जीडीपी 7.7% वृद्धि पर BJP प्रवक्ता आरपी. सिंह बोले — देश मजबूत नेतृत्व में, मोदी नीतियाँ कारगर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी. सिंह ने 6 जून को नई दिल्ली में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी में 7.7 प्रतिशत की वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास दर सकारात्मक बनी हुई है, जो देश के मजबूत आर्थिक प्रबंधन को दर्शाती है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की स्थिति
आरपी. सिंह ने कहा कि इस समय ऊर्जा संकट एक बड़ी वैश्विक समस्या बनी हुई है, जिसका असर दुनिया की तमाम अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन विपरीत परिस्थितियों में भी केंद्र सरकार स्थिति को संभालने के लिए लगातार कदम उठा रही है और उन प्रयासों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, यही कारण है कि भारत अन्य कई देशों की तुलना में बेहतर आर्थिक स्थिति में है।
सरकार की प्राथमिकता और मोदी का नेतृत्व
BJP प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना और किसी भी संकट का मजबूती से सामना करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार न केवल चुनौतियों की पहचान कर रही है, बल्कि उनके समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम भी कर रही है। 7.7 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर इसी सक्रियता का परिणाम बताई जा रही है।
राहुल गांधी पर तंज
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयानों पर टिप्पणी करते हुए आरपी. सिंह ने कहा कि उनके बयानों को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'उनके 'सुनामी' का मतलब है कि उनकी चाय की प्याली में तूफान आने वाला है। सच तो यह है कि देश सुरक्षित हाथों में है। हम मानते हैं कि संकट है, लेकिन उस संकट से कैसे निकला जाए, इसे लेकर पीएम मोदी चिंतित हैं और जीडीपी की ग्रोथ इस बात का संकेत है कि देश सुरक्षित हाथों में है।'
परिसीमन और संसदीय सुधार
परिसीमन विधेयक पर पूछे गए सवाल के जवाब में आरपी. सिंह ने कहा कि सरकार चाहती है कि देश की जनसंख्या और जनसांख्यिकी के अनुसार लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण हो। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने के लिए जरूरी बताया और कहा कि संसद की सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि अधिक क्षेत्रों और लोगों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
महिला आरक्षण पर समर्थन
सिंह ने महिलाओं के आरक्षण का समर्थन करते हुए इसे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार परिसीमन, सीटों में वृद्धि और महिला आरक्षण — ये सभी सुधार मिलकर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएंगे। आने वाले समय में इन नीतिगत कदमों के क्रियान्वयन पर सबकी नजर रहेगी।