भारत की 7.8% GDP वृद्धि 'फ्रैजाइल फाइव' से बड़ा बदलाव: रविशंकर प्रसाद, राहुल गांधी पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अप्रैल-जून 2026 तिमाही की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और स्थिर नेतृत्व की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि खाड़ी संकट, तेल आपूर्ति की बाधाओं और वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधान के बावजूद भारत ने यह विकास दर हासिल की है।
वैश्विक तुलना में भारत की स्थिति
प्रसाद ने इसी अवधि में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की विकास दरों का हवाला देते हुए कहा कि कनाडा की वृद्धि दर करीब 1.5 प्रतिशत, जर्मनी की 1 प्रतिशत, ब्रिटेन की 2.1 प्रतिशत, अमेरिका की करीब 2.1 प्रतिशत, मलेशिया की लगभग 6 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया की करीब 3.7 प्रतिशत रही। उनके अनुसार, वैश्विक संकट के बीच भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर देश की आर्थिक क्षमता और नीतिगत मजबूती को रेखांकित करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी चुनौतियों और तेल की आवाजाही में संभावित बाधाओं का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा, फिर भी भारत ने अपनी विकास गति बनाए रखी।
'फ्रैजाइल फाइव' से 7.8% तक का सफर
प्रसाद ने 2013 के भारत और वर्तमान आर्थिक स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि उस समय भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'फ्रैजाइल फाइव' — यानी कमजोर मानी जाने वाली पाँच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं — में गिना जाता था। उन्होंने उस दौर में 'पॉलिसी पैरालिसिस' यानी नीतिगत ठहराव का भी उल्लेख किया।
उन्होंने अपना एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि 2013 में जब वे राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता थे, तब न्यूयॉर्क में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान कुछ अमेरिकी और भारतीय-अमेरिकी निवेशकों ने उनसे भारत में अपने निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने तब निवेशकों को आश्वस्त किया था कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद स्थिति बदलेगी। प्रसाद के अनुसार, 'फ्रैजाइल फाइव' से निकलकर 7.8 प्रतिशत की विकास दर तक पहुँचना उसी बदलाव का प्रमाण है।
मोदी सरकार की नीतियों की सराहना
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और नेतृत्व की सराहना की। साथ ही उन्होंने वित्त मंत्रालय और वित्त मंत्री के आर्थिक प्रबंधन को भी भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, निर्माण और सर्विस सेक्टर — सभी क्षेत्रों के समन्वित योगदान ने इस विकास दर को संभव बनाया।
राहुल गांधी पर तीखा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी ने भारत का मनोबल गिराने और देश को कमजोर दिखाने का ठेका ले रखा है। उन्होंने राहुल गांधी के उस कथित बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताया था।
प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को आर्थिक प्रबंधन और आर्थिक विकास की पर्याप्त समझ नहीं है। उनके अनुसार, 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का ताजा आँकड़ा राहुल गांधी के उस दावे का सीधा जवाब है।
आगे की दिशा
प्रसाद ने कहा कि भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति को केवल एक तिमाही के आँकड़े के रूप में नहीं, बल्कि पिछले वर्षों के व्यापक आर्थिक बदलाव के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेज आर्थिक विकास के लिए स्थिर नेतृत्व अनिवार्य है — ऐसा नेतृत्व जो संकट को भी अवसर में बदलने की क्षमता रखता हो। भाजपा नेता ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत आज मजबूती के साथ खड़ा है और यह सफर आगे भी जारी रहेगा।