जूनागढ़ बस दुर्घटना: नीलगाय से टक्कर के बाद तीर्थयात्री बस पलटी, 2 महिलाओं की मौत, 20 घायल
सारांश
Key Takeaways
गुजरात के जूनागढ़ जिले में शनिवार, 2 मई को दोपहर लगभग 3 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जब मांगरोल तालुका के राहिज गांव के पास राजमार्ग पर एक नीलगाय के अचानक सामने आ जाने से तीर्थयात्रियों से भरी निजी बस पलट गई। इस दुर्घटना में दो महिलाओं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और लगभग 20 यात्री घायल हो गए। पुलिस उपाधीक्षक डीवी कोडियातार ने राष्ट्र प्रेस को इसकी पुष्टि की।
दुर्घटना का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, भावनगर से लगभग 50 यात्री — जिनमें अधिकांश महिलाएँ और दो पुरुष शामिल थे — गढ़वी समुदाय के सदस्य थे और द्वारका तथा सोमनाथ की धार्मिक यात्रा पर निकले थे। दोपहर करीब 3 बजे एक नीलगाय अचानक राजमार्ग पर आ गई, जिससे बस चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस पलट गई। इस टक्कर में नीलगाय की भी मौत हो गई।
हताहत और बचाव कार्य
दुर्घटना में दो महिलाओं की तत्काल मृत्यु हो गई, जबकि लगभग 20 घायलों को 108 एम्बुलेंस सेवा के ज़रिए जूनागढ़ सिविल अस्पताल और केशोड के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई गई। स्थानीय निवासी भी घटनास्थल पर पहुँचे और आपातकालीन सेवाओं के साथ मिलकर बचाव कार्य में सहयोग किया।
राजमार्ग पर यातायात बाधित
पलटी हुई बस को हटाने के लिए खुदाई मशीन का उपयोग किया गया, जिसके बाद राजमार्ग पर यातायात बहाल हो सका। दुर्घटना के तुरंत बाद राजमार्ग पर अस्थायी रूप से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी। पुलिस टीम घटनास्थल पर तैनात रही और स्थिति को नियंत्रण में रखा।
जाँच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस उपाधीक्षक डीवी कोडियातार के अनुसार, बस चालक घायल अवस्था में घटनास्थल पर ही रुका रहा और जाँच में सहयोग कर रहा है। मामला दर्ज कर लिया गया है और मृतकों का पोस्टमार्टम सहित आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि गुजरात के राजमार्गों पर नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के कारण होने वाली दुर्घटनाएँ पहले भी चिंता का विषय रही हैं।
आगे क्या होगा
घायलों का उपचार जूनागढ़ और केशोड के अस्पतालों में जारी है। जाँच एजेंसियाँ दुर्घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जाँच कर रही हैं। यह हादसा तीर्थयात्रा मार्गों पर यात्री वाहनों की सुरक्षा और राजमार्गों पर वन्यजीव प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।