भारत की 7.8% GDP वृद्धि देश की ताकत का प्रमाण: CM फडणवीस और DCM शिंदे
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 1 सितंबर 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में दर्ज 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी विकास दर का स्वागत किया और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति का प्रमाण बताया। दोनों नेताओं ने इस आँकड़े को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की स्थिरता और संभावनाओं का संकेत करार दिया।
फडणवीस का एक्स पर संदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'यही सही विकल्प है, भारत आइए, इसी तरह इसी दिशा में आगे बढ़ते रहें। ऐसे समय में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक राष्ट्र के रूप में हमारी क्षमता और संभावनाओं को साबित करती है। बधाई हो भारत।' यह पोस्ट जीडीपी आँकड़े सार्वजनिक होने के तुरंत बाद की गई।
शिंदे का वैश्विक संदर्भ में विश्लेषण
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब दुनिया के कई देश युद्धों, भू-राजनीतिक संघर्षों और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तब भारत की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर एक अत्यंत आशाजनक तस्वीर पेश करती है। उन्होंने इसे 'आर्थिक प्रगति और स्थिरता का प्रतीक' बताया।
शिंदे ने कहा, 'यह आर्थिक प्रगति और स्थिरता को दर्शाता है। यह 'विकसित भारत 2047' के विजन को हासिल करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।' उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
विपक्ष पर निशाना
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक पूर्वाग्रह के कारण देश की प्रगति पर नकारात्मक रुख अपनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपीलें हमेशा राष्ट्रीय हित, उत्थान और विकास के लिए होती हैं, लेकिन आलोचक उन्हें संकीर्ण राजनीतिक नज़रिए से देखते हैं। शिंदे ने कहा, 'प्रगति पर सवाल उठाने के बजाय सभी को विकास की गति तेज़ करने में योगदान देना चाहिए।'
महाराष्ट्र की भूमिका और प्रतिबद्धता
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप को साकार करने में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति 140 करोड़ नागरिकों के लिए गर्व की बात है और देश की प्रगति का विरोध करने वालों को जनता उचित जवाब देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत की वृद्धि दर वैश्विक स्तर पर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ बनी हुई है।