30 अगस्त 2026
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उत्तर कोरिया में रक्षा मंत्री बदले: किम सोंग-गी को कमान, नो क्वांग-चोल हटाए गए

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उत्तर कोरिया में रक्षा मंत्री बदले: किम सोंग-गी को कमान, नो क्वांग-चोल हटाए गए

सारांश

किम जोंग-उन ने सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो प्रमुख किम सोंग-गी को रक्षा मंत्री बनाया। यह नियुक्ति प्योंगयांग के बढ़ते सैन्य आधुनिकीकरण, रूस से गहराते सहयोग और कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ते तनाव के बीच आई है।

मुख्य बातें

किम जोंग-उन ने किम सोंग-गी को उत्तर कोरिया का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया।
किम सोंग-गी इससे पहले कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के निदेशक थे।
पूर्व रक्षा मंत्री नो क्वांग-चोल को म्युनिशंस इंडस्ट्री डिपार्टमेंट का पहला उप-निदेशक बनाया गया।
यह फेरबदल वर्कर्स पार्टी की नौवीं केंद्रीय सैन्य आयोग की बैठक में किया गया।
उत्तर कोरिया रूस को हथियार आपूर्ति और अमेरिका के 12.5 करोड़ डॉलर के दक्षिण कोरिया हथियार सौदे पर तीखी प्रतिक्रिया के बीच यह बदलाव हुआ।

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने 30 अगस्त 2026 को सैन्य नेतृत्व में बड़ा फेरबदल करते हुए किम सोंग-गी को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब प्योंगयांग अपने सैन्य आधुनिकीकरण अभियान को गति देने और सेना के भीतर राजनीतिक अनुशासन कड़ा करने पर विशेष ज़ोर दे रहा है।

नियुक्ति का विवरण और पृष्ठभूमि

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, किम सोंग-गी को कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के निदेशक पद से सीधे रक्षा मंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया है। उन्होंने नो क्वांग-चोल की जगह ली है, जो इस पद पर थे।

यह नियुक्ति वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नौवीं केंद्रीय सैन्य आयोग की दूसरी बैठक में की गई, जिसका मार्गदर्शन स्वयं किम जोंग-उन ने किया। बैठक शनिवार को आयोजित हुई थी।

नो क्वांग-चोल की नई भूमिका

रक्षा मंत्री पद से हटाए जाने के साथ ही नो क्वांग-चोल को वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय नेतृत्व संरचना से भी बाहर कर दिया गया है। उन्हें अब पार्टी की केंद्रीय समिति के म्युनिशंस इंडस्ट्री डिपार्टमेंट का पहला उप-निदेशक नियुक्त किया गया है। उत्तर कोरिया ने इस बदलाव का कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

किम सोंग-गी की नियुक्ति का रणनीतिक संकेत

जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो सेना के भीतर राजनीतिक और वैचारिक नियंत्रण बनाए रखने की केंद्रीय संस्था है। विश्लेषकों के अनुसार, इस पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को रक्षा मंत्रालय की कमान सौंपना यह दर्शाता है कि किम जोंग-उन सैन्य तंत्र पर अपनी राजनीतिक पकड़ और मज़बूत करना चाहते हैं।

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया हाल के वर्षों में परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर भी लगातार निवेश करता रहा है। ऐसे में यह नियुक्ति प्योंगयांग की बदलती सैन्य प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।

क्षेत्रीय तनाव और रूस से सहयोग

यह फेरबदल कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुआ है। दक्षिण कोरिया के आकलनों के अनुसार, उत्तर कोरिया रूस के साथ अपना सैन्य सहयोग लगातार गहरा कर रहा है — जिसमें हथियार आपूर्ति और भविष्य में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारियाँ शामिल बताई जा रही हैं।

इसके अलावा, प्योंगयांग ने हाल ही में अमेरिका द्वारा दक्षिण कोरिया को किए गए 12.5 करोड़ डॉलर के हथियार सौदे को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। उधर, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान सितंबर में संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

प्योंगयांग की निर्णय प्रक्रिया की सीमित पारदर्शिता के कारण किम सोंग-गी की नियुक्ति के पीछे की सटीक रणनीतिक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। फिर भी, क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ इस बदलाव को उत्तर कोरिया की रक्षा नीति की आगामी दिशा समझने की एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रहे हैं। आने वाले हफ्तों में प्योंगयांग के सैन्य कदम इस नियुक्ति के निहितार्थ और स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि नो क्वांग-चोल को हटाने का कोई स्पष्ट कारण न देना प्योंगयांग की उस परंपरागत रणनीति का हिस्सा है जिसमें अनिश्चितता को एक कूटनीतिक औज़ार की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया का नया रक्षा मंत्री कौन है?
किम सोंग-गी को उत्तर कोरिया का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के निदेशक थे और उन्होंने नो क्वांग-चोल की जगह ली है।
नो क्वांग-चोल को रक्षा मंत्री पद से क्यों हटाया गया?
उत्तर कोरिया ने इस बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। प्योंगयांग की निर्णय प्रक्रिया की सीमित पारदर्शिता के कारण सटीक वजह स्पष्ट नहीं है; नो क्वांग-चोल को अब म्युनिशंस इंडस्ट्री डिपार्टमेंट का पहला उप-निदेशक बनाया गया है।
यह सैन्य फेरबदल किस संदर्भ में हुआ है?
यह बदलाव वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नौवीं केंद्रीय सैन्य आयोग की बैठक में हुआ, जिसकी अध्यक्षता किम जोंग-उन ने की। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया सैन्य आधुनिकीकरण तेज़ कर रहा है, रूस के साथ सहयोग बढ़ा रहा है और दक्षिण कोरिया-अमेरिका के हथियार सौदे पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहा है।
किम सोंग-गी की नियुक्ति का क्या रणनीतिक महत्व है?
जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो सेना के भीतर राजनीतिक और वैचारिक नियंत्रण की केंद्रीय संस्था है। इस पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को रक्षा मंत्री बनाना यह संकेत देता है कि किम जोंग-उन सैन्य तंत्र पर अपनी राजनीतिक पकड़ और मज़बूत करना चाहते हैं।
उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग की स्थिति क्या है?
दक्षिण कोरिया के आकलनों के अनुसार, उत्तर कोरिया रूस को हथियार और सैन्य सहायता उपलब्ध करा रहा है और भविष्य में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी में भी है। यह सहयोग हाल के वर्षों में लगातार गहरा होता जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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