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उत्तर कोरिया का यूएन जनरल असेंबली में उप विदेश मंत्री किम सोन-ग्योंग को भेजने की संभावना, 28 सितंबर को देंगे भाषण

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उत्तर कोरिया का यूएन जनरल असेंबली में उप विदेश मंत्री किम सोन-ग्योंग को भेजने की संभावना, 28 सितंबर को देंगे भाषण

सारांश

सात साल की राजनयिक दूरी के बाद उत्तर कोरिया एक बार फिर यूएन जनरल असेंबली में उप मंत्री स्तर की उपस्थिति दर्ज करा सकता है। ट्रंप-किम मुलाकात की चर्चा के बीच प्योंगयांग का यह कदम महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सुविचारित कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री किम सोन-ग्योंग के 28 सितंबर को यूएन जनरल असेंबली में भाषण देने की संभावना है।
यह 81वीं यूएन जनरल असेंबली के उच्च-स्तरीय सत्र का अंतिम दिन होगा; जनरल डिबेट 22-26 सितंबर और 28 सितंबर को होगी।
2019 की असफल हनोई बैठक के बाद प्योंगयांग ने पाँच वर्षों तक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि नहीं भेजा था।
पिछले वर्ष किम सोन-ग्योंग ने सात साल में पहली बार उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा किम जोंग-उन से मिलने की इच्छा जताए जाने के बाद इस भाषण पर अंतरराष्ट्रीय नज़र रहेगी।

उत्तर कोरिया इस वर्ष न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली 81वीं संयुक्त राष्ट्र (यूएन) जनरल असेंबली में उप मंत्री स्तर के अधिकारी को भेज सकता है। यूएन सचिवालय द्वारा अद्यतन की गई वक्ताओं की सूची के अनुसार, उप विदेश मंत्री किम सोन-ग्योंग 28 सितंबर को यूएन मुख्यालय में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए भाषण दे सकते हैं। यह उच्च-स्तरीय जनरल डिबेट का अंतिम दिन होगा।

मुख्य घटनाक्रम

इस वर्ष की यूएन जनरल असेंबली की जनरल डिबेट 22 से 26 सितंबर और 28 सितंबर को निर्धारित है। उत्तर कोरिया में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रभारी किम सोन-ग्योंग के इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जैसा कि पिछले वर्ष भी हुआ था। गौरतलब है कि यह 81वीं जनरल असेंबली का उच्च-स्तरीय सत्र है।

सात साल की अनुपस्थिति के बाद वापसी का सिलसिला

2019 से 2024 तक, प्योंगयांग ने जनरल असेंबली में किसी उच्च स्तर के अधिकारी को नहीं भेजा था। यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच 2019 में हनोई में हुई बैठक के असफल रहने के बाद लिया गया था। उस दौरान, यूएन में उत्तर कोरिया के राजदूत किम सोंग जनरल असेंबली में देश का प्रतिनिधित्व करते रहे। पिछले वर्ष किम सोन-ग्योंग ने सात साल में पहली बार उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।

ट्रंप-किम संबंधों के बीच कूटनीतिक संदेश पर नज़र

इस वर्ष उत्तर कोरिया यूएन मंच पर क्या संदेश देगा, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विशेष नज़र रहेगी। इसकी वजह यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वर्ष किम जोंग-उन से मिलने की इच्छा सार्वजनिक रूप से जताई है। ऐसे में प्योंगयांग का यूएन में प्रतिनिधित्व का स्तर और उसका भाषण दोनों ही कूटनीतिक संकेत के रूप में देखे जाएंगे।

यूएन जनरल असेंबली की भूमिका

संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली, यूएन के छह प्रमुख अंगों में से एक है और यह संगठन का मुख्य विचार-विमर्श, नीति-निर्माण एवं प्रतिनिधि निकाय है। इसकी शक्तियाँ, संरचना, कार्य और प्रक्रियाएँ संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय चार में निर्धारित हैं। यह वर्तमान में अपने 80वें सत्र में है।

आगे क्या होगा

यदि किम सोन-ग्योंग 28 सितंबर को भाषण देते हैं, तो यह प्योंगयांग की कूटनीतिक सक्रियता का एक और संकेत होगा। विश्लेषकों के अनुसार, इस भाषण की विषय-वस्तु और लहजे से यह स्पष्ट होगा कि उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ संवाद के लिए कितना तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पहल की कीमत वसूलना चाहता है। ट्रंप की किम से मिलने की इच्छा के बीच इस भाषण की विषय-वस्तु एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक थर्मामीटर साबित हो सकती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि प्योंगयांग का प्रतिनिधित्व स्तर स्वयं एक संदेश है — शब्दों से पहले।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया यूएन जनरल असेंबली में किसे भेज सकता है?
उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री किम सोन-ग्योंग के 28 सितंबर को यूएन जनरल असेंबली में भाषण देने की संभावना है। यूएन सचिवालय द्वारा अद्यतन वक्ताओं की सूची में उत्तर कोरिया के एक उप मंत्री स्तर के अधिकारी का नाम दर्ज है।
उत्तर कोरिया ने पहले यूएन जनरल असेंबली में उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि भेजना क्यों बंद किया था?
2019 में हनोई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच हुई बैठक के असफल रहने के बाद प्योंगयांग ने 2019 से 2024 तक जनरल असेंबली में कोई उच्च-स्तरीय अधिकारी नहीं भेजा। उस दौरान यूएन में उत्तर कोरिया के राजदूत किम सोंग ने यह भूमिका निभाई।
इस वर्ष उत्तर कोरिया के यूएन भाषण पर इतना ध्यान क्यों है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वर्ष किम जोंग-उन से मिलने की इच्छा सार्वजनिक रूप से जताई है। ऐसे में उत्तर कोरिया का यूएन मंच पर संदेश और उसका लहजा यह संकेत देगा कि प्योंगयांग अमेरिका के साथ नई वार्ता के लिए कितना तैयार है।
81वीं यूएन जनरल असेंबली की जनरल डिबेट कब होगी?
81वीं यूएन जनरल असेंबली की जनरल डिबेट 22 से 26 सितंबर और 28 सितंबर को निर्धारित है। 28 सितंबर उच्च-स्तरीय सत्र का अंतिम दिन होगा।
संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली क्या है?
संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली यूएन के छह प्रमुख अंगों में से एक है और यह संगठन का मुख्य विचार-विमर्श, नीति-निर्माण एवं प्रतिनिधि निकाय है। इसकी शक्तियाँ और प्रक्रियाएँ संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय चार में निर्धारित हैं।
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