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गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन ने सीएम भूपेंद्र पटेल को सौंपा ₹15.37 करोड़ का लाभांश चेक

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गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन ने सीएम भूपेंद्र पटेल को सौंपा ₹15.37 करोड़ का लाभांश चेक

सारांश

गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन ने सीएम भूपेंद्र पटेल को दो वित्त वर्षों का कुल ₹15.37 करोड़ का लाभांश चेक सौंपा। 1969 से सक्रिय यह निगम अब 1,156 एग्री बिजनेस सेंटर्स, मिलेट वैल्यू एडिशन और त्रागड़ में नए इनोवेशन हब के जरिए गुजरात के कृषि ढाँचे को नई दिशा दे रहा है।

मुख्य बातें

गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (GAIC) ने 1 सितंबर 2026 को सीएम भूपेंद्र पटेल को कुल ₹15.37 करोड़ का लाभांश चेक सौंपा।
लाभांश में वर्ष 2023-24 के लिए ₹11.14 करोड़ और 2024-25 के लिए ₹4.23 करोड़ शामिल हैं।
GAIC 1,156 एग्री बिजनेस सेंटर्स के जरिए किसानों को उर्वरक और कृषि सामग्री उपलब्ध कराता है।
अहमदाबाद के त्रागड़ में 'एग्री बिजनेस एंड इनोवेशन हब' का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
निगम मिलेट वैल्यू एडिशन यूनिट और बनाना फाइबर एक्सट्रैक्शन यूनिट की DPR तैयार कर रहा है।
यह निगम 1969 से गुजरात में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सक्रिय है।

गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GAIC) ने 1 सितंबर 2026 को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लाभांश के रूप में कुल ₹15.37 करोड़ के चेक सौंपे। इसमें वर्ष 2023-24 के लिए ₹11.14 करोड़ और वर्ष 2024-25 के लिए ₹4.23 करोड़ शामिल हैं। राज्य सरकार के इस उपक्रम द्वारा दिया गया यह लाभांश गुजरात के कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश की सतत लाभप्रदता को दर्शाता है।

मुख्य घटनाक्रम

कृषि राज्यमंत्री रमेश कटारा और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव आर.सी. मीणा ने मुख्यमंत्री को यह लाभांश चेक औपचारिक रूप से सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार और GAIC के प्रबंध निदेशक विजय खराड़ी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि GAIC फिलहाल 1,156 एग्री बिजनेस सेंटर्स के माध्यम से किसानों को उर्वरक और गैर-उर्वरक कृषि सामग्री उपलब्ध करा रहा है। यह निगम 1969 से गुजरात में सक्रिय है और उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरकों के वितरण, कृषि मशीनरी के उत्पादन तथा कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।

कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार

GAIC ने राज्य में कृषि ढाँचागत सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया है। बावला, अहमदाबाद एयरपोर्ट, झगड़िया, नरोड़ा और महुवा में विभिन्न कृषि अवसंरचना सुविधाएँ विकसित की जा चुकी हैं।

इसके अतिरिक्त, अहमदाबाद के त्रागड़ में 'एग्री बिजनेस एंड इनोवेशन हब' का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यह हब कृषि उद्यमिता और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है।

नई परियोजनाओं की रूपरेखा

प्रधान सचिव आर.सी. मीणा ने मुख्यमंत्री को GAIC की आगामी परियोजनाओं की जानकारी दी। इनमें जीआई टैग उत्पादों के प्रचार-प्रसार, मिलेट वैल्यू एडिशन यूनिट, बनाना फाइबर एक्सट्रैक्शन और पाउडर प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का कार्य शामिल है।

गौरतलब है कि मिलेट और केले के रेशे जैसे उत्पादों पर आधारित इकाइयाँ गुजरात के छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। यह पहल केंद्र सरकार के 'मिलेट मिशन' के अनुरूप भी है।

सीएम भूपेंद्र पटेल की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि GAIC 1,156 एग्री बिजनेस सेंटर्स के जरिए किसानों को खेती के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने का सराहनीय काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निगम राज्य के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को और मज़बूत करने के लिए त्रागड़ में बन रहे 'एग्री बिजनेस एंड इनोवेशन हब', मिलेट वैल्यू एडिशन और केले के रेशे निकालने जैसे आधुनिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।

यह लाभांश भुगतान ऐसे समय में आया है जब गुजरात सरकार अपने सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय सेहत को पारदर्शी तरीके से सामने रखने पर बल दे रही है। GAIC जैसे संस्थानों का लाभ में रहना राज्य के कृषि क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप की प्रभावशीलता का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 1,156 एग्री बिजनेस सेंटर्स का यह नेटवर्क किसानों तक वास्तव में उचित मूल्य पर सामग्री पहुँचा रहा है या केवल वितरण का एक और सरकारी ढाँचा बन कर रह गया है। त्रागड़ का इनोवेशन हब और मिलेट यूनिट महत्त्वाकांक्षी हैं, किंतु DPR के स्तर पर खड़ी परियोजनाओं को ज़मीन पर उतरने में अक्सर वर्षों लग जाते हैं। गुजरात के सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय सेहत की असली परीक्षा लाभांश के आँकड़ों में नहीं, बल्कि किसान की आय और उत्पादकता में होनी चाहिए।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन ने कितने रुपए का लाभांश चेक सौंपा?
GAIC ने सीएम भूपेंद्र पटेल को कुल ₹15.37 करोड़ का लाभांश चेक सौंपा — वर्ष 2023-24 के लिए ₹11.14 करोड़ और 2024-25 के लिए ₹4.23 करोड़। यह चेक 1 सितंबर 2026 को गांधीनगर में सौंपे गए।
गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (GAIC) क्या है और यह क्या काम करता है?
GAIC गुजरात सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम है जो 1969 से कार्यरत है। यह 1,156 एग्री बिजनेस सेंटर्स के माध्यम से किसानों को उर्वरक और कृषि सामग्री उपलब्ध कराता है, कृषि मशीनरी का उत्पादन करता है और राज्य में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करता है।
त्रागड़ में बन रहा 'एग्री बिजनेस एंड इनोवेशन हब' क्या है?
यह अहमदाबाद के त्रागड़ में GAIC द्वारा निर्मित किया जा रहा एक कृषि नवाचार केंद्र है। इसका उद्देश्य कृषि उद्यमिता और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
GAIC की नई परियोजनाओं में क्या शामिल है?
GAIC मिलेट वैल्यू एडिशन यूनिट, बनाना फाइबर एक्सट्रैक्शन यूनिट और पाउडर प्रोसेसिंग यूनिट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है। इसके अलावा जीआई टैग उत्पादों के प्रचार की भी योजना है।
GAIC के लाभांश चेक सौंपने के अवसर पर कौन-कौन उपस्थित थे?
इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री रमेश कटारा, प्रधान सचिव आर.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार और GAIC के प्रबंध निदेशक विजय खराड़ी उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
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