11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गिफ्ट सिटी बनेगा वैश्विक वित्तीय केंद्र, गुजरात ने बजट का 39% पूंजीगत व्यय के लिए किया आवंटित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गिफ्ट सिटी बनेगा वैश्विक वित्तीय केंद्र, गुजरात ने बजट का 39% पूंजीगत व्यय के लिए किया आवंटित

सारांश

गुजरात ने बजट का 39% पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित कर एक स्पष्ट संकेत दिया है — गिफ्ट सिटी अब महज़ एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक वित्तीय महत्वाकांक्षा का केंद्र बन रहा है। 20 साल की कर छूट और AI से लेकर ग्रीन बॉन्ड तक के विस्तार के साथ, यह दांव बड़ा है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अपने कुल बजट का 39 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 11 अगस्त 2026 को गिफ्ट सिटी में आयोजित 'ग्लोबल कनेक्ट' कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
केंद्रीय बजट में गिफ्ट सिटी व्यवसायों के लिए कर छूट 10 साल से बढ़ाकर 20 साल की गई।
गिफ्ट सिटी में बैंकिंग, बीमा, फिनटेक, विमान पट्टे, जहाज पट्टे और AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सक्रिय हैं।
साबरमती रिवरफ्रंट को गिफ्ट सिटी तक विस्तारित करने और मेट्रो कनेक्टिविटी का काम जारी है।
गिफ्ट सिटी ग्रीन बॉन्ड , जलवायु वित्त और नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण में भी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 11 अगस्त 2026 को गांधीनगर स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अपने कुल बजट का 39 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए अलग रखा है। यह आवंटन बुनियादी ढाँचे, उन्नत प्रौद्योगिकी और उभरते क्षेत्रों पर गुजरात के बढ़ते जोर को रेखांकित करता है।

कार्यक्रम और घोषणा का संदर्भ

मुख्यमंत्री पटेल ने ये बातें एचएसबीसी और एनडीटीवी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'ग्लोबल कनेक्ट गिफ्ट सिटी एडिशन' के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूंजीगत व्यय का यह आवंटन केवल भौतिक बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्र भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब गिफ्ट सिटी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच तेज़ी से पहचान बना रहा है और केंद्र सरकार ने भी केंद्रीय बजट में यहाँ संचालित व्यवसायों के लिए विशेष प्रोत्साहन की घोषणा की है।

गिफ्ट सिटी की विस्तारित भूमिका

मुख्यमंत्री ने बताया कि गिफ्ट सिटी अब बैंकिंग, बीमा, परिसंपत्ति प्रबंधन, पूंजी बाज़ार सेवाएँ, फंड प्रबंधन, फिनटेक, विमान पट्टे और जहाज पट्टे सहित कई क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा, "देश का पहला फाइनेंशियल टेक-सिटी बनकर गिफ्ट सिटी विश्व स्तर पर भारत के लिए एक नई पहचान बना रहा है।"

पटेल ने यह भी रेखांकित किया कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) और गिफ्ट सिटी में संचालित बुलियन एक्सचेंज वित्तीय क्षेत्र के विकास को नई गति दे रहे हैं। यह देश का एकमात्र केंद्र है जहाँ ये दोनों संस्थाएँ एक साथ कार्यरत हैं।

कर छूट और निवेशक प्रोत्साहन

केंद्रीय बजट में गिफ्ट सिटी से संचालित व्यवसायों के लिए पहले की 10 साल की अवधि के स्थान पर लगातार 20 साल की कर छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री पटेल के अनुसार, इस विस्तारित छूट से निवेशकों को दीर्घकालिक योजना बनाने में अधिक आत्मविश्वास और लचीलापन मिलेगा।

पटेल ने AI की बदलती भूमिका पर भी ज़ोर दिया। उनके अनुसार, AI अब केवल प्रौद्योगिकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा — यह बैंकिंग, जोखिम प्रबंधन और धन प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा, "गिफ्ट सिटी में स्थापित AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नए समाधानों, विशेषज्ञों, व्यवसायों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाने के लिए एक मज़बूत मंच बन गया है।"

