भारत की GDP 7.8% की रफ्तार से बढ़ी, CM भूपेंद्र पटेल ने सराहा; PM मोदी ने स्वदेशी अपनाने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का स्वागत किया। सरकारी आँकड़ों के अनुसार यह वृद्धि दर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 7 प्रतिशत के अनुमान और बाज़ार की 7.1 प्रतिशत की उम्मीद दोनों से अधिक रही। इसी दिन जारी एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस प्रदर्शन को देश की बड़ी उपलब्धि बताते हुए नागरिकों से 'स्वदेशी' आंदोलन को मज़बूत करने की अपील की।
मुख्य आर्थिक आँकड़े
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में 8.2 प्रतिशत और नॉमिनल जीडीपी में 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। क्षेत्रवार देखें तो मैन्युफैक्चरिंग में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि उल्लेखनीय रही, जबकि वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं में भी काफी विस्तार देखा गया।
आँकड़े यह भी बताते हैं कि निजी निवेश में तेज़ी आई और घरेलू खपत विकास की एक प्रमुख आधारशिला बनी रही। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर युद्ध, सप्लाई चेन में बाधाएँ और तेल की कीमतों का दबाव बना हुआ है।
गुजरात नेतृत्व की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यह विकास दर 1.4 अरब भारतीयों के अटूट संकल्प, कड़ी मेहनत और सामूहिक शक्ति का सबूत है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, नीतियों और इरादों को दिया। पटेल ने 'वोकल फॉर लोकल', 'स्वदेशी' और 'आत्मनिर्भर भारत' पर और अधिक ज़ोर देने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत विकास के रास्ते पर अग्रसर है और यह 7.8 प्रतिशत की वृद्धि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद हासिल की गई है। उन्होंने इस आर्थिक तेज़ी का श्रेय केंद्र सरकार के नेतृत्व को दिया।
PM मोदी का स्वदेशी आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जारी एक वीडियो संदेश में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को देश के लोगों की उपलब्धि बताया। उन्होंने नागरिकों से 'स्वदेशी' आंदोलन और आत्मनिर्भरता को और मज़बूत करने की अपील की। इसमें गैर-ज़रूरी विदेशी यात्राओं, विदेशों में आयोजित शादियों से बचने और सोने पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने की सलाह भी शामिल थी।
गौरतलब है कि यह अपील ऐसे समय में आई है जब सरकार घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और चालू खाता घाटे को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
वाइब्रेंट गुजरात समिट से जुड़ा संदर्भ
मुख्यमंत्री पटेल और उपमुख्यमंत्री संघवी के ये बयान नई दिल्ली में आयोजित 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027' के कर्टेन-रेज़र कार्यक्रम के एक दिन बाद आए। उस कार्यक्रम में निवेश, औद्योगिक विस्तार और देश की व्यापक विकास गाथा में गुजरात की भूमिका को रेखांकित किया गया था। मुख्यमंत्री पटेल ने उस अवसर पर कहा था कि निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत स्थिरता, पारदर्शी निर्णय-प्रक्रिया और त्वरित शासन अनिवार्य हैं।
आगे की राह में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दूसरी तिमाही में यह गति बरकरार रहती है या नहीं, विशेषकर जब वैश्विक माँग में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बने हुए हैं।