सेंसेक्स 362 अंक उछला, 76,515 पर बंद; चार सत्रों की गिरावट के बाद मेटल-कमोडिटी ने संभाला बाजार
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुक्रवार, 4 सितंबर को 362.57 अंक (0.48%) की बढ़त के साथ 76,515.43 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 24.25 अंक (0.10%) की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद आई यह राहत की तेजी मुख्य रूप से मेटल और कमोडिटी क्षेत्रों की अगुवाई में रही।
किन सेक्टर्स ने दिखाई ताकत
निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.07% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि निफ्टी कमोडिटीज ने 0.55% की तेजी दर्ज की। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.49%), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.39%), निफ्टी मीडिया (0.30%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.28%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.21%) और निफ्टी पीएसई (0.04%) भी हरे निशान में बंद हुए।
दबाव में रहे ये सेक्टर
दूसरी तरफ, निफ्टी रियल्टी (0.90%), निफ्टी हेल्थकेयर (0.87%), निफ्टी फार्मा (0.68%), निफ्टी आईटी (0.47%), निफ्टी ऑटो (0.45%), निफ्टी पीएसयू बैंक (0.44%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.43%) लाल निशान में बंद हुए। इन क्षेत्रों पर ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूली का दबाव हावी रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला रुख
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 156.15 अंक (0.25%) की गिरावट के साथ 63,079.05 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 44.70 अंक (0.22%) की बढ़त के साथ 20,095.45 पर बंद हुआ — जो व्यापक बाजार में मिलेजुले रुख का संकेत है।
बाजार की चाल के पीछे क्या कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की आशंका कम होने से निवेशकों की धारणा में सुधार आया। हालांकि, मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूली ने तेजी की रफ्तार को सीमित रखा। निवेशकों की नजर अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर है, जो आज जारी होने हैं। अगले सप्ताह आने वाले अमेरिकी खुदरा महंगाई के आंकड़े भी अहम होंगे — आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीद है, जिससे फेड के दर-वृद्धि चक्र के थमने की संभावना और मजबूत हो सकती है तथा बॉन्ड यील्ड में स्थिरता आ सकती है।