हरित वित्त और टिकाऊ विकास

मुख्यमंत्री ने ग्रीन बॉन्ड, सतत वित्तपोषण, जलवायु वित्त और नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण में गिफ्ट सिटी की बढ़ती क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने इसे वैश्विक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और 'हरित विकास' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम बताया।

बुनियादी ढाँचा और भविष्य की योजनाएँ

पटेल ने बताया कि मेट्रो कनेक्टिविटी के ज़रिए गिफ्ट सिटी में आवागमन को सुगम बनाया गया है। इसके अलावा, अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट को गिफ्ट सिटी तक विस्तारित करने का काम भी पूरी गति से जारी है। उन्होंने उस क्षेत्र के रूपांतरण को याद करते हुए कहा, "यह स्थान कभी मुख्य रूप से खेतों और साबरमती नदी की घाटियों से बना था, जबकि अब यहाँ विश्वस्तरीय वित्तीय संस्थान मौजूद हैं।"

आने वाले वर्षों में गिफ्ट सिटी के और अधिक विस्तार की उम्मीद है, क्योंकि राज्य सरकार और केंद्र दोनों मिलकर इसे एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि यह खर्च वास्तविक रोज़गार और निवेश में कितना तब्दील होता है। गिफ्ट सिटी की 20 साल की कर छूट और AI-से-ग्रीन बॉन्ड तक का विस्तार महत्वाकांक्षी है, परंतु सिंगापुर और दुबई जैसे स्थापित वित्तीय केंद्रों से प्रतिस्पर्धा में नियामकीय सरलता और प्रतिभा की उपलब्धता अभी भी बड़ी चुनौती है। यह भी गौरतलब है कि गिफ्ट सिटी की घोषणाएँ वर्षों से होती रही हैं — इस बार 20 साल की कर छूट जैसे ठोस प्रोत्साहन इसे अलग बनाते हैं, लेकिन क्रियान्वयन की गति ही तय करेगी कि यह दांव सफल होगा या नहीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात ने बजट का 39% पूंजीगत व्यय के लिए क्यों आवंटित किया?
गुजरात सरकार ने बुनियादी ढाँचे, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और AI जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देने के लिए यह आवंटन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के अनुसार, यह गिफ्ट सिटी को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
गिफ्ट सिटी में नई कर छूट क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
केंद्रीय बजट में गिफ्ट सिटी से संचालित व्यवसायों के लिए कर छूट की अवधि पहले की 10 साल से बढ़ाकर लगातार 20 साल कर दी गई है। इससे बैंकिंग, फिनटेक, फंड प्रबंधन और विमान पट्टे जैसे क्षेत्रों में निवेश करने वाली घरेलू और विदेशी कंपनियों को दीर्घकालिक योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।
गिफ्ट सिटी में AI की क्या भूमिका है?
गिफ्ट सिटी में एक AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है, जो नए समाधानों, विशेषज्ञों, व्यवसायों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री पटेल के अनुसार, AI अब बैंकिंग, जोखिम प्रबंधन और धन प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है।
गिफ्ट सिटी में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
गिफ्ट सिटी में बैंकिंग, बीमा, परिसंपत्ति प्रबंधन, पूंजी बाज़ार सेवाएँ, फंड प्रबंधन, फिनटेक, विमान पट्टे, जहाज पट्टे, ग्रीन बॉन्ड और जलवायु वित्त जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह देश का एकमात्र केंद्र है जहाँ IFSCA और बुलियन एक्सचेंज दोनों एक साथ कार्यरत हैं।
गिफ्ट सिटी की कनेक्टिविटी में क्या सुधार हो रहे हैं?
मेट्रो कनेक्टिविटी के ज़रिए गिफ्ट सिटी में आवागमन को सुगम बनाया गया है। इसके अलावा, अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट को गिफ्ट सिटी तक विस्तारित करने का काम भी पूरी गति से जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 55 मिनट पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले