5 सितंबर 2026
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एनएच-66 पर खड़ी लॉरी से कार की टक्कर, तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

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एनएच-66 पर खड़ी लॉरी से कार की टक्कर, तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

सारांश

केरल के त्रिशूर में एनएच-66 पर निर्माण डायवर्जन के पास खड़ी लॉरी से कार की टक्कर ने 8 युवा इंजीनियरिंग छात्रों की जान ले ली। सभी तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित पी.एस.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज के थे। यह हादसा निर्माणाधीन राजमार्गों पर रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

शुक्रवार देर रात केरल के त्रिशूर जिले के कैपामंगलम में एनएच-66 पर भीषण सड़क हादसा हुआ।
तमिलनाडु के पी.एस.एम.
इंजीनियरिंग कॉलेज, डिंडीगुल के 8 छात्रों की मौत हुई।
7 छात्रों की मृत्यु घटनास्थल पर ही हुई; एक को अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका।
पहचाने गए मृतकों में विश्व (सलेम) , सूर्या , युवासंजीत (डिंडीगुल) , संतोष और प्रसन्ना (मदुरै) शामिल हैं — सभी 20 वर्षीय ।
हादसा एनएच-66 के निर्माणाधीन खंड में अस्थायी डायवर्जन के पास खड़ी लॉरी से टक्कर के कारण हुआ।
कैपामंगलम पुलिस ने जाँच शुरू की; लॉरी के वहाँ खड़े होने की वैधता भी जाँच के दायरे में।

केरल के त्रिशूर जिले के कैपामंगलम में शुक्रवार देर रात नेशनल हाईवे-66 पर एक भीषण सड़क हादसे में तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की जान चली गई। छात्रों की कार निर्माण कार्य के दौरान बनाए गए डायवर्जन के पास खड़ी एक मालवाहक लॉरी से जा टकराई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सभी सवार अंदर फंस गए।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, तमिलनाडु नंबर की कार एनएच-66 के उस हिस्से से गुजर रही थी जहाँ सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते लागू अस्थायी डायवर्जन के पास एक लॉरी खड़ी थी, और पीछे से आ रही कार उससे जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह बिखर गई। फंसे पीड़ितों को बाहर निकालने के लिए बचावकर्मियों को क्षतिग्रस्त वाहन को काटना पड़ा।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गँवाने वाले सभी युवा डिंडीगुल स्थित पी.एस.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे। अधिकारियों के अनुसार, अब तक पाँच की पहचान हो चुकी है — सलेम के 20 वर्षीय विश्व, डिंडीगुल के 20 वर्षीय सूर्या और 20 वर्षीय युवासंजीत, तथा मदुरै के 20 वर्षीय संतोष और प्रसन्ना। शेष तीन पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

बचाव और राहत कार्य

सूचना मिलते ही कैपामंगलम पुलिस स्टेशन के कर्मी और स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों के अनुसार, 7 छात्रों की मृत्यु मौके पर ही हो गई, जबकि एक घायल को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे बचाया नहीं जा सका। इसके बाद शवों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जाँच का दायरा

पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है। यह भी जाँचा जाएगा कि निर्माण डायवर्जन क्षेत्र में लॉरी का खड़ा होना नियमों के अनुरूप था या नहीं। दोनों वाहनों की जाँच और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि एनएच-66 के कई खंडों पर बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण कार्य जारी है, जिसके चलते अस्थायी डायवर्जन और यातायात प्रतिबंध लागू हैं।

व्यापक संदर्भ

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब निर्माणाधीन राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि निर्माण क्षेत्रों में अपर्याप्त संकेत और रात के समय दृश्यता की कमी बड़े हादसों को न्योता देती है। इस दुर्घटना के बाद एनएच-66 पर सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की माँग तेज़ हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल के त्रिशूर में एनएच-66 पर हादसा कैसे हुआ?
शुक्रवार देर रात त्रिशूर जिले के कैपामंगलम में एनएच-66 के निर्माणाधीन खंड पर बनाए गए अस्थायी डायवर्जन के पास एक लॉरी खड़ी थी। तमिलनाडु नंबर की एक कार पीछे से आकर इस लॉरी से जा भिड़ी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी 8 सवार अंदर फंस गए।
हादसे में मारे गए छात्र कौन थे और कहाँ के थे?
मारे गए सभी 8 छात्र तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित पी.एस.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज के थे। अब तक पहचाने गए पाँच छात्रों में सलेम के विश्व (20 वर्ष), डिंडीगुल के सूर्या (20 वर्ष) और युवासंजीत (20 वर्ष), तथा मदुरै के संतोष (20 वर्ष) और प्रसन्ना शामिल हैं। शेष तीन की पहचान की जा रही है।
क्या एनएच-66 पर निर्माण कार्य इस हादसे की वजह बना?
पुलिस जाँच कर रही है कि निर्माण डायवर्जन क्षेत्र में लॉरी का खड़ा होना नियमों के अनुरूप था या नहीं। एनएच-66 के कई खंडों पर बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण कार्य जारी है, जिसके चलते अस्थायी डायवर्जन और यातायात प्रतिबंध लागू हैं। यह पहलू भी जाँच का हिस्सा है।
घटनास्थल पर बचाव कार्य कैसे हुआ?
सूचना मिलते ही कैपामंगलम पुलिस और स्थानीय बचावकर्मी मौके पर पहुँचे। वाहन इतना क्षतिग्रस्त था कि फंसे पीड़ितों को बाहर निकालने के लिए उसे काटना पड़ा। 7 छात्रों की मृत्यु घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि एक को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे बचाया नहीं जा सका।
आगे क्या होगा — पुलिस जाँच में क्या देखा जाएगा?
कैपामंगलम पुलिस दोनों वाहनों की जाँच करेगी और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करेगी। जाँच में यह भी देखा जाएगा कि डायवर्जन क्षेत्र में पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए थे या नहीं, और लॉरी का वहाँ खड़ा होना किस हद तक जिम्मेदार है।
राष्ट्र प्रेस
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