भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ पर NDA नेताओं का पलटवार, राहुल गांधी को अर्थशास्त्र पढ़ने की नसीहत
सारांश
मुख्य बातें
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रहने की पुष्टि के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की उपलब्धि करार दिया है। साथ ही, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा भारत को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताए जाने पर NDA नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
नेताओं की प्रतिक्रिया: 'मोदी हैं तो मुमकिन है'
लखनऊ से BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि भारत आज 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा, 'जहाँ चीन, जापान और अमेरिका की ग्रोथ रेट लगभग 3 से 5 प्रतिशत के बीच है, वहीं आज भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट इन सबसे ज़्यादा है और यह सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्था है।'
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा, 'अगर मोदी हैं, तो यह मुमकिन है। 70 सालों में पहली बार देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने डूबती हुई अर्थव्यवस्था को पूरी रफ़्तार से विकास की राह पर वापस ला खड़ा किया है।' उन्होंने इसे 'आर्थिक आज़ादी' की संज्ञा दी।
बिहार के मंत्रियों की राय: वैश्विक चुनौतियों के बीच मज़बूत अर्थव्यवस्था
पटना में बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत की आर्थिक व्यवस्था की चर्चा हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 80 करोड़ लोगों को अनाज मुहैया करा रही है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि अमेरिका और चीन जैसे विकसित देश नहीं चाहते कि भारत आगे बढ़े।
बिहार के मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि मध्य पूर्व के संकट के बावजूद 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट यह साबित करती है कि 'हमारी अर्थव्यवस्था सक्षम और मज़बूत हाथों में है।' उन्होंने इसे 2047 तक 'अमृत काल' के लक्ष्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। बिहार के ही मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह ग्रोथ रेट 'गौरव का क्षण' है।
राहुल गांधी पर तीखा पलटवार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भारत को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताए जाने पर NDA नेताओं ने तीखा पलटवार किया। बिहार के मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने कहा, 'राहुल गांधी अर्थशास्त्री नहीं हैं। केमिस्ट्री के प्रोफेसर केमिस्ट्री के बारे में ही फॉर्मूला देंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी देश के हित वाली कोई भी बात स्वीकार नहीं करेंगे।
भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'राहुल गांधी, कुछ भी बोलने से पहले इकोनॉमी की क्लास लेना शुरू कर दीजिए।' उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष के नेता के बयान से 'बहुत निराशा हुई है।'
आगे की राजनीतिक तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अपनी विकास गति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि जीडीपी के ये आँकड़े संसद के अगले सत्र से पहले आए हैं, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आर्थिक नीतियों को लेकर बहस और तेज़ होने की संभावना है। NDA की यह एकजुट प्रतिक्रिया आने वाले राज्य चुनावों के मद्देनज़र भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।