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भारत की GDP वृद्धि 7.7% रही, BJP बोली- मोदी नीतियों का नतीजा; राहुल गांधी पर भी निशाना

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भारत की GDP वृद्धि 7.7% रही, BJP बोली- मोदी नीतियों का नतीजा; राहुल गांधी पर भी निशाना

सारांश

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही — BJP ने इसे मोदी नीतियों की जीत बताया और राहुल गांधी के आर्थिक आलोचनाओं को 'करारा जवाब' करार दिया। चौथी तिमाही में 7.8% की वृद्धि ने आंकड़ों को और मज़बूत बनाया।

मुख्य बातें

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही।
रियल GVA वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत दर्ज की गई; चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में GDP 7.8 प्रतिशत रही।
BJP नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने इसे मोदी की नीतियों की सफलता बताया और राहुल गांधी के बयानों को 'करारा जवाब' कहा।
बंगाल BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भारत 2047 तक दुनिया की नंबर एक ताकत बनने की राह पर है।
आलोचकों का कहना है कि GDP आंकड़े रोज़गार और आय वितरण की पूरी तस्वीर नहीं दर्शाते।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। इसके साथ ही रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत दर्ज की गई। इन आंकड़ों के सार्वजनिक होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए इसे उनकी आर्थिक नीतियों की सफलता करार दिया।

मुख्य आर्थिक आंकड़े

मंत्रालय द्वारा 6 जून को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और GVA वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही। पूरे वित्त वर्ष की वार्षिक GDP वृद्धि 7.7 प्रतिशत रही, जो वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती को दर्शाती है।

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

BJP नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात की वजह से नाकेबंदी और युद्ध चल रहे हैं, और दुनिया भर के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं बहुत खराब स्थिति में हैं। ऐसे में, हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतनी अच्छी नीतियां लागू की हैं कि आज हमारी GDP दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रही है।' उन्होंने इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन बयानों का 'करारा जवाब' बताया, जिनमें भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आलोचना की गई थी।

वहीं, बंगाल BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'जब पूरी दुनिया अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, तब भारत की विकास दर पूरी दुनिया को एक नई चमक दे रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां वह अब 2047 तक दुनिया की नंबर एक ताकत बनने के लिए तैयार है।'

वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के चलते कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर पर दबाव है। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक सहित कई वैश्विक संस्थाएं भारत को इस दशक की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिनती हैं। आंकड़ों के अनुसार, 7.7 प्रतिशत की यह वृद्धि दर भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में रखती है।

विपक्ष और आलोचकों का नज़रिया

BJP नेताओं की इस प्रतिक्रिया के बीच विपक्षी दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि GDP के आंकड़े रोज़गार सृजन और आय वितरण की पूरी तस्वीर नहीं दर्शाते। यह सवाल भी उठाया जाता है कि उच्च वृद्धि दर का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच रहा है या नहीं।

आगे की राह

सरकार की ओर से इन आंकड़ों को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में एक मज़बूत कदम के रूप में पेश किया जा रहा है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस गति को बनाए रखने के लिए निवेश, निर्यात और घरेलू खपत तीनों मोर्चों पर निरंतर नीतिगत समर्थन ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BJP की प्रतिक्रिया इसे विशुद्ध राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश करने की जल्दबाज़ी दर्शाती है। असली सवाल यह है कि इस वृद्धि का लाभ रोज़गार बाज़ार और निचले आय वर्ग तक किस हद तक पहुंचा है — जो आंकड़े इस घोषणा में अनुपस्थित हैं। होर्मुज तनाव और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के बीच यह प्रदर्शन प्रभावशाली है, पर इसे टिकाऊ बनाने के लिए निवेश और खपत दोनों को बनाए रखना होगा — केवल सुर्खियाँ काफी नहीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर कितनी रही?
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। इसी अवधि में रियल GVA वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत दर्ज की गई।
चौथी तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर क्या रही?
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और GVA वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही।
BJP ने GDP आंकड़ों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सफलता बताया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आर्थिक आलोचनाओं को 'करारा जवाब' करार दिया। बंगाल BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भारत 2047 तक दुनिया की नंबर एक ताकत बनने की राह पर है।
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की GDP वृद्धि क्यों महत्वपूर्ण है?
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं दबाव में हैं। ऐसे में 7.7 प्रतिशत की वृद्धि भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में रखती है।
GDP आंकड़ों पर आलोचकों का क्या कहना है?
आलोचकों का कहना है कि GDP वृद्धि दर रोज़गार सृजन और आय वितरण की पूरी तस्वीर नहीं दर्शाती। उनका तर्क है कि उच्च वृद्धि दर का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचना भी उतना ही ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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