नवी मुंबई: स्कूल बस ड्राइवर ने साढ़े तीन साल की बच्ची से किया यौन उत्पीड़न, पनवेल कोर्ट ने भेजा पुलिस हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
नवी मुंबई के कामोठे इलाके में 4 सितंबर को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहाँ एक प्राइवेट स्कूल बस के ड्राइवर ने कथित तौर पर साढ़े तीन साल की एक मासूम बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया। कामोठे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और उसे पनवेल न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ उसे शनिवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई वारदात
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक प्राइवेट बस का चालक था जिसे कामोठे स्थित एक किंडरगार्टन और प्राइमरी स्कूल के छात्रों को घर तक पहुँचाने के लिए नियुक्त किया गया था। बुधवार दोपहर 12:30 बजे, जब बस में अन्य बच्चे उतर चुके थे और पीड़िता अकेली रह गई, तब आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
घर पहुँचने के बाद बच्ची ने पेट दर्द की शिकायत की और अपनी दादी को बताया कि बस ड्राइवर ने उसके साथ गलत हरकत की है। दादी ने तत्काल स्कूल प्रबंधन को सूचित किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मेडिकल जाँच और कानूनी कार्रवाई
मेडिकल जाँच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) एक्ट तथा 12 वर्ष से कम आयु की बच्ची के साथ दुष्कर्म से संबंधित दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। गुरुवार को आरोपी को पनवेल न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने उसे शनिवार तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया।
समाज में आक्रोश और स्कूल सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के उजागर होने के बाद कामोठे के स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए जा रहे हैं — विशेषकर यह कि अकेली बच्ची के साथ ड्राइवर को बस में रहने की अनुमति कैसे दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूल परिवहन में बाल सुरक्षा मानकों की माँग तेज़ हो रही है।
पूर्व में भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पूर्व दिल्ली के बवाना इलाके के एक स्कूल में भी तीन साल की छात्रा के यौन शोषण का मामला सामने आया था। उस मामले में आरोपी स्कूल बस चालक विकास ने कथित तौर पर बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर उसके साथ बार-बार अनुचित व्यवहार किया था। उस मामले में भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। यह दूसरी ऐसी घटना है जो महज कुछ दिनों के अंतराल में सामने आई है, जो स्कूल परिवहन में बाल सुरक्षा की व्यापक खामियों को उजागर करती है।
आगे क्या होगा
आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और जाँच जारी है। स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन पर दबाव है कि वे परिवहन सुरक्षा प्रोटोकॉल की तत्काल समीक्षा करें। POCSO एक्ट के तहत दोषसिद्धि पर कठोर दंड का प्रावधान है।