एनएच-66 पर खड़ी लॉरी से कार की टक्कर, तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
केरल के त्रिशूर जिले के कैपामंगलम में शुक्रवार देर रात नेशनल हाईवे-66 पर एक भीषण सड़क हादसे में तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की जान चली गई। छात्रों की कार निर्माण कार्य के दौरान बनाए गए डायवर्जन के पास खड़ी एक मालवाहक लॉरी से जा टकराई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सभी सवार अंदर फंस गए।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, तमिलनाडु नंबर की कार एनएच-66 के उस हिस्से से गुजर रही थी जहाँ सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते लागू अस्थायी डायवर्जन के पास एक लॉरी खड़ी थी, और पीछे से आ रही कार उससे जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह बिखर गई। फंसे पीड़ितों को बाहर निकालने के लिए बचावकर्मियों को क्षतिग्रस्त वाहन को काटना पड़ा।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गँवाने वाले सभी युवा डिंडीगुल स्थित पी.एस.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे। अधिकारियों के अनुसार, अब तक पाँच की पहचान हो चुकी है — सलेम के 20 वर्षीय विश्व, डिंडीगुल के 20 वर्षीय सूर्या और 20 वर्षीय युवासंजीत, तथा मदुरै के 20 वर्षीय संतोष और प्रसन्ना। शेष तीन पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
बचाव और राहत कार्य
सूचना मिलते ही कैपामंगलम पुलिस स्टेशन के कर्मी और स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों के अनुसार, 7 छात्रों की मृत्यु मौके पर ही हो गई, जबकि एक घायल को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे बचाया नहीं जा सका। इसके बाद शवों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जाँच का दायरा
पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है। यह भी जाँचा जाएगा कि निर्माण डायवर्जन क्षेत्र में लॉरी का खड़ा होना नियमों के अनुरूप था या नहीं। दोनों वाहनों की जाँच और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि एनएच-66 के कई खंडों पर बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण कार्य जारी है, जिसके चलते अस्थायी डायवर्जन और यातायात प्रतिबंध लागू हैं।
व्यापक संदर्भ
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब निर्माणाधीन राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि निर्माण क्षेत्रों में अपर्याप्त संकेत और रात के समय दृश्यता की कमी बड़े हादसों को न्योता देती है। इस दुर्घटना के बाद एनएच-66 पर सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की माँग तेज़ हो सकती है।