिया की किसी भी सरकार से ज्यादा काम किया है और हम आगे भी इस दिशा में काम करते रहेंगे। जैसा कि आप में से कई लोग जानते हैं, शांति हासिल करना कभी आसान नहीं होता।"

वार्ता में क्या दांव पर है

इस बैठक में मुख्य ध्यान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रहने की उम्मीद है। इसके अलावा लेबनान में संघर्ष विराम को बनाए रखने सहित क्षेत्रीय सुरक्षा के व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का दौर जारी है और कई देश किसी बड़े संघर्ष को टालने की कोशिश में लगे हैं।

आगे क्या

इस बैठक के नतीजे पर मध्य पूर्व और दुनिया के कई देशों की नजर है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका यह संकेत देती है कि इस वार्ता को व्यापक क्षेत्रीय समर्थन हासिल है। वेंस के बयान से उम्मीद जगती है, लेकिन किसी ठोस समझौते की घोषणा अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि ईरान-समर्थित ताकतें और इजरायल एक साथ मेज पर और मैदान में दोनों जगह सक्रिय हैं। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका दिलचस्प है — यह संकेत देती है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच सीधा भरोसा अभी भी सीमित है। बिना किसी सत्यापन तंत्र के किसी भी समझौते की घोषणा महज एक और कूटनीतिक विराम बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बर्गेनस्टॉक में ईरान-अमेरिका वार्ता किस बारे में है?
यह वार्ता स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में 21 जून 2026 को हो रही है, जिसका मुख्य एजेंडा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व की क्षेत्रीय सुरक्षा है। लेबनान में संघर्ष विराम को बनाए रखना भी इस बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल है।
जेडी वेंस ने वार्ता में प्रगति के बारे में क्या कहा?
वेंस ने पत्रकारों से कहा कि 'पिछले कुछ घंटों में ही हमने काफी अच्छी प्रगति की है और मुझे उम्मीद है कि आने वाले घंटों में हम और आगे बढ़ेंगे।' उन्होंने किसी ठोस समझौते का ब्यौरा नहीं दिया।
इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका कौन निभा रहा है?
कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधि इस बैठक में मध्यस्थ के रूप में शामिल हुए हैं। यह व्यवस्था संकेत देती है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा संवाद अभी भी तीसरे पक्ष की मदद पर निर्भर है।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहा है?
ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ इस बैठक में शामिल हुए। दोनों को बैठक कक्ष की ओर जाते देखा गया।
लेबनान में संघर्ष का इस वार्ता पर क्या असर है?
लेबनान में दोबारा शुरू हुई लड़ाई ने इस कूटनीतिक प्रयास पर दबाव बढ़ा दिया है। वेंस ने कहा कि अमेरिका लेबनान में संघर्ष रोकने के लिए काम करता रहेगा, लेकिन इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच 'कभी-कभी मतभेद' की बात भी उन्होंने स्वीकार की।
राष्ट्र प्रेस
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