30 जुलाई 2026
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सेंसेक्स 274 अंक उछला, निफ्टी 24,317 पर बंद — लगातार दूसरे दिन हरे निशान में भारतीय बाजार

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सेंसेक्स 274 अंक उछला, निफ्टी 24,317 पर बंद — लगातार दूसरे दिन हरे निशान में भारतीय बाजार

सारांश

वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारतीय बाजार लगातार दूसरे दिन हरे निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 273.55 अंक चढ़कर 77,928 और निफ्टी 24,317 पर पहुँचा। FII की खरीदारी, मजबूत Q1 नतीजों और रुपये की मजबूती ने बाजार को सहारा दिया, जबकि फेड के हॉकिश रुख और पश्चिम एशिया तनाव ने सतर्कता बनाए रखी।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 30 जुलाई 2026 को 273.55 अंक (0.35%) बढ़कर 77,928.15 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 66.95 अंक (0.28%) की बढ़त के साथ 24,317.15 पर बंद हुआ — यह लगातार दूसरी दिन की तेजी है।
निफ्टी ऑटो शीर्ष लाभार्थी ( +1.63% ); निफ्टी रियल्टी सबसे बड़ा घाटे में ( -2% )।
निफ्टी मिडकैप 100 में 0.35% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.56% की गिरावट रही।
FII की खरीदारी, Q1 FY2026-27 के मजबूत नतीजों और रुपये की मजबूती ने बाजार को सहारा दिया।
फेडरल रिजर्व का हॉकिश रुख और पश्चिम एशिया में तनाव वैश्विक अनिश्चितता का मुख्य कारण बने रहे।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को 273.55 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,928.15 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 66.95 अंक यानी 0.28 प्रतिशत चढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है जब दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में बंद हुए, भले ही वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे थे।

सेक्टरवार प्रदर्शन

निफ्टी ऑटो इंडेक्स दिन का शीर्ष लाभार्थी रहा, जिसमें 1.63 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया और निफ्टी आईटी भी बढ़त के साथ बंद हुए।

दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी सूचकांक सबसे अधिक दबाव में रहा और 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में भी गिरावट रही।

शीर्ष लाभार्थी और घाटे वाले शेयर

निफ्टी 50 में सबसे अधिक लाभ कमाने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), कोल इंडिया, आइशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, टीएमपीवी और विप्रो शामिल रहे। वहीं, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई लाइफ, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और इंडिगो के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

व्यापक बाजार का प्रदर्शन कमजोर

प्रमुख सूचकांकों की तुलना में व्यापक बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.35 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.56 प्रतिशत की गिरावट आई, जो दर्शाता है कि निवेशकों की प्राथमिकता फिलहाल बड़े और स्थापित शेयरों की ओर है।

वैश्विक संकेत और विशेषज्ञ विश्लेषण

एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को यथावत रखने का निर्णय बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा, लेकिन महंगाई पर सख्त रुख (हॉकिश स्टैंड) बरकरार रहने से वैश्विक निवेशकों की चिंता कम नहीं हुई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी निकट भविष्य में दर-वृद्धि की आशंका का संकेत दे रही है।

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने वैश्विक अनिश्चितता को और गहरा किया। इन चुनौतियों के बावजूद, विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियादी स्थिति ने बाजार को नीचे जाने से रोका।

घरेलू सहारा: FII खरीदारी और Q1 नतीजे

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बढ़ती खरीदारी, भारतीय रुपये में मजबूती और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के उत्साहजनक कॉर्पोरेट नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में किसी भी गिरावट को निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के अवसर के रूप में भुनाया। आने वाले सत्रों में फेड की नीतिगत दिशा और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि व्यापक बाजार — मिडकैप और स्मॉलकैप — अभी भी दबाव में हैं, जो दर्शाता है कि तेजी चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित है। फेडरल रिजर्व का हॉकिश रुख और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल संकेत देते हैं कि वैश्विक पूंजी प्रवाह अभी भी अस्थिर है। घरेलू बुनियाद मजबूत है, लेकिन FII की खरीदारी पर निर्भरता एक दोधारी तलवार है — जो किसी भी वैश्विक झटके पर पलट सकती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 जुलाई 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ बंद हुए?
सेंसेक्स 273.55 अंक (0.35%) बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 50 66.95 अंक (0.28%) की बढ़त के साथ 24,317.15 पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा सत्र था जब दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
आज के कारोबार में कौन-से सेक्टर सबसे ज्यादा चढ़े और कौन-से गिरे?
निफ्टी ऑटो 1.63% की बढ़त के साथ शीर्ष लाभार्थी रहा, जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया और आईटी भी बढ़त में रहे। दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी 2% गिरकर सबसे बड़ा घाटे वाला सेक्टर रहा; फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और फार्मा में भी गिरावट रही।
भारतीय बाजार को आज किन घरेलू कारकों ने सहारा दिया?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी, भारतीय रुपये में मजबूती और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के उत्साहजनक कॉर्पोरेट नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट पर निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की।
फेडरल रिजर्व के फैसले का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ा?
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें यथावत रखीं, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। हालांकि महंगाई पर सख्त रुख बरकरार रहने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी से वैश्विक निवेशकों की चिंता बनी रही, जिसका असर भारतीय बाजार की सीमित दायरे में कारोबार करने की प्रवृत्ति में दिखा।
आज मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
व्यापक बाजार का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों से कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.35% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.56% की गिरावट दर्ज की गई, जो दर्शाता है कि तेजी मुख्यतः बड़े शेयरों तक सीमित रही।
राष्ट्र प्रेस
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