गुजरात का शहरी विकास बजट 45 गुना बढ़ा, पाँच वर्षों में ₹92,000 करोड़ से अधिक आवंटित
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने पिछले पाँच वर्षों में शहरी विकास और नागरिक कल्याण के लिए ₹92,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की है — यह जानकारी राज्य के प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघाणी ने मंगलवार, 11 अगस्त को गांधीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। वाघाणी ने बताया कि राज्य का शहरी विकास बजट दो दशकों में 45 गुना से अधिक बढ़ चुका है — 2005-06 के ₹660 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹30,325 करोड़ हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री वाघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में यह आवंटन शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सेवाओं के व्यापक विस्तार का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 2025-26 का आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है, जिसे उन्होंने 'ऐतिहासिक' बढ़ोतरी बताया।
योजना की नींव और पृष्ठभूमि
वाघाणी ने बताया कि गुजरात के शहरी विकास कार्यक्रम की आधारशिला 2005 में रखी गई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, 'इस योजना का मकसद गुजरात के शहरों को बुनियादी और इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं प्रदान करना था।' यह ऐसे समय में आया था जब राज्य के शहरीकरण की रफ्तार तेज़ हो रही थी और मौजूदा ढाँचा दबाव में था।
आम जनता पर असर
सरकार का ध्यान अब केवल स्थापित शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है — वाघाणी ने स्पष्ट किया कि नई सोसायटियों और बाहरी इलाकों (आउटग्रोथ क्षेत्रों) तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा, 'शहरों में स्वच्छता पर जोर देने के साथ-साथ, नई सोसायटियों और बाहरी इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।' गौरतलब है कि तेज़ शहरीकरण के कारण परिधीय क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं की कमी एक बड़ी चुनौती रही है।
सरकार की प्रतिबद्धता
वाघाणी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने में गुजरात को अग्रणी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'शहरी विकास और नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाती रहेगी, और विकास कार्य धन की कमी के कारण नहीं रुकेंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य के शहर और उनके बाहरी क्षेत्र तेज़ी से विस्तार पा रहे हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर की माँग लगातार बढ़ रही है।
क्या होगा आगे
आँकड़ों के अनुसार, गुजरात का शहरी विकास बजट आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि धन की उपलब्धता विकास कार्यों में बाधा नहीं बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश की वास्तविक परीक्षा परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर नागरिकों तक सेवाओं की पहुँच से होगी।