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गुजरात का शहरी विकास बजट 45 गुना बढ़ा, पाँच वर्षों में ₹92,000 करोड़ से अधिक आवंटित

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गुजरात का शहरी विकास बजट 45 गुना बढ़ा, पाँच वर्षों में ₹92,000 करोड़ से अधिक आवंटित

सारांश

गुजरात का शहरी विकास बजट दो दशकों में ₹660 करोड़ से ₹30,325 करोड़ हो गया — यानी 45 गुना से अधिक की छलाँग। पाँच वर्षों में ₹92,000 करोड़ का आवंटन और 2025-26 में 40% की एकल-वर्षीय बढ़ोतरी बताती है कि गुजरात शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी विकास-राजनीति का केंद्र बना रहा है।

मुख्य बातें

गुजरात का शहरी विकास बजट 2005-06 के ₹660 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹30,325 करोड़ हो गया — दो दशकों में 45 गुना से अधिक की वृद्धि।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में पिछले पाँच वर्षों में शहरी विकास पर ₹92,000 करोड़ से अधिक आवंटित किए गए।
2025-26 का आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
शहरी विकास कार्यक्रम की नींव 2005 में 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' से रखी गई थी।
सरकार का फोकस नई सोसायटियों और आउटग्रोथ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने पर है।

गुजरात सरकार ने पिछले पाँच वर्षों में शहरी विकास और नागरिक कल्याण के लिए ₹92,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की है — यह जानकारी राज्य के प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघाणी ने मंगलवार, 11 अगस्त को गांधीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। वाघाणी ने बताया कि राज्य का शहरी विकास बजट दो दशकों में 45 गुना से अधिक बढ़ चुका है — 2005-06 के ₹660 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹30,325 करोड़ हो गया है।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री वाघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में यह आवंटन शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सेवाओं के व्यापक विस्तार का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 2025-26 का आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है, जिसे उन्होंने 'ऐतिहासिक' बढ़ोतरी बताया।

योजना की नींव और पृष्ठभूमि

वाघाणी ने बताया कि गुजरात के शहरी विकास कार्यक्रम की आधारशिला 2005 में रखी गई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, 'इस योजना का मकसद गुजरात के शहरों को बुनियादी और इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं प्रदान करना था।' यह ऐसे समय में आया था जब राज्य के शहरीकरण की रफ्तार तेज़ हो रही थी और मौजूदा ढाँचा दबाव में था।

आम जनता पर असर

सरकार का ध्यान अब केवल स्थापित शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है — वाघाणी ने स्पष्ट किया कि नई सोसायटियों और बाहरी इलाकों (आउटग्रोथ क्षेत्रों) तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा, 'शहरों में स्वच्छता पर जोर देने के साथ-साथ, नई सोसायटियों और बाहरी इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।' गौरतलब है कि तेज़ शहरीकरण के कारण परिधीय क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं की कमी एक बड़ी चुनौती रही है।

सरकार की प्रतिबद्धता

वाघाणी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने में गुजरात को अग्रणी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'शहरी विकास और नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाती रहेगी, और विकास कार्य धन की कमी के कारण नहीं रुकेंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य के शहर और उनके बाहरी क्षेत्र तेज़ी से विस्तार पा रहे हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर की माँग लगातार बढ़ रही है।

क्या होगा आगे

आँकड़ों के अनुसार, गुजरात का शहरी विकास बजट आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि धन की उपलब्धता विकास कार्यों में बाधा नहीं बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश की वास्तविक परीक्षा परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर नागरिकों तक सेवाओं की पहुँच से होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन बजट आवंटन और ज़मीनी नतीजों के बीच की खाई पर ध्यान देना ज़रूरी है — गुजरात के कई परिधीय शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं की कमी अभी भी एक वास्तविकता है। 2005 से चली आ रही इस योजना की सफलता का दावा करना आसान है, लेकिन असली कसौटी यह है कि आउटग्रोथ क्षेत्रों के नागरिकों को पेयजल, सड़क और सफाई जैसी सुविधाएँ कितनी तेज़ी से और समान रूप से मिल रही हैं। बजट में 40% की एकल-वर्षीय बढ़ोतरी चुनावी चक्र के संदर्भ में भी देखी जानी चाहिए — खर्च की घोषणा और उसका सत्यापन योग्य क्रियान्वयन दो अलग बातें हैं।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात ने पाँच वर्षों में शहरी विकास पर कितना खर्च किया?
मंत्री जीतू वाघाणी के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में पिछले पाँच वर्षों में शहरी विकास और नागरिक कल्याण के लिए ₹92,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की गई है।
गुजरात का शहरी विकास बजट कितना बढ़ा है?
गुजरात का शहरी विकास बजट 2005-06 के ₹660 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹30,325 करोड़ हो गया है — यानी दो दशकों में 45 गुना से अधिक की वृद्धि। 2025-26 का आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक है।
स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना क्या है?
यह योजना 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गुजरात के शहरों को बुनियादी और इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएँ प्रदान करना था। यही गुजरात के शहरी विकास कार्यक्रम की नींव मानी जाती है।
गुजरात सरकार शहरी विकास में किन क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है?
सरकार स्थापित शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ नई सोसायटियों और आउटग्रोथ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने पर विशेष ध्यान दे रही है। स्वच्छता और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार प्राथमिकता में हैं।
विकसित भारत 2047 से गुजरात के शहरी विकास का क्या संबंध है?
मंत्री वाघाणी ने कहा कि गुजरात सरकार प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने में गुजरात को अग्रणी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। शहरी विकास को इस राष्ट्रीय लक्ष्य का अहम हिस्सा बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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