क्या केंद्रीय मंत्रियों ने जीडीपी वृद्धि को पीएम नरेंद्र मोदी के सुधार-संचालित शासन का प्रमाण बताया?

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क्या केंद्रीय मंत्रियों ने जीडीपी वृद्धि को पीएम नरेंद्र मोदी के सुधार-संचालित शासन का प्रमाण बताया?

सारांश

केंद्रीय मंत्रियों ने जीडीपी की 7.4 प्रतिशत वृद्धि दर को पीएम नरेंद्र मोदी के शासन की सफलता का प्रमाण माना है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में दर्ज की गई यह वृद्धि दर, भारत की आर्थिक प्रगति को दर्शाती है। जानें इस पर केंद्रीय मंत्रियों के विचार और अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में।

Key Takeaways

  • वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है।
  • भारत की वृद्धि दर अन्य प्रमुख देशों से काफी बेहतर है।
  • कम मुद्रास्फीति ने आर्थिक वृद्धि में मदद की है।
  • सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई है।
  • पीएम नरेंद्र मोदी के सुधारों का प्रभाव स्पष्ट है।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्रियों ने शनिवार को वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में जीडीपी की 7.4 प्रतिशत शानदार वृद्धि दर को पीएम नरेंद्र मोदी के सुधार-संचालित शासन का प्रमाण बताया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है।

वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधियों के कारण जीडीपी वृद्धि दर लगातार दूसरी तिमाही में उम्मीदों से बेहतर रही और अप्रैल-जून 2025 के लिए यह पांच तिमाहियों के उच्चतम स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह जनवरी-मार्च 2025 की 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर और 2024-25 की पहली तिमाही की 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से कहीं अधिक है।"

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत के साथ दूसरे बड़े देशों के वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में रियल जीडीपी वृद्धि के आंकड़ों का एक इंफोग्राफिक शेयर किया।

इस इंफोग्राफिक में दी गई जानकारी के अनुसार, जून तिमाही में चीन ने 5.2 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की, उसके बाद इंडोनेशिया ने 5.1 प्रतिशत, अमेरिका ने 2.1 प्रतिशत, जापान और ब्रिटेन ने 1.2-1.2 प्रतिशत और फ्रांस ने 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की। इन सबसे अलग भारत ने जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी वृद्धि दर दर्ज की।

उन्होंने लिखा, "7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि - पीएम नरेंद्र मोदी के सुधार-संचालित शासन का प्रमाण है।"

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, "निरंतर कम मुद्रास्फीति के कारण, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि हासिल की। यह पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है। साथ ही, पिछली तिमाही की 7.4 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में, वर्तमान विकास दर भारतीय अर्थव्यवस्था के निरंतर बढ़ते रुझान को दर्शाती है।"

केंद्रीय मंत्री ने 20वें इंडिया-अफ्रिका बिजनेस कॉन्क्लेव में कहा, "जब हम भारत की विकास गाथा पढ़ते हैं तो पाते हैं कि इस तिमाही आनी अप्रैल से जून तक देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है और हमने सभी क्षेत्रों में प्रगति की है।"

Point of View

निश्चित रूप से एक सकारात्मक संकेत है। हालाँकि, हमें यह भी समझना चाहिए कि आर्थिक वृद्धि के लिए वैश्विक और आंतरिक कारकों का विश्लेषण आवश्यक है। यह वृद्धि सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विभिन्न चुनौतियों और अवसरों के साथ जुड़ी हुई है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

जीडीपी वृद्धि दर क्या है?
जीडीपी वृद्धि दर देश की आर्थिक गतिविधियों का माप है, जो बताती है कि एक निश्चित अवधि में अर्थव्यवस्था कितनी बढ़ी है।
भारत की जीडीपी वृद्धि दर में सुधार क्यों हुआ है?
भारत की जीडीपी वृद्धि दर में सुधार मुख्यतः सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधियों और निरंतर कम मुद्रास्फीति के कारण हुआ है।
क्या जीडीपी वृद्धि दर सिर्फ आंकड़े हैं?
नहीं, जीडीपी वृद्धि दर आर्थिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है, जो विकास के अवसरों और चुनौतियों को दर्शाता है।