वित्त वर्ष 27 की Q1 GDP वृद्धि दर 7.8%: विजय कलंत्री बोले — सभी सेक्टरों के मजबूत प्रदर्शन का नतीजा
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के चेयरमैन और ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय कलंत्री ने 4 सितंबर को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहना देश के सभी प्रमुख क्षेत्रों के ठोस प्रदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुंबई के एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में ओमानी व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ निवेश और व्यापार पर हुई बैठक के बाद कलंत्री ने यह बात कही।
अनुमान से बेहतर रही विकास दर
कलंत्री के अनुसार, पहले विशेषज्ञों का अनुमान था कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में देश की विकास दर लगभग 6.5 प्रतिशत रहेगी। लेकिन वास्तविक आँकड़े 7.8 प्रतिशत पर आए, जो अनुमान से 1.3 प्रतिशत अंक अधिक है। उन्होंने इसे सभी क्षेत्रों के एकसाथ मजबूत प्रदर्शन का संकेत बताया।
उल्लेखनीय है कि यह वृद्धि ऐसे वैश्विक माहौल में हासिल की गई है जब मध्य पूर्व संघर्ष के कारण ढुलाई लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके बावजूद ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट और टेक्सटाइल सहित अन्य क्षेत्रों का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा।
भारत-ओमान व्यापार संबंध और विस्तार की संभावनाएँ
भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार पर बोलते हुए कलंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत और जीवंत व्यापारिक संबंध रहे हैं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 11 अरब अमेरिकी डॉलर का है। उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, इंजीनियरिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिपिंग, समुद्री सेवाओं और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में इस व्यापार को और बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश है।
कलंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य इस द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 25 अरब डॉलर तक पहुँचाना है। उन्होंने ओमान के विश्वस्तरीय बंदरगाहों, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स ढाँचे को भारतीय कंपनियों के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचने का एक आकर्षक माध्यम बताया।
2025 के द्विपक्षीय समझौते का रणनीतिक महत्त्व
कलंत्री ने 2025 में भारत और ओमान के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते को एक रणनीतिक लाभ के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार अब केवल बातचीत तक सीमित न रहकर व्यापार, निवेश, जॉइंट वेंचर और व्यापारिक साझेदारी के माध्यम से ठोस परिणाम हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है।
ओमान का दृष्टिकोण: 'विजन 2040' और निवेश अवसर
बैठक में ओमान के मदयन के आधिकारिक प्रवक्ता एवं मार्केटिंग और कमर्शियल मामलों के महानिदेशक खालिद बिन सुलेमान अल सालेही ने कहा कि ओमान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और सुदृढ़ औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र एल्युमीनियम, फूड प्रोसेसिंग, खनिज एवं खनन, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में बढ़ते निवेश अवसर प्रदान करते हैं।
'ओमान विजन 2040' के अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पॉलिमर, ऑटोमोटिव, खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। अल सालेही ने बताया कि विदेशी निवेशक पात्र गतिविधियों में 100 प्रतिशत स्वामित्व, दीर्घकालिक औद्योगिक पट्टे और निवेश-संबद्ध अन्य प्रोत्साहनों का लाभ उठा सकते हैं।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और खाड़ी क्षेत्र के साथ आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में सक्रिय है। कलंत्री के अनुसार, यदि सभी क्षेत्रों में यही गति बनी रही तो वित्त वर्ष 27 में भारत की समग्र विकास दर के लिए संभावनाएँ और भी उज्ज्वल हो सकती हैं।