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भारत की GDP वृद्धि दर 7.7%, PM मोदी बोले — सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत का नतीजा

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भारत की GDP वृद्धि दर 7.7%, PM मोदी बोले — सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत का नतीजा

सारांश

भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% की GDP वृद्धि दर दर्ज की — जर्मनी, जापान और G7 औसत को पीछे छोड़ते हुए। PM मोदी ने इसे सुधारों की सफलता और 140 करोड़ नागरिकों की मेहनत का प्रतिफल बताया। वैश्विक अस्थिरता के बीच यह आँकड़ा भारत की आर्थिक बढ़त को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
नॉमिनल GDP वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत ; नॉमिनल GVA में 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
तुलना में: जर्मनी 0.4% , जापान 0.8% , यूरो क्षेत्र 1.3% , G7 औसत 1.6% ।
PM मोदी ने एक्स पर इसे 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत और सुधारों की सफलता बताया।
मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय सेवाएँ और रियल एस्टेट सहित प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दोहरे अंकों में रही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2026 को कहा कि भारत की आर्थिक विकास की रफ्तार मज़बूत बनी हुई है और सरकार जीवन-सुगमता, व्यापार-सुगमता तथा युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की वार्षिक GDP वृद्धि दर को देश की आर्थिक मज़बूती और नीतिगत सुधारों का प्रतिबिंब बताया।

जीडीपी के प्रमुख आँकड़े

सरकार द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। पूरे वित्त वर्ष के लिए नॉमिनल GDP वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा, रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में 7.9 प्रतिशत और नॉमिनल GVA में 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

सरकारी डेटा के मुताबिक, द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) की वृद्धि दर स्थिर कीमतों पर 8.8 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र (सेवाएँ) की 9.3 प्रतिशत रही। मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, परिवहन, वित्तीय सेवाएँ और रियल एस्टेट — सभी प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर स्थिर एवं मौजूदा दोनों कीमतों पर दोहरे अंकों में रही।

PM मोदी का एक्स पर बयान

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारत की विकास की गति मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती, सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति

यह आँकड़े ऐसे समय में आए हैं जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। तुलनात्मक रूप से, जर्मनी की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत, जापान की 0.8 प्रतिशत, यूरो क्षेत्र की 1.3 प्रतिशत और G7 की औसत वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही। इन आँकड़ों के आधार पर भारत दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे माहौल में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता बनी हुई है, जिसने कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार को प्रभावित किया है।

आगे की राह

सरकारी आँकड़ों में सेवा और उद्योग क्षेत्र का मज़बूत प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि घरेलू माँग और निवेश दोनों की गति बनी हुई है। आर्थिक विश्लेषकों की नज़र अब अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आँकड़ों पर होगी, जो यह बताएंगे कि यह गति टिकाऊ है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह वृद्धि किसके लिए काम कर रही है — क्या यह रोज़गार सृजन और वास्तविक आय में तब्दील हो रही है? GDP के आँकड़े और नागरिकों की ज़मीनी वास्तविकता के बीच की खाई एक स्थायी चिंता रही है। वैश्विक मंदी के बीच भारत का प्रदर्शन सराहनीय है, पर तृतीयक क्षेत्र की 9.3% वृद्धि के मुकाबले कृषि क्षेत्र के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए — जो देश की आधी से अधिक श्रम शक्ति को रोज़गार देता है। नीति-निर्माताओं के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह समावेशी वृद्धि है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर कितनी रही?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। चौथी तिमाही में यह दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि नॉमिनल GDP वृद्धि 8.9 प्रतिशत दर्ज की गई।
PM मोदी ने GDP आँकड़ों पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह वृद्धि दर भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती, सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जीवन-सुगमता और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
भारत की GDP वृद्धि दर अन्य देशों की तुलना में कैसी है?
भारत की 7.7% वृद्धि दर जर्मनी (0.4%), जापान (0.8%), यूरो क्षेत्र (1.3%) और G7 औसत (1.6%) से काफी आगे है। इन आँकड़ों के आधार पर भारत दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
किन क्षेत्रों ने FY26 में सबसे मज़बूत प्रदर्शन किया?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) ने 8.8% और तृतीयक क्षेत्र (सेवाएँ) ने 9.3% की वृद्धि दर्ज की। मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, परिवहन और संचार सेवाओं की वृद्धि दोहरे अंकों में रही।
वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था कैसे बढ़ रही है?
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता के बावजूद भारत की घरेलू माँग और सेवा क्षेत्र की मज़बूती ने विकास की गति बनाए रखी है। विश्लेषकों के अनुसार, सरकारी सुधार और निवेश-अनुकूल नीतियाँ इस प्रदर्शन के प्रमुख कारण हैं।
राष्ट्र प्रेस
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