सेंसेक्स 260 अंक उछला, निफ्टी 23,411 पर; कच्चे तेल की गिरावट से मेटल-FMCG शेयरों में तेजी
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी ने मंगलवार, 23 सितंबर 2026 के कारोबारी सत्र में सकारात्मक शुरुआत की, जब मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावना के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें घटकर $98.21 प्रति बैरल पर आ गईं। सुबह 9:20 बजे IST पर सेंसेक्स 260 अंक (0.36%) की तेजी के साथ 74,782 और निफ्टी 83 अंक (0.35%) की मजबूती के साथ 23,411 पर कारोबार कर रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
शुरुआती कारोबार में बाजार को सबसे अधिक सहारा मेटल और FMCG शेयरों से मिला। निफ्टी मेटल और निफ्टी FMCG शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सूचकांकों में रहे। इनके अलावा निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी ऑटो भी हरे निशान में रहे। केवल निफ्टी IT लाल निशान में था, जो वैश्विक तकनीकी क्षेत्र पर दबाव को दर्शाता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी उत्साह
लार्जकैप शेयरों की तेजी के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 188 अंक (0.29%) की बढ़त के साथ 62,145 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 119 अंक (0.60%) की मजबूती के साथ 19,934 पर कारोबार कर रहा था। जानकारों के अनुसार, घरेलू लिक्विडिटी से व्यापक बाजार को सहारा मिल रहा है और बेहतर विकास संभावनाओं के चलते मिडकैप व स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश प्रवाह बना हुआ है।
सेंसेक्स के गेनर्स और लूजर्स
बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, L&T, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, HUL, IndiGo, ITC, Axis Bank, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर TCS, Infosys, M&M, HDFC Bank, Tech Mahindra, HCL Tech, ICICI Bank और BEL दबाव में रहे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में बाजार का तकनीकी ढाँचा कमजोर रहा है और इसमें गिरावट का रुझान बना हुआ है। उनका कहना है कि बाजार की दिशा बदलने के लिए किसी बड़े ट्रिगर की आवश्यकता होगी, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिवेश — खासकर विकसित देशों में बनी हुई ऊँची मुद्रास्फीति — को देखते हुए ऐसा होना फिलहाल मुश्किल लगता है। यह ऐसे समय में आया है जब मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में वैल्यूएशन काफी ऊँचे स्तर पर पहुँच गए हैं, जो सतर्कता का संकेत देते हैं।
आगे क्या
कच्चे तेल में नरमी का सिलसिला जारी रहता है तो घरेलू मुद्रास्फीति और आयात बिल पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे बाजार को और समर्थन मिल सकता है। हालाँकि, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और IT क्षेत्र में जारी दबाव निकट अवधि में बाजार की ऊपरी सीमा को सीमित रख सकते हैं।