उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन-हुई मास्को पहुंचीं, किम जोंग-उन की रूस यात्रा की अटकलें तेज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन-हुई रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के निमंत्रण पर मास्को के आधिकारिक दौरे पर पहुंच चुकी हैं। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने रविवार, 20 जुलाई को इसकी पुष्टि की, जबकि रूसी विदेश मंत्रालय ने एक दिन पहले ही इसकी जानकारी दे दी थी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब प्योंगयांग और मास्को के बीच रणनीतिक एवं सैन्य सहयोग अभूतपूर्व गहराई तक पहुंच चुका है।
दौरे की पृष्ठभूमि
केसीएनए के अनुसार, चोए सोन-हुई अपने आधिकारिक विमान से प्योंगयांग से रवाना होकर रूस पहुंचीं। यह अक्टूबर 2024 के बाद उनकी मास्को की पहली यात्रा है — इससे पहले वे मास्को के कार्यकारी दौरे पर आई थीं और बेलारूस में आयोजित एक वैश्विक सुरक्षा सम्मेलन में भी शामिल हुई थीं। उत्तर कोरियाई मीडिया ने इस बार भी दौरे के उद्देश्य या कार्यक्रम का कोई विवरण साझा नहीं किया है, और रूसी पक्ष ने भी बैठक के एजेंडे पर चुप्पी बनाए रखी है।
किम जोंग-उन की मास्को यात्रा की अटकलें
विश्लेषकों के अनुसार, यह दौरा उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की संभावित रूस यात्रा की तैयारियों से जुड़ा हो सकता है। चूंकि दोनों देशों के बीच फिलहाल कोई बड़ा राजनयिक कार्यक्रम या वर्षगांठ निर्धारित नहीं है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि मास्को में संभावित शिखर बैठक की रूपरेखा पर विचार-विमर्श हो सकता है। गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही किम को मास्को आमंत्रित कर चुके हैं।
रूस-उत्तर कोरिया संबंधों की मजबूत होती कड़ी
जून 2024 में किम जोंग-उन और व्लादिमीर पुतिन ने 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि' पर हस्ताक्षर किए थे, जो दोनों देशों के संबंधों में एक निर्णायक मोड़ साबित हुई। इस समझौते के बाद उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस के समर्थन के लिए हजारों सैनिक भेजे हैं। रक्षा, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार गहरा होता जा रहा है।
चीन के साथ भी संतुलन साधने की कोशिश
यह यात्रा ऐसे समय में भी हो रही है जब प्योंगयांग अपने पारंपरिक सहयोगी चीन के साथ भी संबंध प्रगाढ़ करने में जुटा है। पिछले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया का दौरा कर किम जोंग-उन से मुलाकात की थी। हाल के हफ्तों में दोनों देशों ने अपनी मित्रता संधि की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्कों को और तेज किया है। इस प्रकार उत्तर कोरिया एक साथ दो प्रमुख शक्तियों — रूस और चीन — के साथ अपनी कूटनीतिक स्थिति मजबूत कर रहा है।
आगे क्या होगा
चोए सोन-हुई और लावरोव के बीच वार्ता के नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं। यदि किम जोंग-उन की मास्को यात्रा की पुष्टि होती है, तो यह जून 2024 की संधि के बाद दोनों नेताओं की पहली शिखर भेंट होगी और यूक्रेन संघर्ष के बीच रूस-उत्तर कोरिया धुरी को और अधिक वैश्विक ध्यान दिलाएगी।