GDP 7.7% वृद्धि पर वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं — मोदी सरकार 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर कायम
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार, 5 जून 2026 को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश की तेज आर्थिक वृद्धि के लिए 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को आगे बढ़ाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया जब सरकारी आँकड़ों ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की — जो पहले के 7.1 प्रतिशत के अनुमान से काफी ऊपर है।
मुख्य आर्थिक आँकड़े
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही। चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत और GVA वृद्धि 7.9 प्रतिशत दर्ज की गई।
द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) और तृतीयक क्षेत्र (सेवाएँ) दोनों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा — स्थिर कीमतों पर इनकी वृद्धि दर क्रमशः 8.8 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत रही।
वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया
सीतारमण ने कहा, 'विशेष रूप से विनिर्माण, व्यापार, मरम्मत, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाएँ, भंडारण और वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवा क्षेत्रों ने वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर और वर्तमान दोनों कीमतों पर दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल की है।' उन्होंने इसे वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मज़बूती का प्रमाण बताया।
भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता डॉ. सैयद ज़फर इस्लाम ने उच्च विकास दर पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जिन लोगों ने महीनों तक भारत में आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी की थी, उनके लिए — वित्त वर्ष 2025-26 में GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले 7.1 प्रतिशत थी। यह ईरान संघर्ष, टैरिफ युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद संभव हुआ है। एक बार फिर, हमारी आर्थिक बुनियाद आलोचकों की कल्पना से कहीं अधिक मजबूत साबित हुई है।'
वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति
गौरतलब है कि यह वृद्धि दर ऐसे समय दर्ज की गई है जब वैश्विक स्तर पर अमेरिका-चीन टैरिफ विवाद, मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका बनी हुई है। भारत का 7.7 प्रतिशत का आँकड़ा उसे प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनाए रखता है।
आगे की राह
वित्त मंत्रालय के संकेतों के अनुसार, सरकार आगामी तिमाहियों में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में सुधारों की गति बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करेगी। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि टिकाऊ तभी होगी जब निवेश और रोज़गार सृजन दोनों में समान तेज़ी बनी रहे।