भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ आर्थिक मज़बूती का प्रमाण : उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 1 सितंबर 2026 को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ देश की आर्थिक मज़बूती, आत्मविश्वास और सामूहिक शक्ति का ठोस प्रमाण है। जन सेना पार्टी के नेता ने यह टिप्पणी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर की, जहाँ उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के इस प्रदर्शन को उल्लेखनीय बताया।
मुख्य बयान
पवन कल्याण ने एक्स पर लिखा, 'वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, यह देश की आर्थिक मजबूती, भरोसे और सामूहिक शक्ति का एक जबरदस्त सबूत है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि जब दुनिया युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, तेल की अस्थिर कीमतों, सप्लाई-चेन में रुकावट और वैश्विक अनिश्चितता से जूझ रही है, तब भारत के लोगों ने एक बार फिर अपनी ताकत और मज़बूती का परिचय दिया है।
मोदी नेतृत्व को श्रेय
उपमुख्यमंत्री ने इस आर्थिक उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने मज़बूत आर्थिक नींव, बढ़ती आत्मनिर्भरता, तेज़ डिजिटल बदलाव, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्रीय विश्वास के एक नए दौर में प्रवेश किया है। पवन कल्याण के अनुसार, इस नेतृत्व ने भारत के युवाओं को बड़े सपने देखने, इनोवेशन करने और उद्यमशीलता के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया है।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका
पवन कल्याण ने कहा कि एक मज़बूत, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार देश के स्पष्ट विज़न के साथ भारत आज वैश्विक मंच पर अधिक सम्मान, विश्वसनीयता और भरोसा अर्जित कर चुका है। उनके अनुसार, भारत वैश्विक चुनौतियों में रचनात्मक योगदान दे रहा है और स्थिरता, विकास व अवसरों की एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा है।
विकसित भारत की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में नीतिगत प्रयास तेज़ कर रही है। पवन कल्याण ने कहा कि यह शानदार जीडीपी प्रदर्शन देश के लोगों, उद्यमों, मज़दूरों, किसानों, इनोवेटर्स और संस्थानों की सामूहिक ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'मजबूती से विकास की ओर, चुनौतियों से अवसरों की ओर, भारत की सामूहिक शक्ति विकसित भारत की राह बना रही है।' गौरतलब है कि यह तिमाही ग्रोथ दर कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में उल्लेखनीय रूप से ऊँची है।