भारत की 7.8% GDP ग्रोथ पर BJP-JDU ने मोदी को दिया श्रेय, राहुल गांधी पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत दर्ज होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों की सफलता करार दिया। 1 सितंबर को नई दिल्ली में नेताओं ने एक स्वर में यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की यह वृद्धि दर दुनिया के लिए मिसाल बन रही है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'किसी भी व्यक्ति या एक्सपर्ट को यह उम्मीद नहीं थी कि भारत किसी भी हाल में 7 प्रतिशत से ज़्यादा जीडीपी ग्रोथ हासिल कर पाएगा, क्योंकि हालात अच्छे नहीं थे। ऐसे मुश्किल हालात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों ने देश में भरोसे का माहौल बनाया और नतीजतन, 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का आँकड़ा सामने आया।' उन्होंने यह भी कहा कि इससे देश के व्यापारियों और उद्योगों को बड़ा फायदा होगा।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार ने भारत को आत्मनिर्भर और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए नीतिगत सुधार किए हैं। उन्होंने कहा, 'आज पूरी दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही है, जियोपॉलिटिकल अस्थिरता चिंता का विषय बनी हुई है। लेकिन ऐसे माहौल में भी प्रधानमंत्री ने मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने का काम किया है, जिससे भारत निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन गया है।'
विकसित भारत के विजन से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यह जीडीपी ग्रोथ 'विकसित भारत' के विजन को पूरा करने की दिशा में मज़बूत कदम है। JDU के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का दृढ़ संकल्प यह दर्शाता है कि उनका लक्ष्य 2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाना है।
JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, 'यह ग्रोथ न सिर्फ यह दिखाती है कि देश वैश्विक चुनौतियों से उबर रहा है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि भारत का आर्थिक मॉडल दुनिया के लिए उदाहरण बन रहा है।'
राहुल गांधी पर पलटवार
यह ऐसे समय में आया है जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताया था। केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने उन पर तीखा निशाना साधते हुए कहा, 'वे इसे उसी नज़रिए से देख रहे हैं जैसे 2004 से 2014 तक देश को लूट रहे थे। अगर उन्होंने गणित पढ़ा होता, तो वे समझ जाते कि यह क्या है।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सत्तापक्ष ने आर्थिक आँकड़ों को लेकर विपक्ष पर इस तरह का हमला बोला हो।
आम जनता और उद्योग पर असर
आलोचकों का कहना है कि जीडीपी ग्रोथ के आँकड़े तब तक पूरी तस्वीर नहीं दिखाते जब तक रोज़गार सृजन और आय वितरण के संकेतक भी मज़बूत न हों। वहीं, उद्योग जगत ने इस ग्रोथ को निवेश माहौल के लिए सकारात्मक संकेत बताया है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह वृद्धि दर टिकाऊ साबित होती है।