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मुरैना में जन्माष्टमी से लौट रहीं 3 महिलाओं को ट्रक ने रौंदा, मौके पर एक की मौत

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मुरैना में जन्माष्टमी से लौट रहीं 3 महिलाओं को ट्रक ने रौंदा, मौके पर एक की मौत

सारांश

जन्माष्टमी की रात मंदिर से घर लौट रहीं तीन महिलाएं मुरैना में तेज़ रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गईं। एक की मौके पर मौत, दो ने अस्पताल में दम तोड़ा। ट्रक चालक हिरासत में है। मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का यह सिलसिला त्योहारी मौसम में सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

मुरैना में 5 सितंबर की देर रात जन्माष्टमी से लौट रहीं 3 महिलाओं की ट्रक की टक्कर से मौत।
तीनों महिलाएं एक ही गाँव की निवासी थीं और मंदिर से पैदल घर लौट रही थीं।
एक महिला की मौके पर मौत , दो की इलाज के दौरान मृत्यु।
ट्रक दिल्ली की ओर जा रहा था; रफ्तार इतनी तेज़ थी कि वह एक दुकान में घुस गया ।
पुलिस ने ट्रक कब्जे में लिया और चालक को हिरासत में लिया।
दो दिन पहले रीवा में भी सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत , 20 घायल ।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 5 सितंबर की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन महिलाओं की जान चली गई, जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव देखकर मंदिर से पैदल घर लौट रही इन महिलाओं को दिल्ली की ओर जा रहे एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। तीनों महिलाएं एक ही गाँव की निवासी थीं और हादसे के बाद पूरे गाँव में मातम छा गया।

हादसे का घटनाक्रम

सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन के एसएचओ उदयभान सिंह यादव के अनुसार, तीनों महिलाएं मंदिर से अपने घर की ओर सड़क के किनारे पैदल चल रही थीं। पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। शेष दो महिलाओं ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि वह एक दुकान में जा घुसा और उसका अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

परिजनों की आपबीती

एक मृत महिला के बेटे ने बताया कि उनकी माँ जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर गई थीं और वापस लौटते समय ट्रक ने टक्कर मार दी। उन्होंने कहा, 'साइड से वे सभी जा रही थीं, ट्रक वाले ने पीछे से टक्कर मार दी।' इस हादसे में तीनों महिलाएं एक ही गाँव की बताई जा रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर ट्रक को कब्जे में ले लिया और चालक को हिरासत में लिया। पुलिसकर्मियों ने जेसीबी की सहायता से ट्रक को सड़क से हटाया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का सिलसिला

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे महज दो दिन पहले रीवा जिले में रीवा-सीधी नेशनल हाईवे-39 पर हुए एक अलग सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे। रीवा के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया था कि बस 4 किलोमीटर आगे जाकर टकराई और खाई में गिर गई। राज्य में त्योहारी मौसम के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मुरैना हादसे की जाँच जारी है और पुलिस ट्रक चालक के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तेज़ रफ्तार ट्रकों का निर्बाध चलना नीतिगत चूक है। मध्य प्रदेश में दो दिनों के भीतर दो बड़े हादसों में 8 मौतें यह बताती हैं कि राज्य में सड़क सुरक्षा तंत्र त्योहारी मौसम के लिए तैयार नहीं है। चालक की गिरफ्तारी राहत देती है, लेकिन असली जवाबदेही यह है कि रात के समय आबादी वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति और आवाजाही पर निगरानी क्यों नहीं थी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरैना जन्माष्टमी हादसे में क्या हुआ?
5 सितंबर की देर रात मुरैना में तीन महिलाएं जन्माष्टमी उत्सव देखकर मंदिर से पैदल घर लौट रही थीं, तभी दिल्ली की ओर जा रहे एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। एक महिला की मौके पर मौत हुई और दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे में मारी गई महिलाएं कौन थीं?
तीनों महिलाएं एक ही गाँव की निवासी थीं। परिजनों के अनुसार वे जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर गई थीं और वापस लौटते समय हादसे का शिकार हुईं। उनकी पूरी पहचान पुलिस जाँच में दर्ज की जा रही है।
ट्रक चालक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
सिविल लाइंस पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया और चालक को हिरासत में लिया है। एसएचओ उदयभान सिंह यादव के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
क्या मध्य प्रदेश में हाल ही में और सड़क हादसे हुए हैं?
हाँ, इस हादसे से दो दिन पहले रीवा जिले में रीवा-सीधी नेशनल हाईवे-39 पर एक बस दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हुई और 20 घायल हुए थे। रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के अनुसार बस 4 किलोमीटर आगे जाकर टकराई और खाई में गिर गई।
त्योहारी मौसम में सड़क हादसों से बचाव के लिए क्या उपाय होने चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी रातों में आबादी वाले क्षेत्रों से गुज़रने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर समयबद्ध प्रतिबंध और गति निगरानी ज़रूरी है। पुलिस की बढ़ी हुई उपस्थिति और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग भी इस तरह के हादसों को रोक सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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