राजगढ़ सड़क हादसा: ट्रक-पिकअप टक्कर में 2 महिलाओं की मौत, 21 घायल — शादी जा रहा था पूरा परिवार
सारांश
Key Takeaways
- २८ अप्रैल को राजगढ़ जिले में ट्रक और पिकअप की भीषण टक्कर में २ महिलाओं — अवंती बाई और भगवती बाई — की मौत हुई।
- पिकअप में सवार मावासा गांव के यादव परिवार के सदस्य बरखेड़ा गांव में विवाह-पूर्व अनुष्ठान में जा रहे थे।
- कुल २१ घायलों में से २ की हालत गंभीर है — एक शाजापुर और दूसरा भोपाल रेफर किया गया।
- शेष १९ घायल का उपचार पचोर सिविल अस्पताल में जारी है।
- ट्रक चालक घायल अवस्था में पुलिस हिरासत में है; कथित तेज गति और लापरवाही जांच के दायरे में।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की; मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई और २१ लोग घायल हो गए, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। पिकअप में खुजनेर तहसील के मावासा गांव के यादव परिवार के सदस्य सवार थे, जो विवाह-पूर्व पारंपरिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए बरखेड़ा गांव जा रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
यह हादसा २८ अप्रैल की तड़के घटा। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री वाहन के अंदर फंस गए। स्थानीय पुलिस और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू करते हुए सभी घायलों को पचोर सिविल अस्पताल पहुंचाया। तत्काल चिकित्सा सहायता के बावजूद अवंती बाई और भगवती बाई नामक दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया।
गंभीर घायलों को रेफर किया गया
दो अन्य यात्रियों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। चोटों की गंभीरता को देखते हुए एक व्यक्ति को शाजापुर जिला अस्पताल और दूसरे को उन्नत उपचार के लिए भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष १९ घायल व्यक्तियों का इलाज वर्तमान में पचोर में जारी है, जहां डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर कड़ी नजर रख रही है।
ट्रक चालक पुलिस हिरासत में
इस दुर्घटना में शामिल ट्रक चालक को भी चोटें आई हैं और फिलहाल उसका पचोर अस्पताल में इलाज चल रहा है। जांच जारी रहने तक उसे पुलिस हिरासत में रखा गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कथित तौर पर भारी वाहन की तेज गति और संभावित लापरवाही इस हादसे की वजह हो सकती है।
परिवार पर दोहरा आघात
गौरतलब है कि यह परिवार शादी की खुशियों में डूबा हुआ था। विवाह समारोह की तैयारी के बीच इस अप्रत्याशित हादसे ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसके बाद उन्हें मावासा गांव में शोकाकुल परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और टक्कर के सटीक कारणों की जांच जारी है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में भारी वाहनों की लापरवाही से होने वाले हादसे हर साल दर्जनों परिवारों को उजाड़ देते हैं। आलोचकों का कहना है कि रात्रि और तड़के के समय भारी वाहनों पर पर्याप्त निगरानी न होना इस तरह की दुर्घटनाओं की बड़ी वजह है। प्रशासन से मांग है कि दोषी चालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए।