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GDP 7.7% वृद्धि पर वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं — मोदी सरकार 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर कायम

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GDP 7.7% वृद्धि पर वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं — मोदी सरकार 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर कायम

सारांश

वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की GDP वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत बढ़ी — पहले के 7.1 प्रतिशत के अनुमान को पार करते हुए। वित्त मंत्री सीतारमण ने इसे 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' की जीत बताया, जबकि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही, जो पूर्व अनुमान 7.1 प्रतिशत से अधिक है।
रियल GVA वृद्धि 7.9 प्रतिशत ; चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में GDP 7.8% और GVA 7.9% ।
द्वितीयक क्षेत्र की वृद्धि 8.8% , तृतीयक क्षेत्र की 9.3% — स्थिर कीमतों पर।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनिर्माण, सेवाएँ और वित्तीय क्षेत्र में दोहरे अंकों की वृद्धि की पुष्टि की।
सैयद ज़फर इस्लाम ने एक्स पर कहा — ईरान संघर्ष, टैरिफ युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद यह वृद्धि हासिल हुई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार, 5 जून 2026 को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश की तेज आर्थिक वृद्धि के लिए 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को आगे बढ़ाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया जब सरकारी आँकड़ों ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की — जो पहले के 7.1 प्रतिशत के अनुमान से काफी ऊपर है।

मुख्य आर्थिक आँकड़े

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही। चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत और GVA वृद्धि 7.9 प्रतिशत दर्ज की गई।

द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) और तृतीयक क्षेत्र (सेवाएँ) दोनों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा — स्थिर कीमतों पर इनकी वृद्धि दर क्रमशः 8.8 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत रही।

वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया

सीतारमण ने कहा, 'विशेष रूप से विनिर्माण, व्यापार, मरम्मत, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाएँ, भंडारण और वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवा क्षेत्रों ने वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर और वर्तमान दोनों कीमतों पर दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल की है।' उन्होंने इसे वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मज़बूती का प्रमाण बताया।

भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता डॉ. सैयद ज़फर इस्लाम ने उच्च विकास दर पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जिन लोगों ने महीनों तक भारत में आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी की थी, उनके लिए — वित्त वर्ष 2025-26 में GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले 7.1 प्रतिशत थी। यह ईरान संघर्ष, टैरिफ युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद संभव हुआ है। एक बार फिर, हमारी आर्थिक बुनियाद आलोचकों की कल्पना से कहीं अधिक मजबूत साबित हुई है।'

वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति

गौरतलब है कि यह वृद्धि दर ऐसे समय दर्ज की गई है जब वैश्विक स्तर पर अमेरिका-चीन टैरिफ विवाद, मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका बनी हुई है। भारत का 7.7 प्रतिशत का आँकड़ा उसे प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनाए रखता है।

आगे की राह

वित्त मंत्रालय के संकेतों के अनुसार, सरकार आगामी तिमाहियों में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में सुधारों की गति बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करेगी। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि टिकाऊ तभी होगी जब निवेश और रोज़गार सृजन दोनों में समान तेज़ी बनी रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि व्यापक रोज़गार सृजन में तब्दील हो रही है — क्योंकि उच्च GVA और उच्च बेरोज़गारी एक साथ चल सकती हैं। विनिर्माण और सेवाओं में दोहरे अंकों की वृद्धि प्रभावशाली है, परंतु प्राथमिक क्षेत्र (कृषि) के आँकड़े स्रोत में अनुपस्थित हैं — जो ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर छुपा सकते हैं। 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' का नारा तब तक अधूरा है जब तक सुधारों का लाभ निचले आय वर्ग तक पहुँचने के सत्यापन योग्य प्रमाण न हों।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर कितनी रही?
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही, जो पहले के 7.1 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में यह दर 7.8 प्रतिशत रही।
वित्त मंत्री सीतारमण ने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से क्या मतलब बताया?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को मोदी सरकार की उस नीतिगत प्रतिबद्धता के रूप में वर्णित किया जिसके तहत वैश्विक अस्थिरता के बावजूद आर्थिक सुधारों की गति बनाए रखी जाएगी। उन्होंने विनिर्माण, सेवा और वित्तीय क्षेत्र में दोहरे अंकों की वृद्धि को इसका प्रमाण बताया।
FY26 में किन क्षेत्रों ने सबसे मज़बूत वृद्धि दर्ज की?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) ने 8.8 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र (सेवाएँ) ने 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की — स्थिर कीमतों पर। विनिर्माण, होटल, परिवहन, संचार, वित्तीय और रियल एस्टेट सेवाओं ने दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल की।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की उच्च GDP वृद्धि कैसे संभव हुई?
BJP नेता डॉ. सैयद ज़फर इस्लाम के अनुसार, ईरान संघर्ष, टैरिफ युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मज़बूत बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू खपत और सेवा क्षेत्र की मज़बूती ने बाहरी झटकों को काफी हद तक संतुलित किया।
GVA और GDP में क्या अंतर है और FY26 में दोनों के आँकड़े क्या रहे?
GDP में अप्रत्यक्ष कर और सब्सिडी भी शामिल होती है, जबकि GVA (ग्रॉस वैल्यू एडेड) उत्पादन का शुद्ध माप है। वित्त वर्ष 2025-26 में GDP वृद्धि 7.7 प्रतिशत और GVA वृद्धि 7.9 प्रतिशत रही; चौथी तिमाही में दोनों क्रमशः 7.8 और 7.9 प्रतिशत रहे।
राष्ट्र प्रेस
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