गुजरात: CM भूपेंद्र पटेल ने नगर निकायों को दिए निर्देश, ₹3,850 करोड़ जारी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार, 11 अगस्त को गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य के नगर निगमों और नगर पालिकाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नए विकास कार्यों की योजना बनाने के साथ-साथ पहले से पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर भी समान रूप से निगरानी रखें। इसी कार्यक्रम में स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत शहरी स्थानीय निकायों को ₹3,850 करोड़ के चेक वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, 'नए कामों की योजना बनाने के साथ-साथ, पुराने और पूरे हो चुके कामों की हालत का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।' उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिलकर साइट का दौरा करने का निर्देश दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परियोजनाएँ तय मानकों के अनुरूप पूरी की जा रही हैं। पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि राशि की उपलब्धता के साथ-साथ उसका सही उपयोग और कार्य की गुणवत्ता भी उतनी ही आवश्यक है।
बुनियादी ढाँचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों को निर्देश दिया कि शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में नई सड़कें रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) तकनीक से बनाई जाएँ। उन्होंने शहरी सफाई पर विशेष ध्यान देने और लापरवाही के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब कई शहरी क्षेत्रों में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों की शिकायतें बढ़ रही हैं।
हरियाली और पर्यावरण पर ध्यान
पटेल ने शहरी इलाकों में हरित आवरण बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, 'राज्य सरकार ने नई विकसित टाउन प्लानिंग योजनाओं में पेड़ लगाने के लिए लगभग एक प्रतिशत भूमि आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इस प्रावधान का उपयोग बगीचे, पार्क और ऑक्सीजन पार्क बनाने के लिए किया जाना चाहिए।' उन्होंने स्थानीय निकायों से 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत शहरों को हरा-भरा बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
₹3,850 करोड़ का आवंटन
स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत जारी ₹3,850 करोड़ में से ₹2,992 करोड़ राज्य के 17 नगर निगमों को और ₹858 करोड़ 152 नगर पालिकाओं को आवंटित किए गए। गौरतलब है कि यह अब तक के बड़े एकल आवंटनों में से एक है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
शहरी विकास और वित्त मंत्री कानू देसाई ने कहा कि मुख्यमंत्री पटेल के नेतृत्व में शहरों में विकास कार्य धन की कमी के कारण नहीं रुके हैं, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहरी विकास योजनाओं में जलवायु परिवर्तन के पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। आगे देखें तो निकायों पर अब गुणवत्ता-निगरानी और हरित विकास — दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करने की जिम्मेदारी होगी।