सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग' 10 नवंबर को हार्परकॉलिन्स इंडिया से होगी प्रकाशित
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' अब हार्परकॉलिन्स इंडिया द्वारा 10 नवंबर को भारत में प्रकाशित की जाएगी। प्रकाशक ने 4 सितंबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह घोषणा करते हुए इस किताब को 'हमारे समय की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली राजनीतिक आत्मकथाओं में से एक' बताया। यह पुस्तक प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की एक निजी यात्रा के रूप में वर्णित की गई है।
किताब में क्या है
हार्परकॉलिन्स इंडिया ने एक्स पर पोस्ट किया, 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' प्यार, पहचान, कर्तव्य और अपनापन महसूस करने की एक रोमांचक और बेहद निजी कहानी है। प्रकाशक के अनुसार यह पुस्तक भारत की यात्रा को अंदर से देखने का एक अनोखा नज़रिया भी पेश करती है।
यह आत्मकथा सोनिया गांधी के व्यक्तिगत जीवन — इटली से भारत तक की यात्रा, राजीव गांधी से विवाह, उनकी असामयिक मृत्यु के बाद के वर्षों और राजनीतिक जीवन — को समेटती है।
पेंगुइन रैंडम हाउस का इनकार और विवाद
गौरतलब है कि इससे पहले 28 अगस्त को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इस आत्मकथा को भारत में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया था। प्रकाशक ने स्पष्ट किया था कि वह 'बिलॉन्गिंग' का भारतीय प्रकाशक नहीं है।
रिपोर्टों के अनुसार, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि लेखक ने संपादकीय बदलावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। प्रकाशक ने कहा था, 'एक प्रकाशक के तौर पर तथ्यों की जाँच करना और लेखकों को ऐसी सलाह देना जो उनकी किताबों के लिए सबसे अच्छी हों, हमारा अधिकार और ज़िम्मेदारी दोनों है। यह प्रकाशन प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है।' प्रकाशक ने यह भी कहा कि वह लेखक के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेगा।
राहुल गांधी की भावुक प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 20 अगस्त को एक्स पर एक भावुक पोस्ट में लिखा था, 'मम्मा, मैंने आपको और पापा को आखिरी बार 35 साल से भी ज़्यादा समय पहले एक साथ देखा था। जिस दिन पापा चले गए, उसके बाद से मैंने देखा है कि आपने ज़िंदगी की हर मुश्किल का सामना कितनी हिम्मत और गरिमा के साथ किया।'
राहुल गांधी ने आगे कहा था, 'मुझे खुशी और गर्व है कि आपकी कहानी — 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' — आखिरकार वे लाखों लोग पढ़ेंगे जो आपसे प्यार करते हैं। मैं जानता हूँ कि आप जैसी निजी ज़िंदगी पसंद करने वाली इंसान के लिए अपनी खूबसूरत कहानी दुनिया को बताना कितना मुश्किल रहा होगा।'
आगे क्या
हार्परकॉलिन्स इंडिया की घोषणा के बाद अब 10 नवंबर की प्रकाशन तिथि पर सबकी नज़रें टिकी हैं। यह किताब भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक के भीतरी अनुभवों पर एक दुर्लभ नज़रिया पेश करने का वादा करती है। पाठकों और राजनीतिक विश्लेषकों में इस पुस्तक को लेकर गहरी उत्सुकता है।