पुणे में ट्रक ने वारकरी महिलाओं को रौंदा, तीन की मौत; सासवड-जेजुरी मार्ग पर दर्दनाक हादसा
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के सासवड-जेजुरी मार्ग पर सोमवार, 13 जुलाई को एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौके पर मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस के अनुसार, एक ट्रक ने महिलाओं के समूह को बेरहमी से कुचल दिया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे का विवरण
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना बेलसर टोल नाका से जेजुरी की ओर लगभग 500 मीटर की दूरी पर होटल शिपदीप लॉजिंग के सामने हुई। नांदेड़ जिले के लोहा से संबंधित रंगनाथ महाराज पोखरबिसीकर दिंडी के एक ट्रक ने महिलाओं के समूह को टक्कर मारी। ट्रक की चपेट में आई सात महिलाओं में से तीन की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि शेष चार को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़ित कौन थीं
मृत और घायल महिलाएं सांगली जिले के डिगराज कस्बा क्षेत्र की निवासी थीं। ये सभी वारकरी समुदाय से जुड़ी थीं और संभवतः धार्मिक यात्रा पर निकली थीं। वारकरी परंपरा में श्रद्धालु पैदल दिंडी (जुलूस) निकालते हुए पंढरपुर की ओर प्रस्थान करते हैं — यह मार्ग उसी यात्रा का हिस्सा है।
राहत एवं बचाव कार्य
सूचना मिलते ही पुणे पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुँचीं और तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुणे में पहले भी हुई थी एक और त्रासदी
इससे पहले, पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में एक कचरे से ऊर्जा (वेस्ट-टू-एनर्जी) परियोजना के निकट निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत के ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग मलबे में दब गए थे। उस हादसे में अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, पुलिस, सेना और अन्य बचाव एजेंसियों ने युद्धस्तर पर अभियान चलाया था। मलबे से विजय सपकाल, दादासाहेब आरडे, रणवीर सिंह, सोमनाथ शेलके, महेश राऊत, रामप्रताप चव्हाण, शुभम पाटील, सचिन दाबडगव और सुजाता शिंदे को सुरक्षित निकाला गया। बीम और स्लैब टूटने से इमारत गिरी थी; बचावकर्मियों ने स्लैब काटकर रास्ता बनाया और फंसे लोगों को बाहर निकाला।
आगे क्या
सासवड-जेजुरी मार्ग हादसे में पुलिस ट्रक चालक की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में है। घायल महिलाओं की स्थिति की निगरानी जारी है। यह घटना वारकरी दिंडी मार्गों पर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।