सेंसेक्स 889 अंक उछला, 77,654 पर बंद; निफ्टी 50 में 1.10% की तेजी, IT शेयरों ने संभाला बाजार
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 29 जुलाई को 889 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की छलांग के साथ 77,654.60 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 265 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,250.20 पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार ने पिछले सत्र की गिरावट की भरपाई कर ली, जिसमें आईटी और मेटल शेयरों की अगुवाई रही।
मुख्य घटनाक्रम
सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 76,765.92 से 657.85 अंक की बढ़त के साथ 77,423.77 पर कारोबार की शुरुआत की। दिन के उच्चतम स्तर पर यह 999.57 अंक यानी 1.30 प्रतिशत उछलकर 77,765.49 तक पहुँचा। इसी तरह, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,985.35 से 191.3 अंक की बढ़त के साथ 24,176.65 पर खुला और दिन में 24,283.55 के उच्चतम स्तर को छुआ।
व्यापक बाजार और सेक्टरवार प्रदर्शन
व्यापक बाजारों में भी उत्साह दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.82 प्रतिशत चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.48 प्रतिशत की तेज बढ़त आई। सेक्टरवार देखें तो रियल एस्टेट को छोड़कर सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। आईटी, मीडिया, मेटल, फार्मा, टेलीकॉम, प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1 से 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो सभी क्षेत्रों में व्यापक खरीदारी का संकेत है।
शीर्ष लाभ और नुकसान वाले शेयर
निफ्टी 50 में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL), इंफोसिस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयर रहे, जिनमें 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, आयशर मोटर्स, बजाज-ऑटो, बीईएल, ओएनजीसी और एचडीएफसी लाइफ शीर्ष नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
निवेशकों की संपत्ति में उछाल
इस तेजी से निवेशकों को एक ही सत्र में ₹4 लाख करोड़ का फायदा हुआ। BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के ₹479 लाख करोड़ से बढ़कर ₹483 लाख करोड़ से अधिक हो गया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह ने कहा कि बाजार का मूड बेहतर हुआ है और बेंचमार्क इंडेक्स करीब 900 अंक चढ़े हैं। उन्होंने बताया कि उतार-चढ़ाव के बीच 'वैल्यू बाइंग' यानी अच्छी कीमत पर खरीदारी होती देखी गई है। कच्चे तेल के बारे में उन्होंने कहा कि यह 87 डॉलर के स्तर पर है — 90 डॉलर से नीचे, जो 100 डॉलर से बेहतर है, हालाँकि 70 डॉलर से नीचे होना और भी अनुकूल होता। आगे की दिशा के बारे में उन्होंने कहा कि बाजार की चाल काफी हद तक तिमाही नतीजों के सीजन और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगी।