भारत की GDP वृद्धि 7.7% रही, BJP बोली- मोदी नीतियों का नतीजा; राहुल गांधी पर भी निशाना
सारांश
मुख्य बातें
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। इसके साथ ही रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत दर्ज की गई। इन आंकड़ों के सार्वजनिक होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए इसे उनकी आर्थिक नीतियों की सफलता करार दिया।
मुख्य आर्थिक आंकड़े
मंत्रालय द्वारा 6 जून को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और GVA वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही। पूरे वित्त वर्ष की वार्षिक GDP वृद्धि 7.7 प्रतिशत रही, जो वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती को दर्शाती है।
BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
BJP नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात की वजह से नाकेबंदी और युद्ध चल रहे हैं, और दुनिया भर के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं बहुत खराब स्थिति में हैं। ऐसे में, हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतनी अच्छी नीतियां लागू की हैं कि आज हमारी GDP दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रही है।' उन्होंने इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन बयानों का 'करारा जवाब' बताया, जिनमें भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आलोचना की गई थी।
वहीं, बंगाल BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'जब पूरी दुनिया अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, तब भारत की विकास दर पूरी दुनिया को एक नई चमक दे रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां वह अब 2047 तक दुनिया की नंबर एक ताकत बनने के लिए तैयार है।'
वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के चलते कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर पर दबाव है। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक सहित कई वैश्विक संस्थाएं भारत को इस दशक की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिनती हैं। आंकड़ों के अनुसार, 7.7 प्रतिशत की यह वृद्धि दर भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में रखती है।
विपक्ष और आलोचकों का नज़रिया
BJP नेताओं की इस प्रतिक्रिया के बीच विपक्षी दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि GDP के आंकड़े रोज़गार सृजन और आय वितरण की पूरी तस्वीर नहीं दर्शाते। यह सवाल भी उठाया जाता है कि उच्च वृद्धि दर का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच रहा है या नहीं।
आगे की राह
सरकार की ओर से इन आंकड़ों को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में एक मज़बूत कदम के रूप में पेश किया जा रहा है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस गति को बनाए रखने के लिए निवेश, निर्यात और घरेलू खपत तीनों मोर्चों पर निरंतर नीतिगत समर्थन ज़रूरी होगा।