गुजरात के 17 नगर निगमों और 152 नगर पालिकाओं को ₹3,850 करोड़ का शहरी विकास अनुदान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 12 अगस्त 2025 को गांधीनगर में आयोजित एक विशेष समारोह में राज्य के नगर निगमों और नगर पालिकाओं को कुल ₹3,850 करोड़ के विकास अनुदान वितरित किए। यह राशि 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' के अंतर्गत जारी की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य के शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं और अवसंरचना को सुदृढ़ करना है।
अनुदान का वितरण: कौन से निकाय को कितना मिला
इस योजना के तहत 17 नगर निगमों को कुल ₹2,992 करोड़ और 152 नगर पालिकाओं को ₹858 करोड़ आवंटित किए गए। नगर निगमों में सर्वाधिक राशि अहमदाबाद नगर निगम को ₹870 करोड़ मिली, जबकि सूरत को ₹770 करोड़ का आवंटन हुआ।
वडोदरा को ₹285 करोड़, राजकोट को ₹232 करोड़, भावनगर और जामनगर को प्रत्येक ₹105 करोड़ तथा जूनागढ़ और गांधीनगर को ₹65 करोड़ प्रदान किए गए। गांधीधाम, नवसारी, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर, मेहसाणा, वापी, नडियाद, आनंद और मोरबी — इन नौ नगर निगमों को प्रत्येक ₹55 करोड़ आवंटित हुए।
नगर पालिकाओं में 41 'क्लास ए' नगर पालिकाओं को ₹307.50 करोड़, 34 'क्लास बी' को ₹221 करोड़, 60 'क्लास सी' को ₹270 करोड़ और 17 'क्लास डी' नगर पालिकाओं को ₹59.50 करोड़ दिए गए।
समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
चेक वितरण समारोह में शहरी विकास एवं वित्त मंत्री कानू देसाई, कृषि मंत्री जीतू वाघानी, शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला और उप सचेतक जगदीश मकवाना उपस्थित रहे। इसके अलावा गांधीनगर की महापौर मीरा पटेल, प्रधान सचिव (शहरी विकास) एम. थेन्नारसन, गुजरात शहरी विकास कंपनी की प्रबंध निदेशक रम्या मोहन और गुजरात नगर वित्त बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीना पटेल भी मौजूद थीं।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के संबोधन
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि इन अनुदानों का उद्देश्य व्यापक शहरी विकास को समर्थन देना और सार्वजनिक सुविधाओं तथा सेवाओं में सुधार करना है। उन्होंने नागरिक सेवाओं को 'नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी, जवाबदेह और प्रौद्योगिकी-संचालित' बनाने का आह्वान किया।
पटेल ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने 2005 में 'शहरी विकास वर्ष' मनाने सहित शहरों के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करके शहरी विकास की एक मजबूत नींव रखी थी। गुजरात ने तब से व्यापक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उस नींव को आगे बढ़ाया है।'
शहरी विकास मंत्री कानू देसाई ने जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए शहरी अवसंरचना की योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और स्वच्छ एवं हरित शहरों का आह्वान किया। राज्य मंत्री दर्शना वाघेला ने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना से जुड़े प्रयासों के तहत स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों के लिए स्वदेशी मेलों और ठोस अपशिष्ट निपटान हेतु क्षेत्रवार कार्यशालाओं की योजना बनाई गई है।
कॉफी टेबल पुस्तकों का विमोचन
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पटेल ने दो कॉफी टेबल पुस्तकों — 'शहरी विकास के 20 वर्ष' और 'अनंत अनादि वड़नगर: विरासत के माध्यम से विकास की एक गौरवशाली गाथा' — का विमोचन भी किया।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने नगर निगम और नगर पालिका के पदाधिकारियों, आयुक्तों और मुख्य अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि निधि का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाए। यह अनुदान शहरी निकायों की जवाबदेही और पारदर्शिता की कसौटी पर भी परखा जाएगा, क्योंकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य के आवंटन निधि के उपयोग की गुणवत्ता पर निर्भर करेंगे।