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सेंसेक्स 362 अंक उछला, 76,515 पर बंद; चार सत्रों की गिरावट के बाद मेटल-कमोडिटी ने संभाला बाजार

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सेंसेक्स 362 अंक उछला, 76,515 पर बंद; चार सत्रों की गिरावट के बाद मेटल-कमोडिटी ने संभाला बाजार

सारांश

चार सत्रों की लगातार गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार ने राहत की सांस ली — सेंसेक्स 362 अंक उछला, मेटल और कमोडिटी सेक्टर आगे रहे। फेड की दर-वृद्धि की आशंका कम होने से धारणा सुधरी, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव और मुनाफा वसूली ने तेजी को सीमित रखा।

मुख्य बातें

सेंसेक्स शुक्रवार को 362.57 अंक (0.48%) की बढ़त के साथ 76,515.43 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 24.25 अंक (0.10%) की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।
निफ्टी मेटल (1.07%) और निफ्टी कमोडिटीज (0.55%) शीर्ष गेनर रहे।
निफ्टी रियल्टी (0.90%) , हेल्थकेयर (0.87%) और फार्मा (0.68%) सबसे ज्यादा दबाव में रहे।
निफ्टी मिडकैप 100 0.25% गिरा; निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.22% चढ़ा।
अमेरिकी फेड की दर-वृद्धि की आशंका कम होने से बाजार को समर्थन मिला, पर भू-राजनीतिक तनाव ने तेजी सीमित रखी।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुक्रवार, 4 सितंबर को 362.57 अंक (0.48%) की बढ़त के साथ 76,515.43 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 24.25 अंक (0.10%) की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद आई यह राहत की तेजी मुख्य रूप से मेटल और कमोडिटी क्षेत्रों की अगुवाई में रही।

किन सेक्टर्स ने दिखाई ताकत

निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.07% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि निफ्टी कमोडिटीज ने 0.55% की तेजी दर्ज की। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.49%), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.39%), निफ्टी मीडिया (0.30%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.28%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.21%) और निफ्टी पीएसई (0.04%) भी हरे निशान में बंद हुए।

दबाव में रहे ये सेक्टर

दूसरी तरफ, निफ्टी रियल्टी (0.90%), निफ्टी हेल्थकेयर (0.87%), निफ्टी फार्मा (0.68%), निफ्टी आईटी (0.47%), निफ्टी ऑटो (0.45%), निफ्टी पीएसयू बैंक (0.44%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.43%) लाल निशान में बंद हुए। इन क्षेत्रों पर ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूली का दबाव हावी रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला रुख

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 156.15 अंक (0.25%) की गिरावट के साथ 63,079.05 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 44.70 अंक (0.22%) की बढ़त के साथ 20,095.45 पर बंद हुआ — जो व्यापक बाजार में मिलेजुले रुख का संकेत है।

बाजार की चाल के पीछे क्या कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की आशंका कम होने से निवेशकों की धारणा में सुधार आया। हालांकि, मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूली ने तेजी की रफ्तार को सीमित रखा। निवेशकों की नजर अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर है, जो आज जारी होने हैं। अगले सप्ताह आने वाले अमेरिकी खुदरा महंगाई के आंकड़े भी अहम होंगे — आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीद है, जिससे फेड के दर-वृद्धि चक्र के थमने की संभावना और मजबूत हो सकती है तथा बॉन्ड यील्ड में स्थिरता आ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे ट्रेंड-रिवर्सल मानना जल्दबाजी होगी — चार सत्रों की गिरावट के बाद महज 0.48% की बढ़त तकनीकी पुलबैक जैसी दिखती है, न कि नई खरीदारी। मेटल और कमोडिटी की अगुवाई यह भी संकेत देती है कि घरेलू कारकों से ज्यादा वैश्विक कच्चे माल की कीमतों ने बाजार को दिशा दी। असली परीक्षा अगले सप्ताह के अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद होगी — यदि कोर CPI उम्मीद से ज्यादा रहा, तो फेड की नरमी की उम्मीदें फिर टूट सकती हैं और भारतीय बाजार पर दबाव लौट सकता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ बंद हुए?
सेंसेक्स 362.57 अंक (0.48%) की बढ़त के साथ 76,515.43 पर और निफ्टी 50 24.25 अंक (0.10%) की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। यह लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद पहली बड़ी रिकवरी थी।
आज बाजार में किस सेक्टर ने सबसे ज्यादा तेजी दिखाई?
निफ्टी मेटल 1.07% की बढ़त के साथ शीर्ष गेनर रहा, उसके बाद निफ्टी कमोडिटीज 0.55% ऊपर बंद हुआ। फाइनेंशियल सर्विसेज, डिफेंस और मीडिया इंडेक्स भी हरे निशान में रहे।
आज कौन से सेक्टर दबाव में रहे?
निफ्टी रियल्टी (0.90%), हेल्थकेयर (0.87%) और फार्मा (0.68%) सबसे ज्यादा गिरावट में रहे। आईटी, ऑटो, पीएसयू बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी लाल निशान में बंद हुए।
भारतीय बाजार में आज तेजी क्यों आई?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की आशंका कम होने से निवेशकों की धारणा में सुधार आया। हालांकि, मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव और मुनाफा वसूली ने बढ़त को सीमित रखा।
आगे बाजार की दिशा क्या होगी?
निवेशकों की नजर आज के अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और अगले सप्ताह आने वाले अमेरिकी खुदरा महंगाई (CPI) डेटा पर है। अगस्त में कोर महंगाई में गिरावट की उम्मीद है, जिससे फेड की दर-वृद्धि रुकने की संभावना मजबूत हो सकती है और बॉन्ड यील्ड में स्थिरता आ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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