उत्तर कोरिया-रूस गठबंधन और गहरा: चोए सन-हुई बोलीं — 'सभी रणनीतिक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सन-हुई ने 31 मई को प्योंगयांग स्थित रूसी दूतावास में आयोजित एक समारोह में कहा कि उत्तर कोरिया और रूस सभी रणनीतिक मुद्दों पर 'समान दृष्टिकोण' रखते हैं — एक बयान जो दोनों देशों के बीच गहराते गठबंधन की स्पष्ट पुष्टि करता है। यह समारोह दिवंगत रूसी राजदूत अलेक्जेंडर मात्सेगोरा की स्मृति में एक स्मारक पट्टिका के अनावरण के अवसर पर आयोजित किया गया था।
समारोह की पृष्ठभूमि
अलेक्जेंडर मात्सेगोरा ने 10 वर्षों से अधिक समय तक उत्तर कोरिया में रूस के राजदूत के रूप में सेवा की थी। दिसंबर 2025 में 70 वर्ष की आयु में उनका अचानक निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया। इस स्मारक समारोह में सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की स्थायी समिति के अध्यक्ष सहित उत्तर कोरिया के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
चोए सन-हुई के मुख्य वक्तव्य
चोए ने कहा, "आज उत्तर कोरिया (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) और रूस सभी रणनीतिक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण रखते हैं, जो दोनों देशों के गठबंधन संबंधों के स्तर को दर्शाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि "मॉस्को और प्योंगयांग अपने साझा और महत्वपूर्ण हितों की लगातार रक्षा कर रहे हैं।" उनके अनुसार, दोनों देशों के संबंध 'साथीभाव और विश्वास' पर आधारित हैं, जो कठिन परिस्थितियों में और मजबूत हुए हैं।
द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार
चोए ने संकेत दिया कि उत्तर कोरिया दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुए समझौतों के अनुरूप रूस के साथ सहयोग को और गहरा करेगा। उन्होंने कहा कि इसी वजह से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हो रहा है और दोनों देशों की जनता के कल्याण को भी बढ़ावा मिल रहा है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों ने उत्तर कोरिया पर रूस को सैन्य सहायता देने के आरोप लगाए हैं, जिसे प्योंगयांग और मॉस्को दोनों ने नकारा है।
भू-राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच मॉस्को और प्योंगयांग के बीच संबंध तेज़ी से प्रगाढ़ हुए हैं। आलोचकों का कहना है कि दोनों देशों के बीच यह नज़दीकी वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने रविवार को इस समारोह की पुष्टि की। आगे आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।