11 अगस्त 2026
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गुजरात: CM भूपेंद्र पटेल ने नगर निकायों को दिए निर्देश, ₹3,850 करोड़ जारी

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गुजरात: CM भूपेंद्र पटेल ने नगर निकायों को दिए निर्देश, ₹3,850 करोड़ जारी

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नगर निकायों को सिर्फ नई परियोजनाएँ शुरू करने तक सीमित न रहने की चेतावनी दी — पूरे हो चुके कार्यों की गुणवत्ता जाँचना भी उतना ही जरूरी है। इसके साथ ₹3,850 करोड़ का बड़ा आवंटन और RCC सड़कों व हरित क्षेत्र के सख्त निर्देश गुजरात के शहरी विकास की दिशा तय करते हैं।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 11 अगस्त को गांधीनगर में नगर निकाय प्रतिनिधियों और अधिकारियों को पूर्ण परियोजनाओं की निगरानी के निर्देश दिए।
स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत ₹3,850 करोड़ जारी — ₹2,992 करोड़ 17 नगर निगमों को और ₹858 करोड़ 152 नगर पालिकाओं को।
नई सड़कें RCC तकनीक से बनाने और शहरी सफाई में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश।
नई टाउन प्लानिंग योजनाओं में पेड़ लगाने के लिए लगभग 1% भूमि आरक्षित करने का निर्णय।
मंत्री कानू देसाई ने शहरी विकास में जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखने पर जोर दिया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार, 11 अगस्त को गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य के नगर निगमों और नगर पालिकाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नए विकास कार्यों की योजना बनाने के साथ-साथ पहले से पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर भी समान रूप से निगरानी रखें। इसी कार्यक्रम में स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत शहरी स्थानीय निकायों को ₹3,850 करोड़ के चेक वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, 'नए कामों की योजना बनाने के साथ-साथ, पुराने और पूरे हो चुके कामों की हालत का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।' उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिलकर साइट का दौरा करने का निर्देश दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परियोजनाएँ तय मानकों के अनुरूप पूरी की जा रही हैं। पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि राशि की उपलब्धता के साथ-साथ उसका सही उपयोग और कार्य की गुणवत्ता भी उतनी ही आवश्यक है।

बुनियादी ढाँचे पर जोर

मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों को निर्देश दिया कि शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में नई सड़कें रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) तकनीक से बनाई जाएँ। उन्होंने शहरी सफाई पर विशेष ध्यान देने और लापरवाही के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब कई शहरी क्षेत्रों में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों की शिकायतें बढ़ रही हैं।

हरियाली और पर्यावरण पर ध्यान

पटेल ने शहरी इलाकों में हरित आवरण बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, 'राज्य सरकार ने नई विकसित टाउन प्लानिंग योजनाओं में पेड़ लगाने के लिए लगभग एक प्रतिशत भूमि आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इस प्रावधान का उपयोग बगीचे, पार्क और ऑक्सीजन पार्क बनाने के लिए किया जाना चाहिए।' उन्होंने स्थानीय निकायों से 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत शहरों को हरा-भरा बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

₹3,850 करोड़ का आवंटन

स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत जारी ₹3,850 करोड़ में से ₹2,992 करोड़ राज्य के 17 नगर निगमों को और ₹858 करोड़ 152 नगर पालिकाओं को आवंटित किए गए। गौरतलब है कि यह अब तक के बड़े एकल आवंटनों में से एक है।

मंत्री की प्रतिक्रिया

शहरी विकास और वित्त मंत्री कानू देसाई ने कहा कि मुख्यमंत्री पटेल के नेतृत्व में शहरों में विकास कार्य धन की कमी के कारण नहीं रुके हैं, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहरी विकास योजनाओं में जलवायु परिवर्तन के पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। आगे देखें तो निकायों पर अब गुणवत्ता-निगरानी और हरित विकास — दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करने की जिम्मेदारी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

850 करोड़ का यह आवंटन प्रभावशाली है, लेकिन मुख्यमंत्री का असली संदेश धन से नहीं, जवाबदेही से जुड़ा है — पूरे हो चुके कार्यों की निगरानी का निर्देश यह स्वीकारोक्ति है कि अब तक यह कमज़ोर कड़ी रही है। RCC सड़कों और साइट-विज़िट की अनिवार्यता सही दिशा में कदम हैं, परंतु बिना स्वतंत्र तृतीय-पक्ष ऑडिट के ये निर्देश केवल कागज़ी रह सकते हैं। गुजरात के शहरी निकायों का पिछला रिकॉर्ड बताता है कि फंड जारी होना और उसका असर दिखना — दोनों के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM भूपेंद्र पटेल ने नगर निकायों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री पटेल ने निर्देश दिया कि नगर निगम और नगर पालिकाएँ नए प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ पहले से पूरे हो चुके विकास कार्यों की स्थिति पर भी नियमित निगरानी रखें। उन्होंने अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को साइट विज़िट करने और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत कितनी राशि जारी की गई?
इस योजना के तहत ₹3,850 करोड़ जारी किए गए, जिसमें से ₹2,992 करोड़ 17 नगर निगमों को और ₹858 करोड़ 152 नगर पालिकाओं को आवंटित किए गए। यह राशि 11 अगस्त को गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में चेक के रूप में वितरित की गई।
गुजरात में नई सड़कों के निर्माण के लिए क्या मानक तय किए गए हैं?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में नई सड़कें रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) तकनीक से ही बनाई जाएँ। यह निर्देश सड़कों की दीर्घकालिक टिकाऊपन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया है।
गुजरात की टाउन प्लानिंग में हरियाली के लिए क्या प्रावधान किया गया है?
राज्य सरकार ने नई टाउन प्लानिंग योजनाओं में पेड़ लगाने के लिए लगभग एक प्रतिशत भूमि आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इस भूमि का उपयोग बगीचे, पार्क और ऑक्सीजन पार्क विकसित करने के लिए किया जाएगा।
'एक पेड़ मां के नाम' पहल से नगर निकायों का क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री पटेल ने नगर निकायों से इस पहल के तहत शहरों में वृक्षारोपण अभियान को गति देने और शहरी हरित क्षेत्र बढ़ाने का आग्रह किया। यह पहल शहरी पर्यावरण सुधार की व्यापक योजना का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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