दिल्ली विधानसभा में 6 मई को कुमार विश्वास की 'संगीतमय राम कथा', विजेंद्र गुप्ता ने दिया आमंत्रण
सारांश
Key Takeaways
दिल्ली विधानसभा में 6 मई 2026 को प्रख्यात कवि और राम कथाकार कुमार विश्वास द्वारा 'अपने अपने राम' शीर्षक से एक विशेष संगीतमय राम कथा का आयोजन किया जाएगा। एक अधिकारी ने 2 मई को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भगवान राम के आदर्शों को समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत करेगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा
अधिकारी के बयान के अनुसार, इस संगीतमय प्रस्तुति में भगवान राम के जीवन की प्रमुख घटनाओं — बलिदान, संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा और अनुकरणीय नेतृत्व — को संगीत, कविता और कथा के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को धर्म, सत्यनिष्ठा और कर्तव्य की भावना से प्रेरित करना बताया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष का संदेश
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि भगवान राम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और दर्शन के सर्वोच्च आदर्शों के साक्षात स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन यह सिखाता है कि सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए। गुप्ता ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
किन्हें मिला आमंत्रण
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्रिपरिषद के सदस्यों, दिल्ली से लोकसभा और राज्यसभा सांसदों, दिल्ली विधानसभा के सभी सदस्यों तथा दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। यह अपने आप में एक असाधारण आयोजन है जो विधायी परिसर में सांस्कृतिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम की अनूठी मिसाल पेश करता है।
राम कथा का व्यापक संदर्भ
विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, भगवान राम के जीवन का मूल संदेश 'मर्यादा' — अर्थात धार्मिक आचरण और अनुशासन — है, जो व्यक्तियों में उत्तरदायित्व और नैतिक सीमाओं की भावना जागृत करता है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विषयों को सार्वजनिक जीवन में अधिक प्रमुखता दी जा रही है। गुप्ता ने कहा कि 'राम कथा' केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि एक सार्थक जीवन जीने का व्यापक मार्गदर्शक है। यह प्रस्तुति आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देगी और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को मज़बूत करेगी।